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ज्यादातर ट्रेनें अब 26 कोच की चलेंगी : मित्तल
बरेली।
Updated Sun, 26 Mar 2017 01:10 AM IST
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Most trains will now run 26 coaches: Mittal
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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चेयरमैन रेलवे बोर्ड अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अब अधिकतर ट्रेनें 26 कोच की चलाई जाएंगी, जिससे वेटिंग से कुछ निजात मिलेगी अबतक ज्यादातर ट्रेनें 22 से24 कोच की हैं। लखनऊ मेल समेत कई ट्रेनों में यह कोच बढ़ा भी दिए गए हैं, अन्य ट्रेनों में भी कोच बढ़ाने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्पेन की ट्रेन टेल्गो चलाने पर अभी कोई डिसीजन ही नहीं हुआ है, इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं बता सकते।
सीआरबी शनिवार को इज्जनगर स्टेशन के निरीक्षण के दौरान वीआईपी वेटिंग रूम में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पास रायबरेली, चेन्नई, कपूरकला, कलकत्ता आदि में कोच फैक्ट्री हैं और यहां भरपूर मात्रा में कोच तैयार किए जा रहे हैं, इसलिए रेलवे के पास न ही कोच की कमी है और न ही स्टाफ की। सीआरबी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान स्टेशनों पर सबसे ज्यादा समस्या लेबल क्रासिंग की आई। मीटरगेज में प्लेटफार्म छोटा होता है, जबकि ब्राडगेज में बड़ा। ऐसे में स्टेशन के पास वाला क्रासिंग यार्ड के दायरे में आ जाता है। जिससे ट्रेन आने जाने के दौरान तो क्रासिंग बंद करना ही पड़ता है, साथ ही शंटिंग के दौरान भी क्रासिंग बंद होने पर यात्रियों को बेहद दिक्कत होती है, इस दिक्कत से निजात के लिए जरूरत के हिसाब से उन्होंने ओवरब्रिज बनाने को भी कहा। इज्जतनगर से साउथ के लिए ट्रेन चलाने की बात पर सीआरबी ने कहा कि पूरी तरह से गेज कर्न्वजन के बाद इस पर विचार किया जाएगा। पटरियों से खिलवाड़ करने की बात पर उन्होंने कहा कि रेलवे अपने पेट्रोल मैन, जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस के सहयोग से इससे निपटेगा।
नाश्ता पांच मिनट बाद हो जाए तो क्या फर्क है
प्रेसवार्ता के दौरान कुछ कर्मचारी उनके लिए चाय नाश्ता लेकर सामने से ही गुजरे। इस पर सीआरबी ने जीएम से कहा कि यह सब पांच मिनट बाद हो जाए तो क्या फर्क पड़ता है। यह कहते हुए सीआरबी ने रूम का गेट बंद करा दिया और विस्तार से पत्रकारों से वार्ता की।
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सीआरबी शनिवार को इज्जनगर स्टेशन के निरीक्षण के दौरान वीआईपी वेटिंग रूम में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पास रायबरेली, चेन्नई, कपूरकला, कलकत्ता आदि में कोच फैक्ट्री हैं और यहां भरपूर मात्रा में कोच तैयार किए जा रहे हैं, इसलिए रेलवे के पास न ही कोच की कमी है और न ही स्टाफ की। सीआरबी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान स्टेशनों पर सबसे ज्यादा समस्या लेबल क्रासिंग की आई। मीटरगेज में प्लेटफार्म छोटा होता है, जबकि ब्राडगेज में बड़ा। ऐसे में स्टेशन के पास वाला क्रासिंग यार्ड के दायरे में आ जाता है। जिससे ट्रेन आने जाने के दौरान तो क्रासिंग बंद करना ही पड़ता है, साथ ही शंटिंग के दौरान भी क्रासिंग बंद होने पर यात्रियों को बेहद दिक्कत होती है, इस दिक्कत से निजात के लिए जरूरत के हिसाब से उन्होंने ओवरब्रिज बनाने को भी कहा। इज्जतनगर से साउथ के लिए ट्रेन चलाने की बात पर सीआरबी ने कहा कि पूरी तरह से गेज कर्न्वजन के बाद इस पर विचार किया जाएगा। पटरियों से खिलवाड़ करने की बात पर उन्होंने कहा कि रेलवे अपने पेट्रोल मैन, जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस के सहयोग से इससे निपटेगा।
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नाश्ता पांच मिनट बाद हो जाए तो क्या फर्क है
प्रेसवार्ता के दौरान कुछ कर्मचारी उनके लिए चाय नाश्ता लेकर सामने से ही गुजरे। इस पर सीआरबी ने जीएम से कहा कि यह सब पांच मिनट बाद हो जाए तो क्या फर्क पड़ता है। यह कहते हुए सीआरबी ने रूम का गेट बंद करा दिया और विस्तार से पत्रकारों से वार्ता की।
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