Bareilly: बंदर समझ गए होशियारी, अब लंगूर के कटआउट से भी नहीं डर रहे; उत्पात से लोग परेशान
बंदरों को भगाने के लिए लोगों ने मकानों पर लंगूर के कटआउट लगाए हैं, लेकिन अब ये तरीका भी असरदार नहीं रहा। लोगों का कहना है कि कटआउट लगा होने के बावजूद बंदर छत पर आकर उत्पात मचाते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के तमाम क्षेत्रों में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय भी अपना रहे हैं। किसी ने घर के खुले हिस्सों को लोहे के जाल से ढक लिया है तो किसी ने बाउंड्री पर कटीले तार लगा लिए हैं। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए कुछ माह पहले लोगों ने घर की छत पर लंगूर का फोटो कटआउट भी लगवाया था, लेकिन बंदरों पर अब इसका प्रभाव भी कम होता दिख रहा है।
शहर में सुभाषनगर, राजेंद्र नगर, मॉडल टाउन, सिविल लाइन, रामपुर बाग, एकता नगर आदि क्षेत्र में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। इससे बचाव के लिए लोगों ने घरों के आगे लंगूर का कटआउट लगाया था। जोकि शुरुआत में तो प्रभावी रहा, अब इसे देखकर बंदर दूर नहीं भाग रहे हैं।
डर के कारण छत पर नहीं जाते हैं बच्चे
सुभाष नगर निवासी राजाराम ने बताया कि बंदरों के आतंक से मोहल्ले के सभी लोग परेशान हैं। इसके लिए कुछ माह पहले छत पर लंगूर का फोटो कटआउट लगाया था। जानकारी मिली थी कि लंगूर से बंदर डरते हैं, लेकिन अब इससे नहीं डर रहे हैं। वहीं एकता नगर निवासी आशीष ने बताया कि बंदरों के कारण लोग घर की छत पर बच्चों को नहीं भेजते हैं। साथ ही अगर कपड़े सूखाने के लिए जाते हैं तो भी बंदरों के छत पर होने की आशंका से डर का माहौल बना रहता है।
नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी का कहना है कि लंगूर से बंदर डरकर दूर भागते हैं। बंदरों के बीच लंगूर का भय इतना होता है कि अगर वह दूर से आवाज सुनकर ही भाग जाते हैं। लंगूर का कटआउट शुरुआत में कुछ हद तक प्रभावी था। अब धीरे-धीरे बंदर कटआउट के आदी हो गए हैं। कहा कि नगर निगम की ओर से अप्रेल माह से अब तक 500 से अधिक बंदर शहर के विभिन्न स्थानों से पकड़कर शाहजहांपुर के खुटार जंगल में छोड़े जा चुके हैं।