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नकटिया नदी और नहर पर कब्जों की दबी फाइलें खुलवाएंगे जलशक्ति राज्यमंत्री

Tue, 30 Jun 2020 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 02:20 AM IST
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Minister of State for Water Power will open the buried files on the Nakatiya river and canal
बलदेव सिंह औलख - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने सिंचाई विभाग के अफसरों से मांगा ब्योरा
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मीरगंज के आर्सेनिक प्रभावित गांवों में साफ पानी के लिए बनेंगे ओवरहेड टैंक

बरेली। जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सिंचाई विभाग में दबी नकटिया नदी और नहरों पर कब्जों की फाइलों को फिर से खुलवाएंगे। उनका कहना है कि सरकारी जमीन पर भूमाफिया के कब्जों को लेकर शासन सख्त है। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के इन मामलों का पूरा चिट्ठा खंगालकर कब्जे हटवाए जाएंगे और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ जाते वक्त सर्किट हाउस में कुछ देर के लिए ठहरे राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के सामने नकटिया नदी की जमीन पर भूमाफिया के कब्जों का मामला उठाया गया। हाल में तहसील प्रशासन ने नकटिया नदी की पैमाइश कर तमाम बड़े कब्जे चिह्नित भी किए थे, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अब तक उन्हें नहीं हटाया है। इसके अलावा कई नहरों पर भी अवैध कब्जे हैं। बिल्डरों ने उन पर कॉलोनियां तक बसा दी हैं। राज्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि बहेड़ी में विभाग की काफी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। नकटिया नदी और नहर विभाग की जमीनों पर कब्जों के रिकॉर्ड लेकर इन पर भी जल्द एक्शन लिया जाएगा। मीरगंज के गहरौली सहित कई गांवों में आर्सेनिक युक्त पानी पीने से लोगों के कैंसर का शिकार होने के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार इसे लेकर गंभीर है। जल्द ही इन गावों में ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे।
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बदायूं सिंचाई प्रोजेक्ट को फिर से रिवाइज कराकर शासन में होगी पैरवी

सिंचाई विभाग की करीब 1800 करोड़ की बदायूं सिंचाई परियोजना कई साल से ठप है। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने बताया कि ये प्रोजेक्ट उनकी जानकारी में है। सिंचाई विभाग ने पहले प्रोजेक्ट का एस्टीमेट शासन को दिया था, लेकिन लागत अधिक होने के कारण वह पास नहीं हो सका था। इस परियोजना के एस्टीमेट को फिर से रिवाइज करके मंजूरी के लिए शासन में पैरवी की जाएगी।
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