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रबर फैक्टरी प्रकरण में पक्षकारों के साथ जल्द बैठक होने की उम्मीद
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बरेली। फतेहगंज पश्चिमी में 23 सालों से बंद पड़ी रबर फैक्टरी की बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन पुनर्र्पवेश याचिका पर पैरवी और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के महाधिवक्ता के अलावा शासन ने अब कमेटी में एक और अधिकारी को शामिल किया है। इसके बाद जिला प्रशासन से रबर फैक्टरी प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही पक्षकारों के साथ बैठक की तारीख तय करने को भी कहा है।
रबर फैक्टरी को दी गई जमीन वापस लेने के लिए कोरोना की दूसरी लहर के बाद राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पैरवी के लिए महाधिवक्ता को जिम्मेदारी सौंपी थी। इधर, जिला प्रशासन ने भी जमीन संबंधी सभी दस्तावेेज जुटा लिए हैं। पक्षकारों से भी वार्ता चल रही है लेकिन कोर्ट में सुनवाई की तिथि न मिलने से देरी हो रही है। इस बीच इस केस में मजबूत पैरवी के लिए शासन ने क मेटी में एक और सदस्य को शामिल किया है ताकि सुनवाई शुरू होते ही मजबूत पैरवी की जा सके।
शासन ने इस कमेटी में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नेहा जैन को बतौर सदस्य शामिल किया है। नेहा जैन ने जिला प्रशासन से हाईकोर्ट में लंबित कंपनी पिटीशन संख्या 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिक न्स्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मेसर्स सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड व अन्य की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने इस रिपोर्ट में वादों की मौजूदा स्थिति, न्यूनतम धनराशि/पैकेज के निर्धारण और देयों की स्थिति का ब्योरा देने को कहा है।
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ऑफि शियल लिक्विडेटर को सौंप चुके हैं कर्मचारियों की मांगी गई जानकारियां
रबर फैक्टरी के एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के महासचिव अशोक मिश्रा के नेतृत्व में सवेतन अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों अथवा मृतक कर्मियों के आश्रितों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। इनके मुताबिक फैक्टरी के सभी 1443 कर्मचारियोें के वैधानिक भुगतान पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑफिशियल लिक्विडेटर के पास सभी कर्मचारियों का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक की पासबुक की फोटोकॉपी और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा था जिसे जमा करा दिया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने पिछले दिनों में कई बार जिला प्रशासन से प्रकरण पर जानकारी मांगी पर ठोस जवाब नहीं मिला।
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रबर फैक्टरी को दी गई जमीन वापस लेने के लिए कोरोना की दूसरी लहर के बाद राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पैरवी के लिए महाधिवक्ता को जिम्मेदारी सौंपी थी। इधर, जिला प्रशासन ने भी जमीन संबंधी सभी दस्तावेेज जुटा लिए हैं। पक्षकारों से भी वार्ता चल रही है लेकिन कोर्ट में सुनवाई की तिथि न मिलने से देरी हो रही है। इस बीच इस केस में मजबूत पैरवी के लिए शासन ने क मेटी में एक और सदस्य को शामिल किया है ताकि सुनवाई शुरू होते ही मजबूत पैरवी की जा सके।
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शासन ने इस कमेटी में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नेहा जैन को बतौर सदस्य शामिल किया है। नेहा जैन ने जिला प्रशासन से हाईकोर्ट में लंबित कंपनी पिटीशन संख्या 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिक न्स्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मेसर्स सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड व अन्य की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने इस रिपोर्ट में वादों की मौजूदा स्थिति, न्यूनतम धनराशि/पैकेज के निर्धारण और देयों की स्थिति का ब्योरा देने को कहा है।
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ऑफि शियल लिक्विडेटर को सौंप चुके हैं कर्मचारियों की मांगी गई जानकारियां
रबर फैक्टरी के एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के महासचिव अशोक मिश्रा के नेतृत्व में सवेतन अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों अथवा मृतक कर्मियों के आश्रितों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। इनके मुताबिक फैक्टरी के सभी 1443 कर्मचारियोें के वैधानिक भुगतान पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑफिशियल लिक्विडेटर के पास सभी कर्मचारियों का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक की पासबुक की फोटोकॉपी और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा था जिसे जमा करा दिया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने पिछले दिनों में कई बार जिला प्रशासन से प्रकरण पर जानकारी मांगी पर ठोस जवाब नहीं मिला।