{"_id":"67158b7010f84d081c0d3554","slug":"medicines-reached-district-hospital-batch-number-recorded-search-for-responsible-continues-bareilly-news-c-4-bly1015-505561-2024-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: जिला अस्पताल पहुंचीं दवाएं, बैच नंबर दर्ज, जिम्मेदारों की खोज जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: जिला अस्पताल पहुंचीं दवाएं, बैच नंबर दर्ज, जिम्मेदारों की खोज जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बिथरी चैनपुर क्षेत्र में सड़क किनारे दवाएं फेंके जाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। सभी दवाओं के बैच नंबर दर्ज किए गए हैं। सोमवार को औषधि गोदाम खुलने पर बैच नंबर का मिलान होगा। जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शनिवार दोपहर बिथरी चैनपुर क्षेत्र में महाराजा अग्रसेन कॉलेज रोड पर कैल्सीफेरॉल जिलैटिन, मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड टेबलेट, आईबूप्रोफिन सिरप, सेबुटामॉल दवा की कई पेटियां पड़ी हुई थीं। राहगीरों ने स्थानीय सीएचसी के एमओआईसी को इसकी जानकारी दी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो शाम सात बजे दवाएं सड़क से उठाकर बिथरी सीएचसी पहुंचाई गईं। वहां दवाओं के बैच नंबर दर्ज किए गए। रात में औषधि गोदाम बंद होने से संबंधित बैच का मिलान नहीं हो सका।
सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राकेश को मामले की जांच सौंपी है। फेंकी कोई दवा एक्सपायर नहीं थी। इस वजह से रविवार को जिला अस्पताल में बैच नंबर दर्ज कर उन्हें वितरण के लिए उपलब्ध करा दिया गया, ताकि उनका उचित उपयोग हाे सके।
विज्ञापन
कितनी दवा किस सीएचसी को कब उपलब्ध कराई गई थी? किसने इन दवाओं को रिसीव किया था? ये सभी जानकारी बैच नंबर से स्प्ष्ट हो जाएगी। इसी से दवा फेंकने वाले की पहचान होगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शनिवार दोपहर बिथरी चैनपुर क्षेत्र में महाराजा अग्रसेन कॉलेज रोड पर कैल्सीफेरॉल जिलैटिन, मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड टेबलेट, आईबूप्रोफिन सिरप, सेबुटामॉल दवा की कई पेटियां पड़ी हुई थीं। राहगीरों ने स्थानीय सीएचसी के एमओआईसी को इसकी जानकारी दी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो शाम सात बजे दवाएं सड़क से उठाकर बिथरी सीएचसी पहुंचाई गईं। वहां दवाओं के बैच नंबर दर्ज किए गए। रात में औषधि गोदाम बंद होने से संबंधित बैच का मिलान नहीं हो सका।
विज्ञापन
सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राकेश को मामले की जांच सौंपी है। फेंकी कोई दवा एक्सपायर नहीं थी। इस वजह से रविवार को जिला अस्पताल में बैच नंबर दर्ज कर उन्हें वितरण के लिए उपलब्ध करा दिया गया, ताकि उनका उचित उपयोग हाे सके।
विज्ञापन
कितनी दवा किस सीएचसी को कब उपलब्ध कराई गई थी? किसने इन दवाओं को रिसीव किया था? ये सभी जानकारी बैच नंबर से स्प्ष्ट हो जाएगी। इसी से दवा फेंकने वाले की पहचान होगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो