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आक्सीजन सरकारी दर पर उपलब्ध
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बरेली। मेडिकल ऑक्सीजन कीमतों पर चल रहे घमासान का व्यापारियों ने पटाक्षेप कर दिया है। सप्लायरों ने कहा कि वे निर्धारित सरकारी कीमत से कम पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएंगे।
गुरुवार शाम सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार और मेडिकल ऑक्सीजन सप्लायरों ने संयुक्त बैठक कर कीमतों को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लगा दिया है। बैठक में लिक्विड गैस प्रोसेस कर सिलेंडर में भरने के बाद अस्पताल में सप्लाई करने और उस पर आने वाले खर्चों पर खुली चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि उन्हें 17.50 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर गैस खरीदते हैं, सरकार ने भी यही दर तय की है। ऐसी स्थिति में कारोबार कैसे किया जाए? व्यापारियों ने बताया कि सिलेंडर में सात क्यूबिक गैस आती है, इससे गैस मूल्य 122.43 रुपये में होता है। इसके बाद जीएसटी, भाड़ा और अन्य खर्चें भी हैं। डीएलए संजय कुमार ने व्यापारियों से आग्रह किया इस समय गुणा भाग और फायदा नुकसान का मौका नहीं है। कोविड 19 को देखते हुए जनहित में कारोबार कराना होगा। इसलिए व्यापारी वर्ग इसमें सहयोग करें। इस पर व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मेडिकल सिलेंडर लागत से 2.43 रुपये कम यानी 120 रुपये में उपलब्ध कराएंगे। जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। संयुक्त वार्ता में औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा, ममता रानी, व्यापारी पीयूष अग्रवाल, दुर्गेश खटवानी, हर्ष वैश्य आदि मौजूद रहे।
एक गैस फर्म में मिली गड़बड़ी, जांच शुरू
मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर पर मनमानी कीमत वसूली को लेकर शासन सख्त हो गया। इसके तहत 17.50 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर गैस दाम तय किया गया है। जबकि बाजार में कई गुना कीमतें वसूली जा रही हैं। मनमानी कीमतों पर अंकुश लगाने को चले अभियान में एक गैस फर्म में गड़बड़ी मिली है। यही वही फर्म है, जिसने लिखित तौर पर कोविड अस्पताल को सिलिंडर सप्लाई से इंकार किया है। एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि अभिलेखों की जांच रही है। इसके बाद सख्त कार्रवाई होगी।
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‘मेडिकल ऑक्सीजन कारोबारियों ने सरकारी दरों से कम कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा है। जनहित में उनका सकारात्मक कदम है। इससे कालाबाजारी आदि पर अंकुश लगेगा। निर्धारित दरों से ज्यादा कीमत पर ऑक्सीजन बेचने पर कार्रवाई होगी। इसकी चेकिंग भी कराई जा रही है।’
- संजय कुमार, सहायक आयुक्त औषधि
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गुरुवार शाम सहायक आयुक्त औषधि संजय कुमार और मेडिकल ऑक्सीजन सप्लायरों ने संयुक्त बैठक कर कीमतों को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लगा दिया है। बैठक में लिक्विड गैस प्रोसेस कर सिलेंडर में भरने के बाद अस्पताल में सप्लाई करने और उस पर आने वाले खर्चों पर खुली चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि उन्हें 17.50 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर गैस खरीदते हैं, सरकार ने भी यही दर तय की है। ऐसी स्थिति में कारोबार कैसे किया जाए? व्यापारियों ने बताया कि सिलेंडर में सात क्यूबिक गैस आती है, इससे गैस मूल्य 122.43 रुपये में होता है। इसके बाद जीएसटी, भाड़ा और अन्य खर्चें भी हैं। डीएलए संजय कुमार ने व्यापारियों से आग्रह किया इस समय गुणा भाग और फायदा नुकसान का मौका नहीं है। कोविड 19 को देखते हुए जनहित में कारोबार कराना होगा। इसलिए व्यापारी वर्ग इसमें सहयोग करें। इस पर व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मेडिकल सिलेंडर लागत से 2.43 रुपये कम यानी 120 रुपये में उपलब्ध कराएंगे। जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। संयुक्त वार्ता में औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा, ममता रानी, व्यापारी पीयूष अग्रवाल, दुर्गेश खटवानी, हर्ष वैश्य आदि मौजूद रहे।
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एक गैस फर्म में मिली गड़बड़ी, जांच शुरू
मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर पर मनमानी कीमत वसूली को लेकर शासन सख्त हो गया। इसके तहत 17.50 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर गैस दाम तय किया गया है। जबकि बाजार में कई गुना कीमतें वसूली जा रही हैं। मनमानी कीमतों पर अंकुश लगाने को चले अभियान में एक गैस फर्म में गड़बड़ी मिली है। यही वही फर्म है, जिसने लिखित तौर पर कोविड अस्पताल को सिलिंडर सप्लाई से इंकार किया है। एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि अभिलेखों की जांच रही है। इसके बाद सख्त कार्रवाई होगी।
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‘मेडिकल ऑक्सीजन कारोबारियों ने सरकारी दरों से कम कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा है। जनहित में उनका सकारात्मक कदम है। इससे कालाबाजारी आदि पर अंकुश लगेगा। निर्धारित दरों से ज्यादा कीमत पर ऑक्सीजन बेचने पर कार्रवाई होगी। इसकी चेकिंग भी कराई जा रही है।’
- संजय कुमार, सहायक आयुक्त औषधि