Bareilly News: नहीं टूटेगी 72 साल पुरानी परंपरा, जोगी नवादा में ही होगी रामलीला, महापौर ने दिया आश्वासन
बरेली के जोगी नवादा में होने वाली रामलीला पर संशय के बादल छट गए हैं। मेला समिति के पदाधिकारियों की पहल पर मेयर उमेश गौतम ने आश्वासन दिया है कि रामलीला जोगी नवादा में ही होगी। उन्होंने पदाधिकारियों को तैयारियां शुरू करने के लिए कहा है
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बरेली के जोगी नवादा में 72 साल पुरानी परंपरा नहीं टूटेगी। निर्धारित स्थल पर ही रामलीला का मंचन होगा। हिंदू जागरण मंच व मेला समिति के पदाधिकारियों की पहल पर महापौर ने उनको तैयारियां शुरू करने के लिए कहा है। साथ ही, मुख्य अभियंता को वहां की ऊंची-नीची जमीन को समतल कराने का निर्देश दिया है।
वनखंडीनाथ मंदिर के सामने आयोजित होने वाली रामलीला पर संशय के बादल मंडराए तो शुक्रवार को हिंदू जागरण मंच के दुर्गेश, रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र राठौर व अन्य पदाधिकारी महापौर उमेश गौतम के पास पहुंचे। बताया कि निगम की जमीन पर मेला लगता था, लेकिन इस बार रातों-रात वहां बड़े पेड़ वहां लगा दिए।
इस पर महापौर ने साफ कहा कि पहले भी आपके साथ मीटिंग हुई है, नगर निगम ने वहां पर आप लोगों के लिए वाटिका तैयार की है। ट्रालियों से भरकर कूड़े को हटवाया। पिछली मीटिंग में समिति के सदस्य सामने वाली जगह पर राजी हो गए थे और चले गए थे। इसके बाद वहां पर रोड जाम करने की क्या जरूरत आ गई?
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उन्होंने कहा कि सामने वाली निगम की जमीन पर आप काम शुरू करें, आपको जमीन अच्छी करके देंगे। वह खुद निरीक्षण को आएंगे, अगर लगा कि जमीन का कुछ हिस्सा देना पड़ेगा तो उसका भी हल निकाला जाएगा। बैठक में सहमति बनने के बाद मुख्य अभियंता को महापौर ने जमीन को समतल करने के निर्देश दिए हैं।
पुतला दहन और दंगल के लिए अलग से हो सकता है इंतजाम
बैठक में मामला उठा कि जिस जगह पर निगम रामलीला लगाने को कह रहा है। वह जमीन बहुत छोटी है। लाखों की भीड़ होती है, जिससे अव्यवस्था फैल जाएगी। पुतला दहन के लिए तीनों पुतलों के चारों ओर सौ फीट की जगह चाहिए होगी। पुतलों की लंबाई भी काफी होती है, ऐसे में वहां पर पुतला दहन नहीं हो सकेगा। वहीं दंगल के लिए भी अलग जगह देखनी होगी। निगम जो जमीन दे रहा है, वहां सिर्फ दुकानें लग सकती है।
इस पर महापौर ने कहा कि आप काम कराना शुरू करें, एक नक्शा बनवाएं। प्लान बनाने के बाद वह खुद निरीक्षण को पहुंचेंगे और जरूरत पड़ी तो आगे की जमीन या कहीं और जमीन मुहैया कराई जाएगी। महापौर ने यह भी कहा कि जो जमीन दी जा रही है, उसको लिखित तौर समिति को ही रामलीला को सौंप देंगे।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि मेला समिति के पदाधिकारियों से बातचीत हुई है। वह निगम की ओर से दी जाने वाली जमीन को छोटा बता रहे हैं। सहमति बनी है कि हम जमीन को व्यवस्थित करवा कर फिलहाल दे रहे हैं। वहां पर आयोजन के लिए भूमिका तैयार करें, जरूरत पड़ने पर और जगह दी जाएगी। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है।