वक्फ बोर्ड के गठन की मांग: मौलाना शहाबुद्दीन ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा- सूफी मुसलमानों को मिले कमान
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सीएम योगी को पत्र भेजकर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के जल्द गठन की मांग की है। मौलाना ने कहा कि बोर्ड कई महीनों से भंग है, जिससे धार्मिक संस्थानों के कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं।
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ के जल्द गठन की मांग की है। मौलाना ने बोर्ड की जिम्मेदारी सुन्नी सूफी मुसलमानों को देने का भी सुझाव दिया है।
मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड कई महीनों से भंग है। इस कारण मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों सहित अन्य धार्मिक संस्थानों के कामकाज और संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 35 साल से कट्टरपंथी विचारधारा के लोग ही बोर्ड पर काबिज रहे हैं। इन लोगों ने वक्फ को भारी नुकसान पहुंचाया है।
मौलाना ने पत्र में लिखा कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियां बुजुर्गों ने इसलिए वक्फ की थीं, ताकि उनसे होने वाली आमदनी गरीब और कमजोर मुसलमानों पर खर्च की जा सके। लेकिन पिछले 35 वर्षों में ऐसा कुछ नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी (सपा) के चहेते वक्फ बोर्ड पर काबिज रहे। इन्होंने वक्फ की संपत्तियों को बेचा और खुर्द-बुर्द किया। इस घोटाले की भी जांच होनी चाहिए।
वक्फ संपत्तियों की बर्बादी के आरोप
मौलाना ने कहा कि एक व्यक्ति 15-16 साल तक बोर्ड का अध्यक्ष रहा। उसके कार्यकाल में वक्फ की संपत्तियों की बड़ी बर्बादी हुई। करोड़ों रुपये की जमीनें रेवड़ियों के भाव बेची गईं। यह व्यक्ति अखिलेश यादव और आजम खान का चहेता था।
सीबीआई जांच की मांग
मौलाना ने वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। नए बोर्ड के गठन में लोगों का चयन खूब छानबीन के साथ होना चाहिए। इससे भविष्य में अच्छे काम हो सकेंगे।