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Bareilly News: आरोप से घिरे खंड विकास अधिकारी तय करेंगे अधीनस्थों की जिम्मेदारी
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बरेली। नर्सरी बनाने के नाम पर मनरेगा में फर्जीवाड़ा करके 24.60 लाख रुपये हड़पने की कोशिश करने के मामले में जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी जग प्रवेश ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी, लेकिन इससे पहले मीरगंज के खंड विकास अधिकारी जांच कर आख्या देंगे।
मीरगंज ब्लॉक के धंतिया गांव में मनरेगा के तहत ढाई लाख रुपये के काम के लिए 24.60 लाख का एस्टीमेट तैयार किया गया। ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह की ओर से फोन पर आई शिकायत के बाद मनरेगा उपायुक्त गंगाराम जांच के लिए गए थे। स्पष्ट हुआ कि फर्जीवाड़े में ग्राम स्तरीय कर्मचारी से लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारी तक शामिल हैं। गंगाराम ने बताया कि खंड विकास अधिकारी से कहा गया है कि वे एक सप्ताह में जवाबदेही तय कर दोषियों को दंडित कराएं।
नर्सरी स्थापना के लिए स्वयं सहायता समूह ने कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया। लोगों के निजी खेत में काम कराया गया। ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर जांच के घेरे में हैं। एस्टीमेट बनने से लेकर वित्तीय स्वीकृति तक खंड विकास अधिकारी की अनदेखी सामने आई है।
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गंगा राम, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
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मीरगंज ब्लॉक के धंतिया गांव में मनरेगा के तहत ढाई लाख रुपये के काम के लिए 24.60 लाख का एस्टीमेट तैयार किया गया। ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह की ओर से फोन पर आई शिकायत के बाद मनरेगा उपायुक्त गंगाराम जांच के लिए गए थे। स्पष्ट हुआ कि फर्जीवाड़े में ग्राम स्तरीय कर्मचारी से लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारी तक शामिल हैं। गंगाराम ने बताया कि खंड विकास अधिकारी से कहा गया है कि वे एक सप्ताह में जवाबदेही तय कर दोषियों को दंडित कराएं।
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नर्सरी स्थापना के लिए स्वयं सहायता समूह ने कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया। लोगों के निजी खेत में काम कराया गया। ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर जांच के घेरे में हैं। एस्टीमेट बनने से लेकर वित्तीय स्वीकृति तक खंड विकास अधिकारी की अनदेखी सामने आई है।
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