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तीन सालों में 12 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं मनीष
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मेडल दिखाते मनीष।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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19 वर्षीय पावर लिफ्टर को प्रदेश सरकार से मिल चुका है यूथ आईकॉन अवार्ड
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बरेली। शहर की आशुतोष सिटी में रहने वाले 19 वर्षीय पॉवर लिफ्टर मनीष तीन सालों में नेशनल स्तर पर 12 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। स्टेट प्रतियोगिता में मनीष को स्ट्रांग मैन का खिताब भी मिल चुका है। प्रदेश सरकार ने उन्हें यूथ आईकॉन अवार्ड दिया है। उनका सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का है।
मनीष के पिता लेखराज सिंह पुलिस में हैं। मनीष बताते हैं कि वर्ष 2017 में उन्होंने पॉवर लिफ्टिंग में कॅरियर बनाने का फैसला किया और कोच प्रणय कुमार की देखरेख में प्रैक्टिस शुरू की। एक साल बाद ही मनीश ने नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया और तीन साल के भीतर 12 गोल्ड मेडल जीत लिए। इधर, करीब डेढ़ साल से कोरोना के कारण किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके हैं। स्टेडियम बंद होने से प्रैक्टिस भी ठीक से नहीं हो पा रही है। कोच प्रणय कुमार बताते हैं कि जीआईसी इंटर कॉलेज की ओर से खेलते हुए मनीष ने जितने मेडल सिर्फ दो साल में जीते हैं, उतने आज तक इस स्कूल का कोई खिलाड़ी नहीं जीत सका।
मनीष के पिता लेखराज सिंह पुलिस में हैं। मनीष बताते हैं कि वर्ष 2017 में उन्होंने पॉवर लिफ्टिंग में कॅरियर बनाने का फैसला किया और कोच प्रणय कुमार की देखरेख में प्रैक्टिस शुरू की। एक साल बाद ही मनीश ने नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया और तीन साल के भीतर 12 गोल्ड मेडल जीत लिए। इधर, करीब डेढ़ साल से कोरोना के कारण किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके हैं। स्टेडियम बंद होने से प्रैक्टिस भी ठीक से नहीं हो पा रही है। कोच प्रणय कुमार बताते हैं कि जीआईसी इंटर कॉलेज की ओर से खेलते हुए मनीष ने जितने मेडल सिर्फ दो साल में जीते हैं, उतने आज तक इस स्कूल का कोई खिलाड़ी नहीं जीत सका।
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