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बीएल एग्रो की रिफाइनरी में हुए हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
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विलाप करते परिजन। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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तीन कर्मचारियों की टैंक में दम घुटने से हुई थी मौत, तकनीकी पहलुओं के साथ सभी बिंदुओं पर एडीएम सिटी करेंगे जांच
उद्योग, श्रम और प्रदूषण नियंत्रण के अफसर भी होंगे जांच प्रक्रिया में शामिल
किस गैस से हुई मौत, इसकी जांच के लिए मृत कर्मचारियों का विसरा सुरक्षित
बरेली। खाद्य तेल बनाने वाली बीएल एग्रो कंपनी की सीबीगंज के जौहरपुर स्थित रिफाइनरी में हुए हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत की एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। इस हादसे की तकनीकी पहलुओं के साथ कई बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया में फैक्टरी प्रबंधन के साथ श्रम, प्रदूषण नियंत्रण और कारखाना विभाग के अफसर शामिल रहेंगे। उधर, तीनों मृत कर्मचारियों के पोस्टमार्टम के बाद उनका विसरा सुरक्षित किया गया है।
बीएल एग्रो की रिफाइनरी के एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के 15 फुट गहरे टैंक की सफाई के दौरान मंगलवार सुबह फैक्टरी के कर्मचारी नदोसी निवासी 24 वर्षीय नीरज, गौतारा के 25 वर्षीय यासीन शाह और जौहरपुर के 32 वर्षीय विजय की गैस में दम घुटने से मौत हो गई थी। चार अन्य कर्मचारी नितिन मिश्रा, प्रवीण, हेमराज और प्रभात कुमार सिंह भी बेहोश होकर टैंक में गिर गए थे, जिनका अब भी निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
प्रथमदृष्टया जांच में पता चला कि कर्मचारी सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर टैंक में घुसे थे, इसी वजह से यह हादसा हुआ। प्रशासन ने इसे काफी गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। जांच का एक पहलू यह भी होगा कि इस तरह के हादसों से निपटने के लिए फैक्टरी प्रबंधन के पास क्या इंतजाम हैं और हादसे के लिए फैक्टरी प्रबंधन की कोई लापरवाही तो जिम्मेदार नहीं है। कंपनी प्रबंधन की टीमों ने भी जांच शुरू कर दी है।
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विसरा जांच से पता चलेगा किस गैस से हुई मौत
पोस्टमार्टम में नीरज, यासीन शाह और विजय की मौत दम घुटने से होना बताया गया है। मगर किस गैस की वजह से उनका दम घुटा, इसकी जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। किसी और गैस के लीकेज की भी आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को नहीं दी गई कोई तहरीर
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि फैक्टरी में कर्मचारियों की मौत एक हादसा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिए। हादसे को लेकर परिवार वालों ने न तो कोई तहरीर दी है और न ही किसी पर आरोप लगाया है। इस वजह से पुलिस इस मामले में किसी तरह की जांच नहीं कर रही है।
बीएल एग्रो रिफाइनरी में हुए हादसे की मजिस्ट्रेट जांच मैं खुद कर रहा हूं। जांच में कारखाना, श्रम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को भी शामिल किया गया है। तकनीकी पहलुओं के साथ हर बिंदु पर गहनता से जांच कराई जा रही है। अगर कोई खामी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आरडी पांडेय, एडीएम सिटी
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उद्योग, श्रम और प्रदूषण नियंत्रण के अफसर भी होंगे जांच प्रक्रिया में शामिल
किस गैस से हुई मौत, इसकी जांच के लिए मृत कर्मचारियों का विसरा सुरक्षित
बरेली। खाद्य तेल बनाने वाली बीएल एग्रो कंपनी की सीबीगंज के जौहरपुर स्थित रिफाइनरी में हुए हादसे में तीन कर्मचारियों की मौत की एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। इस हादसे की तकनीकी पहलुओं के साथ कई बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया में फैक्टरी प्रबंधन के साथ श्रम, प्रदूषण नियंत्रण और कारखाना विभाग के अफसर शामिल रहेंगे। उधर, तीनों मृत कर्मचारियों के पोस्टमार्टम के बाद उनका विसरा सुरक्षित किया गया है।
बीएल एग्रो की रिफाइनरी के एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के 15 फुट गहरे टैंक की सफाई के दौरान मंगलवार सुबह फैक्टरी के कर्मचारी नदोसी निवासी 24 वर्षीय नीरज, गौतारा के 25 वर्षीय यासीन शाह और जौहरपुर के 32 वर्षीय विजय की गैस में दम घुटने से मौत हो गई थी। चार अन्य कर्मचारी नितिन मिश्रा, प्रवीण, हेमराज और प्रभात कुमार सिंह भी बेहोश होकर टैंक में गिर गए थे, जिनका अब भी निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
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प्रथमदृष्टया जांच में पता चला कि कर्मचारी सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर टैंक में घुसे थे, इसी वजह से यह हादसा हुआ। प्रशासन ने इसे काफी गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। जांच का एक पहलू यह भी होगा कि इस तरह के हादसों से निपटने के लिए फैक्टरी प्रबंधन के पास क्या इंतजाम हैं और हादसे के लिए फैक्टरी प्रबंधन की कोई लापरवाही तो जिम्मेदार नहीं है। कंपनी प्रबंधन की टीमों ने भी जांच शुरू कर दी है।
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विसरा जांच से पता चलेगा किस गैस से हुई मौत
पोस्टमार्टम में नीरज, यासीन शाह और विजय की मौत दम घुटने से होना बताया गया है। मगर किस गैस की वजह से उनका दम घुटा, इसकी जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। किसी और गैस के लीकेज की भी आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को नहीं दी गई कोई तहरीर
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि फैक्टरी में कर्मचारियों की मौत एक हादसा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिए। हादसे को लेकर परिवार वालों ने न तो कोई तहरीर दी है और न ही किसी पर आरोप लगाया है। इस वजह से पुलिस इस मामले में किसी तरह की जांच नहीं कर रही है।
बीएल एग्रो रिफाइनरी में हुए हादसे की मजिस्ट्रेट जांच मैं खुद कर रहा हूं। जांच में कारखाना, श्रम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को भी शामिल किया गया है। तकनीकी पहलुओं के साथ हर बिंदु पर गहनता से जांच कराई जा रही है। अगर कोई खामी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आरडी पांडेय, एडीएम सिटी