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माधोबाड़ी मलिन बस्ती का हालः चोक नालियां और गंदगी देख भड़के नोडल अफसर...येे क्या मजाक है

Sat, 11 Jul 2020 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 02:08 AM IST
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Madhobari slum situation: Nodal officer furious after seeing choke drains and dirt ... what a joke
मलिननि बस्ती का निरीक्षण करते नोडल अफसर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

माधोबाड़ी बस्ती का खस्ता हाल देख नगर आयुक्त को चेताया, दो दिन में करें सुधार
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नोडल अफसर के पहुंचने से चंद मिनट पहले पहुंचे थे सफाई कर्मी

बरेली। कोरोना और संचारी रोगों से निपटने के लिए सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं चेक करने आए नोडल अफसर नवनीत सहगल अचानक मलिन बस्ती मोधाबाड़ी पहुंच गए। नोडल अफसर के बस्ती जाने की भनक लगी तो निगम ने यहां सफाई कर्र्मचारियों की टीम भेजकर सफाई शुरू करा दी। लेकिन तब तक थोड़ी जगह पर ही झाड़ू लगाकर चूना छिड़का गया था कि तभी नोडल अफसर बस्ती पहुंच गए। नवनीत सहगल का काफिला पहुंचा तो हड़बड़ी में सफाई कर्मी खिसक गए। बस्ती में चौतरफा गंदगी पसरी थी और कुछ हिस्से में सड़कें तो बनी थीं लेकिन नालियां नहीं थी। बदहाली देख भड़के नोडल अफसर ने नगर आयुक्त को खरी - खरी सुनाई। हिदायत दी कि दो दिन के भीतर बस्ती की हालत सुधर जानी चाहिए।
माधोबाड़ी में निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर नालियां गंदी मिली। नोडल अफसर के आने से पहले ताजा चूना डाला गया था। नोडल अफसर यह देेखकर भड़क गए कि कई जगहों पर नालियों का अता-पता ही नहीं है। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि जब यहां सड़क बनाई थी तो नालियां भी बनवा देते। निरीक्षण के दौरान नोडल अफसर ने बस्ती के लोगों से पूछा कि सफाई कर्मचारी आता है तो कई लोगों ने बताया कि कभी-कभार ही सफाई होती। ज्यादातर उन्हें ही अपने घर के सड़क-नाली की सफाई करनी होती है। मलिन बस्ती की बदहाली देख उखड़े नोडल अफसर ने स्थानीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्हाेंने कहा कि यह क्या मजाक है। एक तरफ सरकार संचारी रोगों और कोरोना को रोकने के लिए जी जान से जुटी है और यहां सफाई का ये हाल है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को दो दिन का समय दिया। नोडल अफसर ने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त हो जाए। बोले, दो दिन बाद फिर आकर यहां का हाल देखूंगा। नोडल अफसर ने लोगों से वाटर सप्लाई के बारे में पूछा तो एक व्यक्ति ने बताया कि सुबह-शाम दो-दो घंटे ही आपूर्ति होती है। सीवर लाइन को लेकर भी नवनीत सहगल ने नाराजगी जताई।
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सर्किट हाउस में मिला रबर फैक्ट्री के कर्मचारियों का प्रतिनिधि मंडल

बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मंडल सर्किट हाउस में नोडल अफसर नवनीत सहगल से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि 20 साल से बंद पड़ी फैक्ट्री की वजह से कर्मचारी भुखमरी की हालत में पहुंच गए हैं। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि इस प्रकरण में 19 अगस्त 2019 को लखनऊ लोक भवन में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास के यहां पर फैक्ट्री से संबंधित सभी पक्षों के साथ वार्ता हो गई है। नवनीत सहगल से पूरी प्रक्रिया का निस्तारण कराकर कर्मचारियों के देयों का भुगतान दिलाने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि फैक्ट्री की 1170 एकड़ खाली भूमि पर इंडस्ट्रीयल हब बनाकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। इस मौके पर प्रमोद , हजारी लाल आदि मौजूद थे।
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