लखनऊ हाईवे : डबल इंजन की ताकत बगैर नहीं टलेगी आफत
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व्यापारियों ने कहा- एनएचएआई की लापरवाही से अभिशाप बन चुका है हुलासनगरा क्रॉसिंग
व्यापारी कहते हैं कि इस हाईवे पर लखनऊ का सफर करने के नाम से ही लोगों की रूह कांप जाती है। इस हाईवे पर पूरे सफर में जितना समय नहीं लगता, उससे कहीं ज्यादा जाम में फंसने से बर्बाद हो जाता है। पूरे हाईवे पर बेतहाशा गड्ढे हैं। कहीं-कहीं तो सड़क ही खोखली हो गई है जिससे डर लगा रहता है कि कहीं रास्ते में हादसे का शिकार न हो जाएं। इन मुसीबतों की वजह से व्यापारियों ने लखनऊ में अपनी कारोबारी जरूरतों को बेहद सीमित कर लिया है। व्यापारियों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी ओवरब्रिज का न बन पाना, एनएचआई और रेलवे के साथ पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
अब गंभीरता से सोचें अफसर
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। अधिकारियों को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। लोग घंटों जाम में फं से रहते हैं। पुलिसिंग बढ़ाई जाए ताकि जाम से निजात मिल सके। व्यापारियों के लिए यह सबसे गंभीर समस्या है। -राजेंद्र गुप्ता, उप्र उद्योग व्यापार मंडलबरेली से लखनऊ जाने के लिए और कोई रास्ता नहीं है लेकिन इस हाईवे पर जाम की स्थिति इतनी विकट है कि आते और जाते समय तमाम घंटे बर्बाद हो जाते हैं। अक्सर लोग जल्दी में होते हैं, लेकिन जाम में फंसने के बाद समय बर्बाद होता ही है। -आशीष अरोड़ा, युवा व्यापारी
कई बार सिर्फ दिन में ही नहीं रात में भी तीन-चार घंटे जाम में फंसा रहना पड़ता है। यह लगभग रोज का काम हो गया है। इस पर प्रशासन को गंभीरता से सोचना चाहिए ताकि लखनऊ हाईवे पर लोगों को जाम से निजात मिल सके। -राजेश छाबड़ा, होजरी व्यापारी
सवाल तो यह भी है कि जब पुल तैयार नहीं हो पाया था तो गार्डर क्यों बनवा लिए गए। अब एक तरफ गार्डर का पैसा बर्बाद होगा, दूसरी तरफ गार्डर तैयार होने और उन्हें दोबारा वहां रखने में लंबा समय बर्बाद होगा। फि र भी लोग जाम की समस्या से जूझते रहेंगे। -राकेश सेठी, रेडिमेड एवं होजरी व्यापारी
हुलासनगर क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण काफ ी समय से चल रहा है लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया। क्रासिंग बंद होना अलग मामला है और गड्ढे अलग। एनएचआई के अफसर अब तक गड्ढे नहीं भरवा पाए हैं। वह अलग दर्द देते हैं। इन गड्ढों में गाड़ियां खराब होती हैं। -दिनेश अग्रवाल, सराफा व्यापारी
शायद ही ऐसा कभी हुआ हो जब हुलासनगरा क्रॉसिंग से गुजरते समय जाम का सामना न करना पड़ा हो। ओवरब्रिज न होने से कारोबार पर काफ ी असर पड़ता है। व्यापारी कई सालों से इस काम में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं लेकिन स्थितियां नहीं सुधर रही हैं। - संजीव अग्रवाल, सराफा व्यापारी