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भगवान कृष्ण ने माखन से केवल सार चुराया, असार छोड़ दिया
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कथा सुनातीं शिवांगी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
चौथे दिन कथा व्यास शिवांगी ने माखन चोरी लीला का किया वर्णन
बरेली। बिहारीपुर कहरवान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
कथा व्यास शिवांगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की, यह सबको पता है, लेकिन इस घटना के पीछे एक आध्यात्मिक रहस्य है। बोलीं, दूध का सार तत्व माखन है। कान्हा ने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया यानी सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया।
शिवांगी ने कहा कि प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है, इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपना समय, साधन और सामर्थ्य का अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है। वास्तविकता में श्रीकृष्ण केवल ग्वाल-बालों के सखा भर नहीं थे, बल्कि उन्हें दीक्षित करने वाले जगद्गुरु भी थे। श्रीकृष्ण ने उनकी आत्मा का जागरण किया और फिर आत्मिक स्तर पर स्थित रहकर सुंदर जीवन जीने का अनूठा पाठ पढ़ाया। आयोजक चंदू ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक हो रही है। आयोजन में अनुराग, अभिषेक, ब्रजेश, कमल सक्सेना आदि का सहयोग रहा।
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बरेली। बिहारीपुर कहरवान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
कथा व्यास शिवांगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की, यह सबको पता है, लेकिन इस घटना के पीछे एक आध्यात्मिक रहस्य है। बोलीं, दूध का सार तत्व माखन है। कान्हा ने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया यानी सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया।
शिवांगी ने कहा कि प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है, इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपना समय, साधन और सामर्थ्य का अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है। वास्तविकता में श्रीकृष्ण केवल ग्वाल-बालों के सखा भर नहीं थे, बल्कि उन्हें दीक्षित करने वाले जगद्गुरु भी थे। श्रीकृष्ण ने उनकी आत्मा का जागरण किया और फिर आत्मिक स्तर पर स्थित रहकर सुंदर जीवन जीने का अनूठा पाठ पढ़ाया। आयोजक चंदू ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक हो रही है। आयोजन में अनुराग, अभिषेक, ब्रजेश, कमल सक्सेना आदि का सहयोग रहा।
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