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Bareilly News: किसान की जमीन बंधक करके दस लाख का लोन निकाला
Mon, 09 Oct 2023 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 09 Oct 2023 12:44 AM IST
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दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नवलपुर गांव के एक किसान की जमीन बंधक करके 10 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया। उसमें फर्जी आधार कार्ड और पैनकार्ड भी इस्तेमाल किया गया जब किसान को इसकी जानकारी हुई तो उसने बैंक जाकर हंगामा किया तो दूसरे दिन ही लोन अदा जमा करके जमीन बंधन मुक्त कर दी गई। अब किसान इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
ग्राम नवलपुर निवासी भिखारी लाल पुत्र हरिराम का कहना कि जो जमीन बंधक की गई है, वह उसका मालिक है। वह वर्षों से उस पर खेती करता आ रहा है। 29 सितंबर को उसने अपनी खतौनी निकलवाई तो उसे पता चला कि उसकी सारी जमीन पीएनबी दातागंज में बंधक है और जमीन पर 9,95,000 का कृषि लोन है। 31 सितंबर को वह अपने गांव के कुछ लोगों के साथ बैंक में आया तो बैंक मैंनेजर ने यह कहकर टाल दिया कि सारी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद ही लोन दिया जाता है। भिखारी लाल ने बताया कि आधार कार्ड पर नंबर गलत दर्ज है। उसने आज तक पैनकार्ड नहीं बनवाया जबकि बैंक लोन के प्रपत्रों पर पैनकार्ड लगाया गया है। उसके हंगामा करने पर उसी दिन शाम को उसकी जमीन बंधन मुक्त कर दी गई और लोन भी अदा हो गया था। भिखारी लाल का कहना है कि इस हेराफेरी के मामले में जुड़े लोगों का पर्दाफाश होना चाहिए। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उसने न्यायालय में इसका परिवाद भी दर्ज कराया है। इधर, शाखा प्रबंधक आर्येंद्र भूषण ने बताया कि कृषि लोन पूरे कागजातों के जमा कराने पर ही होता है। अगर फिर भी किसी की चूक है तो अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अब न्यायालय के आदेश पर ही इसमें कार्रवाई होगी।
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ग्राम नवलपुर निवासी भिखारी लाल पुत्र हरिराम का कहना कि जो जमीन बंधक की गई है, वह उसका मालिक है। वह वर्षों से उस पर खेती करता आ रहा है। 29 सितंबर को उसने अपनी खतौनी निकलवाई तो उसे पता चला कि उसकी सारी जमीन पीएनबी दातागंज में बंधक है और जमीन पर 9,95,000 का कृषि लोन है। 31 सितंबर को वह अपने गांव के कुछ लोगों के साथ बैंक में आया तो बैंक मैंनेजर ने यह कहकर टाल दिया कि सारी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद ही लोन दिया जाता है। भिखारी लाल ने बताया कि आधार कार्ड पर नंबर गलत दर्ज है। उसने आज तक पैनकार्ड नहीं बनवाया जबकि बैंक लोन के प्रपत्रों पर पैनकार्ड लगाया गया है। उसके हंगामा करने पर उसी दिन शाम को उसकी जमीन बंधन मुक्त कर दी गई और लोन भी अदा हो गया था। भिखारी लाल का कहना है कि इस हेराफेरी के मामले में जुड़े लोगों का पर्दाफाश होना चाहिए। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उसने न्यायालय में इसका परिवाद भी दर्ज कराया है। इधर, शाखा प्रबंधक आर्येंद्र भूषण ने बताया कि कृषि लोन पूरे कागजातों के जमा कराने पर ही होता है। अगर फिर भी किसी की चूक है तो अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अब न्यायालय के आदेश पर ही इसमें कार्रवाई होगी।
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