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शहरों की तरह अब गांवों को भी मिलेगी 24 घंटे बिजली
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अॉनलाइन संवाद करते ऊर्जा मंत्री।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
मुफ्त राशन वितरण अगस्त तक होगा, नए उद्योगों को भी मिलेंगी सुविधाएं
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ऊर्जामंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दी जानकारी, 16 को प्रशासन से करेंगे बात
बरेली। प्रदेश के गांवों को भी अब अतिविशिष्ट बनाने की तैयारी है, इसके तहत गांवों को भी शहरों की तरह 24 घंटे बिजली सप्लाई उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण अंचलों में उद्योग-धंधे विकसित हो सकेंगे। इसके साथ ही गरीबों को अब पांच माह तक मुफ्त राशन, चना मिलेगा। प्रवासी मजदूरों को बसाने और नए उद्योग लगाने के लिए विभिन्न सुविधाएं और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री और बरेली जनपद के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष की उपलब्धियों पर बरेली के पत्रकारों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों को केंद्र में रखकर उन्हें सबल बनाने के लिए पैकेज दिया है। गांव, गरीब, किसान, युवा सबके लिए बिना भेदभाव काम किया है। उत्तर प्रदेश का ऊर्जा विभाग भी इस अभियान में जुड़ेगा और प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप गांवों को अतिविशिष्ट बनाएगा। हम ऐसे गांवों को 24 घंटे बिजली देने जा रहे हैं जहां लाइनलॉस 15 प्रतिशत से कम है। गांवों में बिजली चोरी पर अंकुश और समय से बिल की अदायगी जरूरी है। ऐसे गांव चिह्नित होंगे और वहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। जर्जर तार भी प्राथमिकता पर बदलेंगे।
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उन्होंने बताया कि विभाग करीब 80 हजार करोड़ रुपये घाटे में चल रहा है फिर भी लॉकडाउन में बिजली का संकट पैदा नहीं होने दिया। उद्योगों और कारोबारों को मांग के अनुसार सप्लाई दी जा रही है। बंद उद्योगों के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण बड़े स्तर पर हो रहा है। निवेशकों को विभिन्न सुविधाएं और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। 20 लाख करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर भारत पैकेज भी देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मददगार साबित होगा। इसमें गांव, गरीब, किसान, युवा, व्यापारी, उद्यमी सबकी चिंता की गई है।
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अब पांच माह मिलेगा मुफ्त राशन
ऊर्जामंत्री ने बताया कि गरीबों को मुफ्त राशन वितरण तीन माह तक होना था, लेकिन इसे बढ़ाकर अगस्त तक यानी पांच माह किया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को राशनकार्ड और खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ ही गरीबों के खाते में एक-एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बरेली जनपद में राशन और भोजन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतों पर कहा कि इसकी जांच कराएंगे।
16 को लेंगे अफसरों की खबर
वीडियो कांफ्रेंसिंग पर मिली विभिन्न शिकायतें और सुझाव पर ऊर्जामंत्री ने कहा है कि वे 16 जून को संबंधित अफसरों और जिला प्रशासन से संवाद करेंगे। उन्होंने सुबह नौ से रात नौ बजे तक बाजार खुलने पर कहा व्यापार, व्यापारी और श्रमिकों का ध्यान रखना है। उन्हें अवगत कराया गया कि इस व्यवस्था से 12 घंटे तक प्रतिष्ठानों को खोलना पड़ रहा है, इससे श्रम कानूनों का पालन भी नहीं हो रहा है। व्यापारी दो शिफ्टों में बाजार खोलना चाहते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वे जिला प्रशासन से बात करेंगे। प्रेस वार्ता संचालन प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने किया। बरेली से मीडिया प्रभारी प्रतिपाल सिंह (बंटी ठाकुर) और अंकित माहेश्वरी मौजूद रहे।
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ऊर्जामंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दी जानकारी, 16 को प्रशासन से करेंगे बात बरेली। प्रदेश के गांवों को भी अब अतिविशिष्ट बनाने की तैयारी है, इसके तहत गांवों को भी शहरों की तरह 24 घंटे बिजली सप्लाई उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण अंचलों में उद्योग-धंधे विकसित हो सकेंगे। इसके साथ ही गरीबों को अब पांच माह तक मुफ्त राशन, चना मिलेगा। प्रवासी मजदूरों को बसाने और नए उद्योग लगाने के लिए विभिन्न सुविधाएं और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऊर्जा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री और बरेली जनपद के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष की उपलब्धियों पर बरेली के पत्रकारों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों को केंद्र में रखकर उन्हें सबल बनाने के लिए पैकेज दिया है। गांव, गरीब, किसान, युवा सबके लिए बिना भेदभाव काम किया है। उत्तर प्रदेश का ऊर्जा विभाग भी इस अभियान में जुड़ेगा और प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप गांवों को अतिविशिष्ट बनाएगा। हम ऐसे गांवों को 24 घंटे बिजली देने जा रहे हैं जहां लाइनलॉस 15 प्रतिशत से कम है। गांवों में बिजली चोरी पर अंकुश और समय से बिल की अदायगी जरूरी है। ऐसे गांव चिह्नित होंगे और वहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। जर्जर तार भी प्राथमिकता पर बदलेंगे।
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उन्होंने बताया कि विभाग करीब 80 हजार करोड़ रुपये घाटे में चल रहा है फिर भी लॉकडाउन में बिजली का संकट पैदा नहीं होने दिया। उद्योगों और कारोबारों को मांग के अनुसार सप्लाई दी जा रही है। बंद उद्योगों के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण बड़े स्तर पर हो रहा है। निवेशकों को विभिन्न सुविधाएं और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। 20 लाख करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर भारत पैकेज भी देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मददगार साबित होगा। इसमें गांव, गरीब, किसान, युवा, व्यापारी, उद्यमी सबकी चिंता की गई है।
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