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तीन उपकेंद्र ठप, कई इलाकों में ब्लैक आउट
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बरेली। दोपहर बाद लाइनों में अचानक आए फाल्ट से एक-एक कर राजेंद्रनगर, इज्जतनगर और कोहाड़ापीर तीनों उपकेंद्र ठप हो गए। देर रात तक स्टाफ फाल्ट तलाशता रहा, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। रात नौ बजे तक बिजली न आने पर तीनों उपकेंद्रों से पोषित इलाकों में ब्लैक आउट होने से गुस्साए लोगों ने उपकेंद्रोें पर हंगामा किया। अफसरों ने फोन तक नहीं उठाए। देर रात किसी तरह वैकल्पिक लाइनों से इन इलाकों में सप्लाई दी गई।
बेमौसम और मांग सामान्य होने पर भी शहर में तीन प्रमुख उपकेंद्र एक-एक कर ठप हो गए। हाल ही में तैनात हुए नए अधिकारी माजरा नहीं समझ नहीं पाए। सोमवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे से कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, इज्जतनगर उपकेंद्र धराशायी होना शुरू हो गए। इन तीनों उपकेंद्रों से पोषित इलाकों में केंद्रीय मंत्री, विधान सभा आश्वासन समिति सदस्य, विधायक समेत कई प्रमुख कार्यालय और बड़े उपभोक्ता हैं। इसके बावजूद चीफ इंजीनियर समेत अन्य अफसर इससे बेखबर बने रहे। प्रभावित लोगों ने जब मोबाइल पर अफसरों से संपर्क किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। सबसे ज्यादा कोहाड़ापीर उपकेंद्र प्रभावित रहा, इससे पोषित इलाके रात 11 बजे तक सामान्य हो सके। करीब पौने आठ घंटे तक उमस और गर्मी में लोग परेशान रहे। गुस्साए लोगों ने उपकेंद्रोें पर घेराव कर हंगामा किया। भीड़ ने रास्ता जाम भी किया। जानकारी मिलते ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, दरोगा केएम और अवधेश सेंगर के साथ पहुंच गए। पुलिस ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र पर जाम लगा रहे लोगों को समझाकर शांत किया।
वैकल्पिक सप्लाई देकर चलाया काम
देर रात सलेक्शन प्वाइंट चौराहा पर सिविल लाइंस और डीडी पुरम हाईटेंशन लाइन से प्रभावित उपकेंद्र क्षेत्रों में वैकल्पिक सप्लाई दी गई। एसई शहर एनके मिश्रा ने बताया कि तीनों उपकेंद्रों की लाइनों पर आए फाल्ट तलाशने के लिए टीमें लगाई गई हैं। देर शाम एक्सईएन तृतीय दोहना स्टेशन पर फाल्ट सही कराने और सप्लाई सामान्य करने को रवाना कर दिए थे।
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यह इलाके रहे प्रभावित
कोहाड़ापीर, बानखाना, भूड़, टीबरीनाथ कालोनी, प्रेमनगर, मैकेनियर रोड, गांधीनगर, राजेंद्रनगर, पटेल विहार, इंदिरा नगर, प्रभात नगर, शील चौराहा क्षेत्र, प्रियदर्शिनी नगर, गुलाबनगर, कुदेशिया फाटक, आईवीआरआई, एनई रेलवे कालोनी, कर्मचारीनगर, मिनी बाईपास समेत कई इलाकों में बिजली गुल रही।
चौपट हुए इन्वर्टर, सड़कों पर टहलते दिखे लोग
बरेली। आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन सब स्टेशनों के उपभोक्ता उमस भरी गर्मी में परेशान हो गए। बिजली जाने के बाद लोगों ने इन्वर्टर से पंखे चलाए लेकिन लंबी दिक्कत के चलते कुछ घंटे भी में वे भी धोखा दे गए। बिजली न आने से नगर निगम की पानी सप्लाई भी प्रभावित हुई। परेशान लोगों ने बिजली विभाग के अफसरों को फोन लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके चलते लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए और देर रात तक घरों से बाहर टहलते दिखे।
गर्मी में घर में बैठना हुआ मुश्किल
रियल एस्टेट कारोबारी अशोक राना का कहना है कि शाम तक बिजली का इंतजार करते रहे। बिजली नहीं आई तो टीबरी नाथ मंदिर चले आए। मगर यहां भी अंधेरा ही मिला।
ऐसी गर्मी में घर से बाहर ही रहना अच्छा
गृहणी वैशाली ने कहा कि न बिजली है और न पानी। घर में बैठकर भी क्या करें। सोमवार को मंदिर भी आना है। परिवार के साथ मंदिर में आकर बैठ गए। रात दस बजे गए लेकिन बिजली नहीं आई।
इन्वर्टर बंद हुआ तो दुकान भी बंद
हिमांशु का मैकेनियर रोड पर मेडिकल स्टोर है। दोपहर तीन बजे से इन्वर्टर से पंखा चल रहा था। शाम सात बजे वह भी बंद हो गया तो दुकान बंद कर दी। अब सड़क पर टहल रहे हैं।
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बेमौसम और मांग सामान्य होने पर भी शहर में तीन प्रमुख उपकेंद्र एक-एक कर ठप हो गए। हाल ही में तैनात हुए नए अधिकारी माजरा नहीं समझ नहीं पाए। सोमवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे से कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, इज्जतनगर उपकेंद्र धराशायी होना शुरू हो गए। इन तीनों उपकेंद्रों से पोषित इलाकों में केंद्रीय मंत्री, विधान सभा आश्वासन समिति सदस्य, विधायक समेत कई प्रमुख कार्यालय और बड़े उपभोक्ता हैं। इसके बावजूद चीफ इंजीनियर समेत अन्य अफसर इससे बेखबर बने रहे। प्रभावित लोगों ने जब मोबाइल पर अफसरों से संपर्क किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। सबसे ज्यादा कोहाड़ापीर उपकेंद्र प्रभावित रहा, इससे पोषित इलाके रात 11 बजे तक सामान्य हो सके। करीब पौने आठ घंटे तक उमस और गर्मी में लोग परेशान रहे। गुस्साए लोगों ने उपकेंद्रोें पर घेराव कर हंगामा किया। भीड़ ने रास्ता जाम भी किया। जानकारी मिलते ही प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह, दरोगा केएम और अवधेश सेंगर के साथ पहुंच गए। पुलिस ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र पर जाम लगा रहे लोगों को समझाकर शांत किया।
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वैकल्पिक सप्लाई देकर चलाया काम
देर रात सलेक्शन प्वाइंट चौराहा पर सिविल लाइंस और डीडी पुरम हाईटेंशन लाइन से प्रभावित उपकेंद्र क्षेत्रों में वैकल्पिक सप्लाई दी गई। एसई शहर एनके मिश्रा ने बताया कि तीनों उपकेंद्रों की लाइनों पर आए फाल्ट तलाशने के लिए टीमें लगाई गई हैं। देर शाम एक्सईएन तृतीय दोहना स्टेशन पर फाल्ट सही कराने और सप्लाई सामान्य करने को रवाना कर दिए थे।
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यह इलाके रहे प्रभावित
कोहाड़ापीर, बानखाना, भूड़, टीबरीनाथ कालोनी, प्रेमनगर, मैकेनियर रोड, गांधीनगर, राजेंद्रनगर, पटेल विहार, इंदिरा नगर, प्रभात नगर, शील चौराहा क्षेत्र, प्रियदर्शिनी नगर, गुलाबनगर, कुदेशिया फाटक, आईवीआरआई, एनई रेलवे कालोनी, कर्मचारीनगर, मिनी बाईपास समेत कई इलाकों में बिजली गुल रही।
चौपट हुए इन्वर्टर, सड़कों पर टहलते दिखे लोग
बरेली। आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन सब स्टेशनों के उपभोक्ता उमस भरी गर्मी में परेशान हो गए। बिजली जाने के बाद लोगों ने इन्वर्टर से पंखे चलाए लेकिन लंबी दिक्कत के चलते कुछ घंटे भी में वे भी धोखा दे गए। बिजली न आने से नगर निगम की पानी सप्लाई भी प्रभावित हुई। परेशान लोगों ने बिजली विभाग के अफसरों को फोन लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके चलते लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए और देर रात तक घरों से बाहर टहलते दिखे।
गर्मी में घर में बैठना हुआ मुश्किल
रियल एस्टेट कारोबारी अशोक राना का कहना है कि शाम तक बिजली का इंतजार करते रहे। बिजली नहीं आई तो टीबरी नाथ मंदिर चले आए। मगर यहां भी अंधेरा ही मिला।
ऐसी गर्मी में घर से बाहर ही रहना अच्छा
गृहणी वैशाली ने कहा कि न बिजली है और न पानी। घर में बैठकर भी क्या करें। सोमवार को मंदिर भी आना है। परिवार के साथ मंदिर में आकर बैठ गए। रात दस बजे गए लेकिन बिजली नहीं आई।
इन्वर्टर बंद हुआ तो दुकान भी बंद
हिमांशु का मैकेनियर रोड पर मेडिकल स्टोर है। दोपहर तीन बजे से इन्वर्टर से पंखा चल रहा था। शाम सात बजे वह भी बंद हो गया तो दुकान बंद कर दी। अब सड़क पर टहल रहे हैं।