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Bareilly News: ग्राम प्रधान के ट्रांसपोर्टर पति की हत्या में दोषी को उम्रकैद
Wed, 30 Sep 2026 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:46 AM IST
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा माफी की तत्कालीन ग्राम प्रधान आयशा के ट्रांसपोर्टर पति साबिर खां की हत्या में दोषी रम्पुरा माफी गांव के ही फारुख को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने फारुख के भाई मकसूद और बहन कुलसुम को दोषमुक्त करार दिया है।
आयशा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के सिलसिले में अभयपुर में रहती है। 14-15 जून 2019 की रात एक बजे पति साबिर ने उससे कहा कि उत्तराखंड से ड्राइवर गाड़ियां लेकर आ रहे हैं इसलिए वह मेडिकल काॅलेज तक जा रहा है। इसके बाद उसके पति का कोई सुराग नहीं लगा। मोबाइल फोन भी बंद थे। जांच के दौरान फारुख, मकसूद और कुलसुम के नाम प्रकाश में आए। दो दिन बाद फारुख की निशानदेही पर पुलिस ने न्योधना के गन्ने के एक खेत से साबिर का सिर कटा शव बरामद कर लिया।
पूछताछ में फारुख ने बताया कि साबिर के उसकी परिवार की एक महिला से अवैध संबंध थे। इससे उसकी बदनामी हो रही थी। 14-15 जून की रात भी साबिर उसके घर आया था। बदनामी के डर से उसने साबिर की हत्या कर शव न्योधना गांव के एक खेत में दफन कर दिया।
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जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह व साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मकसूद और कुलसुम को बरी कर दिया। फारुख को साबिर की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पिता के संरक्षण में रहेगा दुष्कर्म का आरोपी किशोर
बरेली। दो दोस्तों के साथ घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोपी किशोर अपचारी अपने पिता के संरक्षण में रहेगा। किशोर न्याय बोर्ड ने 13 जुलाई को उसकी सुपुर्दगी की अर्जी निरस्त कर दी थी। किशोर अपचारी ने इस आदेश को स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह की अदालत में चुनौती दी। स्पेशल जज ने 50 हजार रुपये के बंधपत्र पर किशोर अपचारी को पिता के संरक्षण में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह फेरी लगाने का काम करता है। 15 जुलाई 2025 को दोपहर के समय वह फेरी पर गया था। किशोर अपचारी अपने दो अन्य साथियों के साथ उसके घर में घुस गया। उसकी पत्नी से तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पत्नी को जान से मारने की धमकी दी। महिला ने भी अपने बयानों में आरोपों की पुष्टि की। एक जून 2026 को किशोर अपचारी की आयु 17 साल तीन माह सात दिन निर्धारित की गई।
वह बाल सुधार गृह में है। पिता ने उसकी जमानत और सुपुर्दगी को अर्जी दी थी। किशोर न्याय बोर्ड ने इसे निरस्त कर दिया। पिता ने अपर सत्र न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी। अपर सत्र न्यायालय ने उसकी जमानत मंजूर करते हुए पिता के संरक्षण में देने का आदेश दिया है।
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जानलेवा हमले के आरोपी सगे भाइयों को अग्रिम जमानत
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने जानलेवा हमले में भुता थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया हजारी लाल निवासी सगे भाइयों संजीव कुमार और धर्मपाल की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकृत कर ली है। भुता थाने में तुषार कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार जुलाई 2026 को शाम छह बजे अजयवीर, धर्मपाल, सत्यवीर, संजीव, राजीव, बादल, कल्लू, सुरजीत, संजीव और सुरेश उसका खेत जबरन जोतने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने फायरिंग करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों के वकील ने कहा कि मामला क्रॉस केस का है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत स्वीकृत कर ली है।
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पीड़िता समेत गवाह पक्षद्रोही, पॉक्सो एक्ट में आरोपी सगे भाई दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नम्रता अग्रवाल ने पॉक्सो एक्ट में आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सगे भाई बाबू उर्फ प्रेम शंकर और वीरपाल को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष किशोरी की उम्र के संबंध में कोई प्रमाण नहीं दे सका। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में उसकी आयु 18 वर्ष बताई गई। मामले में पीड़िता, उसकी मां और चाचा ने बयान बदल दिए।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 नवंबर 2017 की शाम उसकी 14 साल की बेटी शाम पांच बजे खेत से नहर पर जा रही थी। रास्ते में सगे भाइयों बाबू उर्फ प्रेम शंकर, मानसिंह, पुतू लाल, राजकुमार व वीरपाल और वीरपाल की मां ने उसकी बेटी को नशा देकर अगवा कर लिया। कार से नवाबगंज की की ओर ले गए।
उसकी बेटी के साथ रुद्रपुर में बाबू और वीरपाल ने दुष्कर्म किया। जांच के बाद पुलिस ने बाबू और वीरपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की आयु के संबंध में न तो कोई प्रमाण दिया और न ही कोई गवाह पेश किया। मेडिकल बोर्ड की जांच में पीड़िता की आयु 18 वर्ष बताई गई।
कोर्ट में बयान के दौरान पीड़िता ने नाराज होकर नानी के घर चले जाने की बात कही। उसने पुलिस को दिए बयानों का समर्थन नहीं किया। यह भी कहा कि बाबू और वीरपाल ने उसके साथ बुरा काम नहीं किया। पीड़िता की मां और वादिनी ने गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। पीड़िता के चाचा ने बयान दिया कि वह हल्द्वानी में था।
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गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में एक आरोपी ने जुर्म स्वीकार, तीन दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के तीन अलग-अलग मामलों में साक्ष्यों के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इन्हीं मामलों से जुड़े एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। एक ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
शीशगढ़ थाने के तत्कालीन प्रभारी हरीराम नागर ने 30 जून 2006 को धर्मपुरा गांव निवासी जाहिद खां, आईव और गुड्डू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान सात मार्च 2026 को आईव ने जुर्म स्वीकार कर लिया। जाहिद और गुड्डू के खिलाफ सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष गिरोहबंद अपराध के जरिये भौतिक, आर्थिक या अन्य किसी तरह का लाभ के संबंध में साक्ष्य नहीं दे सका। अदालत ने जाहिद और गुड्डू को बरी कर दिया।
दूसरा मामला शहर कोतवाली का है। तत्कालीन इंस्पेक्टर जीवी पांडेय ने 29 फरवरी 2004 को कैंट थाना क्षेत्र के बुखारा निवासी चंद्रपाल और थाना कोतवाली क्षेत्र की टी-29 सी रेलवे कॉलोनी निवासी मोनू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान मोनू की मौत हो गई। चंद्रपाल के खिलाफ अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य नहीं दे सका। कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
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एनडीपीएस एक्ट में एक दोषी करार, आबकारी एक्ट में आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट अविनाश कुमार सिंह ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के सिरोही निवासी मुन्ने को 10 हजार रुपये जुर्माना और जेल में बिताई अवधि की सजा से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। मुन्ने को भमोरा पुलिस ने 15 अप्रैल 2018 को आठ ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उसने सुनवाई के दौरान अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कम से कम सजा की अपील की थी। एक अन्य मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर बुखारपुरा निवासी नन्हे लाल को आबकारी एक्ट में दोषमुक्त करार दिया है। उसके खिलाफ पुलिस ने 10 जुलाई 2011 को रिपोर्ट दर्ज की थी।
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आयशा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के सिलसिले में अभयपुर में रहती है। 14-15 जून 2019 की रात एक बजे पति साबिर ने उससे कहा कि उत्तराखंड से ड्राइवर गाड़ियां लेकर आ रहे हैं इसलिए वह मेडिकल काॅलेज तक जा रहा है। इसके बाद उसके पति का कोई सुराग नहीं लगा। मोबाइल फोन भी बंद थे। जांच के दौरान फारुख, मकसूद और कुलसुम के नाम प्रकाश में आए। दो दिन बाद फारुख की निशानदेही पर पुलिस ने न्योधना के गन्ने के एक खेत से साबिर का सिर कटा शव बरामद कर लिया।
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पूछताछ में फारुख ने बताया कि साबिर के उसकी परिवार की एक महिला से अवैध संबंध थे। इससे उसकी बदनामी हो रही थी। 14-15 जून की रात भी साबिर उसके घर आया था। बदनामी के डर से उसने साबिर की हत्या कर शव न्योधना गांव के एक खेत में दफन कर दिया।
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जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह व साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में मकसूद और कुलसुम को बरी कर दिया। फारुख को साबिर की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
पिता के संरक्षण में रहेगा दुष्कर्म का आरोपी किशोर
बरेली। दो दोस्तों के साथ घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोपी किशोर अपचारी अपने पिता के संरक्षण में रहेगा। किशोर न्याय बोर्ड ने 13 जुलाई को उसकी सुपुर्दगी की अर्जी निरस्त कर दी थी। किशोर अपचारी ने इस आदेश को स्पेशल जज हेमेंद्र कुमार सिंह की अदालत में चुनौती दी। स्पेशल जज ने 50 हजार रुपये के बंधपत्र पर किशोर अपचारी को पिता के संरक्षण में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह फेरी लगाने का काम करता है। 15 जुलाई 2025 को दोपहर के समय वह फेरी पर गया था। किशोर अपचारी अपने दो अन्य साथियों के साथ उसके घर में घुस गया। उसकी पत्नी से तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पत्नी को जान से मारने की धमकी दी। महिला ने भी अपने बयानों में आरोपों की पुष्टि की। एक जून 2026 को किशोर अपचारी की आयु 17 साल तीन माह सात दिन निर्धारित की गई।
वह बाल सुधार गृह में है। पिता ने उसकी जमानत और सुपुर्दगी को अर्जी दी थी। किशोर न्याय बोर्ड ने इसे निरस्त कर दिया। पिता ने अपर सत्र न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी। अपर सत्र न्यायालय ने उसकी जमानत मंजूर करते हुए पिता के संरक्षण में देने का आदेश दिया है।
जानलेवा हमले के आरोपी सगे भाइयों को अग्रिम जमानत
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने जानलेवा हमले में भुता थाना क्षेत्र के गांव गुलड़िया हजारी लाल निवासी सगे भाइयों संजीव कुमार और धर्मपाल की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकृत कर ली है। भुता थाने में तुषार कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार जुलाई 2026 को शाम छह बजे अजयवीर, धर्मपाल, सत्यवीर, संजीव, राजीव, बादल, कल्लू, सुरजीत, संजीव और सुरेश उसका खेत जबरन जोतने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने फायरिंग करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों के वकील ने कहा कि मामला क्रॉस केस का है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत स्वीकृत कर ली है।
पीड़िता समेत गवाह पक्षद्रोही, पॉक्सो एक्ट में आरोपी सगे भाई दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नम्रता अग्रवाल ने पॉक्सो एक्ट में आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सगे भाई बाबू उर्फ प्रेम शंकर और वीरपाल को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष किशोरी की उम्र के संबंध में कोई प्रमाण नहीं दे सका। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में उसकी आयु 18 वर्ष बताई गई। मामले में पीड़िता, उसकी मां और चाचा ने बयान बदल दिए।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 नवंबर 2017 की शाम उसकी 14 साल की बेटी शाम पांच बजे खेत से नहर पर जा रही थी। रास्ते में सगे भाइयों बाबू उर्फ प्रेम शंकर, मानसिंह, पुतू लाल, राजकुमार व वीरपाल और वीरपाल की मां ने उसकी बेटी को नशा देकर अगवा कर लिया। कार से नवाबगंज की की ओर ले गए।
उसकी बेटी के साथ रुद्रपुर में बाबू और वीरपाल ने दुष्कर्म किया। जांच के बाद पुलिस ने बाबू और वीरपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता की आयु के संबंध में न तो कोई प्रमाण दिया और न ही कोई गवाह पेश किया। मेडिकल बोर्ड की जांच में पीड़िता की आयु 18 वर्ष बताई गई।
कोर्ट में बयान के दौरान पीड़िता ने नाराज होकर नानी के घर चले जाने की बात कही। उसने पुलिस को दिए बयानों का समर्थन नहीं किया। यह भी कहा कि बाबू और वीरपाल ने उसके साथ बुरा काम नहीं किया। पीड़िता की मां और वादिनी ने गांव वालों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। पीड़िता के चाचा ने बयान दिया कि वह हल्द्वानी में था।
गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में एक आरोपी ने जुर्म स्वीकार, तीन दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के तीन अलग-अलग मामलों में साक्ष्यों के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इन्हीं मामलों से जुड़े एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। एक ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
शीशगढ़ थाने के तत्कालीन प्रभारी हरीराम नागर ने 30 जून 2006 को धर्मपुरा गांव निवासी जाहिद खां, आईव और गुड्डू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान सात मार्च 2026 को आईव ने जुर्म स्वीकार कर लिया। जाहिद और गुड्डू के खिलाफ सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष गिरोहबंद अपराध के जरिये भौतिक, आर्थिक या अन्य किसी तरह का लाभ के संबंध में साक्ष्य नहीं दे सका। अदालत ने जाहिद और गुड्डू को बरी कर दिया।
दूसरा मामला शहर कोतवाली का है। तत्कालीन इंस्पेक्टर जीवी पांडेय ने 29 फरवरी 2004 को कैंट थाना क्षेत्र के बुखारा निवासी चंद्रपाल और थाना कोतवाली क्षेत्र की टी-29 सी रेलवे कॉलोनी निवासी मोनू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान मोनू की मौत हो गई। चंद्रपाल के खिलाफ अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य नहीं दे सका। कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
एनडीपीएस एक्ट में एक दोषी करार, आबकारी एक्ट में आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट अविनाश कुमार सिंह ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी भमोरा थाना क्षेत्र के सिरोही निवासी मुन्ने को 10 हजार रुपये जुर्माना और जेल में बिताई अवधि की सजा से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। मुन्ने को भमोरा पुलिस ने 15 अप्रैल 2018 को आठ ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उसने सुनवाई के दौरान अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कम से कम सजा की अपील की थी। एक अन्य मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने बारादरी थाना क्षेत्र के पुराना शहर बुखारपुरा निवासी नन्हे लाल को आबकारी एक्ट में दोषमुक्त करार दिया है। उसके खिलाफ पुलिस ने 10 जुलाई 2011 को रिपोर्ट दर्ज की थी।