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तेंदुए के भुड़िया कॉलोनी से पीलीभीत की ओर जाने की आशंका
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रविवार को इलाके में नहीं दिखी कोई हलचल, पीलीभीत के रास्ते पर मिले पगचिह्न
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बहेड़ी। भुड़िया कॉलोनी से लेकर पंडरी जागीर गांव तक दहशत मचाने के बाद तेंदुए ने एक बार फिर अमरिया (पीलीभीत) की ओर रुख कर लिया है। अमरिया की ओर जाते उसके पगचिह्न देखे गए हैं। साथ ही रविवार की सुबह से इलाके में कहीं कोई हलचल नहीं दिखी। हालांकि वन विभाग की टीम लगातार जंगलों में उसकी खोज में जुटी है।
भुड़िया कॉलोनी में वासुदेव के घर में कमरे में बंद मुर्गी और गाय को निवाला बनाने के लिए तेंदुए ने खिड़की की जाली तोड़ने की कोशिश की थी। उसके बाद रात करीब नौ बजे एक आवारा कुत्ते को पकड़कर जंगल की ओर ले गया था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है। न ही कोई दहाड़ने की आवाज ही सुनाई दी है। शनिवार रात को वह गुरबाग के घर के बाहर टहलता दिखा था, उसके बाद से ओझल है। ग्रामीणों ने बताया कि ढाई महीने पहले भी इसी तरह तेंदुआ गायब हो गया था। दोबारा फिर उसके दस्तक देने से उन्हें जान माल का खतरा बना हुआ है। किसान अपने खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। झुंड बनाकर वह जंगल जाते हैं तो जगह-जगह जंगली सुअर, नील गाय, कुत्तों के अवशेष दिखाई देते हैं। डर के कारण वह घरों में ही दुबके हुए हैं। उधर, वन विभाग के रेंजर रवींद्र कुमार सक्सेना ने टीम के साथ जंगल में तेंदुए की खोज की। उसके पुराने अड्डे आमखेड़ा में कर्नल के फार्म पर भी गए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पगचिह्नों से वन विभाग के अफसर तेंदुए के वापस अमरिया पीलीभीत के जंगल में जाने की आशंका जता रहे हैं।
टीम के साथ तेंदुए के मूवमेंट एरिया और पगचिह्नों की तलाशा जा रहा है। अब तेंदुए का मूवमेंट अमरिया पीलीभीत की ओर लग रहा है। फिर भी उसको खोज रहे हैं।
- रवींद्र कुमार सक्सेना, रेंजर बहेड़ी
भुड़िया कॉलोनी में वासुदेव के घर में कमरे में बंद मुर्गी और गाय को निवाला बनाने के लिए तेंदुए ने खिड़की की जाली तोड़ने की कोशिश की थी। उसके बाद रात करीब नौ बजे एक आवारा कुत्ते को पकड़कर जंगल की ओर ले गया था। उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है। न ही कोई दहाड़ने की आवाज ही सुनाई दी है। शनिवार रात को वह गुरबाग के घर के बाहर टहलता दिखा था, उसके बाद से ओझल है। ग्रामीणों ने बताया कि ढाई महीने पहले भी इसी तरह तेंदुआ गायब हो गया था। दोबारा फिर उसके दस्तक देने से उन्हें जान माल का खतरा बना हुआ है। किसान अपने खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। झुंड बनाकर वह जंगल जाते हैं तो जगह-जगह जंगली सुअर, नील गाय, कुत्तों के अवशेष दिखाई देते हैं। डर के कारण वह घरों में ही दुबके हुए हैं। उधर, वन विभाग के रेंजर रवींद्र कुमार सक्सेना ने टीम के साथ जंगल में तेंदुए की खोज की। उसके पुराने अड्डे आमखेड़ा में कर्नल के फार्म पर भी गए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पगचिह्नों से वन विभाग के अफसर तेंदुए के वापस अमरिया पीलीभीत के जंगल में जाने की आशंका जता रहे हैं।
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टीम के साथ तेंदुए के मूवमेंट एरिया और पगचिह्नों की तलाशा जा रहा है। अब तेंदुए का मूवमेंट अमरिया पीलीभीत की ओर लग रहा है। फिर भी उसको खोज रहे हैं।
- रवींद्र कुमार सक्सेना, रेंजर बहेड़ी