UP News: लेखपाल ने रिश्वत में लीं चार केन बीयर, तब लगाई जाति प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट, एसडीएम ने किया निलंबित
Budaun News: दातागंज तहसील क्षेत्र में क्षेत्रीय लेखपाल की करतूत से गांव बेलाडांडी निवासी युवक नौकरी के लिए फार्म नहीं भर सका। लेखपाल ने उसके जाति प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में चार बीयर केन ली थीं। जब उसका वीडियो वायरल हुआ तो लेखपाल ने रिपोर्ट निरस्त दर्शा दी। जिससे युवक को प्रमाणपत्र नहीं मिल सका। जानिए पूरा मामला...
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विस्तार
बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में एक लेखपाल की अजब कारगुजारी सामने आई है। उसने छात्र के जाति प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत में बीयर की चार केन लीं। इसके बाद लेखपाल ने जाति प्रमाणपत्र पर मुहर लगाई, लेकिन जब बीयर केन लेने का वीडियो वायरल हुआ तो प्रमाणपत्र को पोर्टल पर निरस्त दर्शा दिया। लेखपाल की कारस्तानी से छात्र रेलवे का फार्म नहीं भर सका। इस मामले में एसडीएम दातागंज ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई है।
यह है मामला
दातागंज तहसील के गांव बेलाडांडी में लेखपाल यादवेंद्र सुमन की तैनाती थी। आरोप है कि लेखपाल ने 25 अक्तूबर को युवक से जाति प्रमाणपत्र के आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर पांच बीयर केन की मांगी। युवक को नौकरी के लिए फार्म भरना था, जिसकी 27 अक्तूबर अंतिम तिथि थी। मजबूर होकर युवक ने कहीं से रुपयों का इंतजाम किया और चार बीयर केन खरीदकर लेखपाल के पास पहुंचा। लेखपाल को बीयर देते समय पूरा वीडियो किसी ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कार में बैठा था लेखपाल
वायरल वीडियो में लेखपाल की कार में दो-तीन लोग बैठे दिख रहे हैं। कार तहसील के आसपास किसी मैदान में खड़ी है। इसी समय गांव बेलाडांडी निवासी सौरभ सिंह कार के पास पहुंचता है। उसके हाथ में बीयर की चार केन थीं। कार में सवार लोग खिड़की खोलकर चारों केन ले लेते हैं। वीडियो में सौरभ यह कहते सुना जा रहा है कि अब बीयर दे दी, मेरे सामने ही रिपोर्ट लगा दो। इस पर कार चला रहे व्यक्ति ने कहा कि कार निकलवा दो, अभी तुम्हारे सामने ही रिपोर्ट लगाऊंगा। कार निकलवाने के बाद लेखपाल ने अपनी स्वीकृति रिपोर्ट लगा दी।
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वीडियो वायरल होते ही रद्द कर दी थी रिपोर्ट
पीड़ित सौरभ का कहना है कि लेखपाल ने उसके सामने ही फार्म पर रिपोर्ट लगाई थी। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ और अधिकारियों के पास पहुंचा, वैसे ही उसने पोर्टल पर रिपोर्ट रद्द दर्शा दी। सौरभ ने फार्म खरीद लिया था, लेकिन रिपोर्ट निरस्त होने से उसे जाति प्रमाणपत्र नहीं मिला। लेखपाल की कारगुजारी के कारण वह फार्म नहीं भर सका। पीड़ित का कहना है कि ऐसे कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि आगे किसी छात्र व अन्य व्यक्ति के साथ नहीं होना चाहिए।
जांच में दोषी मिला लेखपाल
एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र व वीडियो की कराई गई जांच में लेखपाल दोषी पाया गया है। उसको निलंबित किया गया है। विभागीय जांच भी कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
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