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लेखपाल भर्ती परीक्षा: रिंकू की जगह बैठा था बिहार का राजीव, पटेल गैंग है गुर्गा; जरा सी चूक ने खोल दी पोल

Sun, 31 Jul 2022 09:35 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 31 Jul 2022 09:35 PM IST
सार

एसटीएफ की पूछताछ में राजीव पहले तो खुद को रिंकू ही बताता रहा लेकिन जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें उसका ओरिजनल आधार कार्ड भी मिल गया। बैग में दस हजार रुपये भी बरामद हुए, जो रिंकू ने उसे दिए थे।

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सॉल्वर राजीव कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसटीएफ की बरेली इकाई ने रामपुर में स्वार के गांव खुशहालपुर में रहने वाले अभ्यर्थी रिंकू के स्थान पर लेखपाल भर्ती परीक्षा दे रहे सॉल्वर राजीव कुमार को गिरफ्तार किया है। वह मूलरूप से बिहार में नालंदा के गांव तेजोपुर में रहने वाला है और दिल्ली के मुखर्जीनगर इलाके में रहकर एसएससी की तैयारी कर रहा था। एसटीएफ की ओर से उसके और रिंकू के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में रविवार को सुबह दस से दोपहर 12 बजे की पाली में लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। एक सूचना के मुताबिक दोपहर करीब 11 बजे एसटीएफ की बरेली इकाई ने इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह के नेतृत्व में इंटर कॉलेज के कमरा नंबर चार में छापा मारा और राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से रिंकू का प्रवेशपत्र और आधार कार्ड बरामद हुआ, जिस पर उसने फर्जीवाड़ा करके अपना फोटो लगा रखा था।
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आधार कार्ड मिलान से हो गई पुष्टि
एसटीएफ की पूछताछ में राजीव पहले तो खुद को रिंकू ही बताता रहा लेकिन जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें उसका ओरिजनल आधार कार्ड भी मिल गया। बैग में दस हजार रुपये भी बरामद हुए, जो रिंकू ने उसे दिए थे। एसटीएफ की पूछताछ में राजीव ने बताया कि वह शनिवार को रिंकू के साथ बरेली आया था। यहां रिंकू ने उसे अपने दोस्त के पास रोका था और रविवार सुबह परीक्षा केंद्र के बाहर ले जाकर छोड़ दिया। सारी कार्रवाई के बाद पुलिस ने राजीव को जेल भेज दिया। अब रिंकू की तलाश की जा रही है।

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पटेल गैंग का गुर्गा है राजीव
एसटीएफ की टीम ने रविवार को प्रदेश भर में कुछ 21 लोगों को इस परीक्षा में धांधली को लेकर गिरफ्तार किया है। इसमें प्रयागराज के नकल एवं शिक्षा माफिया डॉ. केएल पटेल का गुर्गा वहीं कर रहने वाला विजयकांत पटेल भी शामिल है। बताया जा रहा है कि बरेली में गिरफ्तार राजीव भी उसका ही गुर्गा है। एसटीएफ उसके बारे में अन्य जानकारी जुटा रही है। 

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कई बार दे चुका एसएससी की परीक्षा
सॉल्वर राजीव कुमार पासवान पढ़ाई में होशियार होने के साथ ही शातिर दिमाग भी है। रिंकू की जगह परीक्षा में बैठने के लिए उसने फोटो को ओवरलैप कर अपने और रिंकू के चेहरे की मिक्सिंग कराकर उसके प्रवेशपत्र पर लगा लिया। ऐसा ही आधार कार्ड के साथ किया। यही वजह रही कि परीक्षा कक्ष में प्रवेश के दौरान चेकिंग टीम उसका फर्जीवाड़ा नहीं पकड़ सकी।

रिंकू ने बताया कि नालंदा विश्वविद्यालय से उसने इकनॉमिक्स से एमए किया है और वह वर्ष 2018 से लगातार एसएससी की परीक्षा दे रहा है। पिछले साल सुमित नाम के दोस्त ने उसे रिंकू से मिलाया था। इसके बाद फरवरी 2022 में वह रिंकू के स्थान पर रामपुर के ही परीक्षा केंद्र पर पीईटी (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) में शामिल हुआ। यह परीक्षा उसने 90 प्रतिशत अंक से पास की थी और इसके लिए उसे 15 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के लिए रिंकू ने इससे दोबारा संपर्क किया था। हालांकि यह पहले ही तय हो गया था कि पीईटी के बाद लिखित परीक्षा भी वही देगा। लिहाजा शनिवार को ही दोनों बरेली पहुंच गए और फोन पर एक दूसरे के संपर्क में थे। एसटीएफ को इसकी भनक लग गई और उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए। फिर रविवार को परीक्षा के दौरान उसे दबोच लिया गया।

दो लाख रुपये में हुआ था सौदा
राजीव ने बताया कि पहली बार सुमित ने उसे 15 हजार रुपये में रिंकू का पीईटी का पेपर देने भेजा था। उस समय सुमित का 12 हजार रुपये का उस पर कर्ज था। वे रुपये काटकर तीन हजार रुपये उसे मिले। इसके बाद वह लालच में आ गया था। सुमित की मौत हो चुकी थी तो वह रिंकू के संपर्क में बना रहा और उसकी जगह लिखित परीक्षा में भी शामिल हो गया। इसके लिए दो लाख रुपये में सौदा हुआ था और दस हजार रुपये उसे एडवांस मिले थे। बाकी रकम परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद मिलनी थी।

बायोमीट्रिक के लिए अलग थी सेटिंग
राजीव के बताया कि परीक्षा के दौरान उसकी अंगुली और आंखों के बायोमीट्रिक साइन भी लिए गए। फाइनल प्रक्रिया के दौरान इनका मिलान होने के बाद ही रिंकू की नौकरी लगनी थी, जिसके लिए उसने अलग से सेटिंग कर रखी थी।

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