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निजी चिकित्सक का वीडियो वायरल: नेता व डॉक्टर मिलकर खाते हैं बजट, जिला अस्पताल में चूरन-चटनी से होता है इलाज

Sat, 16 Nov 2024 03:15 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 16 Nov 2024 03:15 AM IST
सार

बरेली के दीपमाला अस्पताल में तीमारदार से अभद्रता का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो वायरल हुआ है। इसमें डॉक्टर मरीज के तीमारदार से अभद्रता से बात करते सुने जा रहे हैं।

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Bareilly private doctor video goes viral
डॉक्टर का वीडियो वायरल - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

बरेली के चौपुला रोड स्थित दीपमाला अस्पताल के निदेशक डॉ. सोमेश मेहरोत्रा ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को धोखा बताया है। 5:40 मिनट के वायरल वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि- बजट नेता और डॉक्टर खाते हैं। मुफ्त इलाज के नाम पर मरीज को चूरन-चटनी की गोली खिलाते हैं। आयुष्मान कार्ड धारक मरीज का इलाज करने से इन्कार करते हुए स्टाफ से उसे धक्के देकर बाहर निकालने के लिए भी कहा। 

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वीडियो में डॉ. सोमेश शाहजहांपुर के मिर्जापुर कलान से आए मरीज के परिजन को धमकाते दिखाई दे रहे हैं। आयुष्मान कार्ड से इलाज की बात पर वह कह रहे हैं कि- फ्री में इलाज नहीं, धोखा मिलेगा।  नाटक करेंगे, लेकिन हम इलाज कर रहे हैं। जो हाथ चलने लगा है, वो कभी जिंदगी में नहीं चलता। तुम चाहते हो कि तुम्हारा मरीज फ्री में सही हो जाए। जब अस्पताल को 22 सौ रुपये मिल रहे हैं, तो वह छह हजार का इंजेक्शन क्यों लगाएगा? 22 सौ रुपये में वह इलाज होता है, जो जिला अस्पताल में होता है। चूरन-चटनी की गोली खिला दो, बस। 
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हरकत में आए अफसर
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर प्रकरण के जांच की जिम्मेदारी एसीएमओ प्रशासन डॉ. राकेश और डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी को सौंपी है। उन्होंने दीपमाला अस्पताल के डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दावा है कि प्रकरण की सघन जांच और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार मुफ्त सुविधा दे रही तो निजी अस्पताल क्यों आया
डॉक्टर ने मरीज के परिजन से कहा कि सरकार मुफ्त सुविधा दे रही है तो सरकारी अस्पताल में इलाज क्यों नहीं करा रही? मरीजों को निजी अस्पताल क्यों आना पड़ रहा है? जिला अस्पताल का बजट यहां से 10 गुना ज्यादा है, जिसे नेता और डॉक्टर मिलकर खा जाते हैं। परिजन ने छह हजार का इंजेक्शन लगाने के बदले रसीद मांगी तो डॉक्टर बोले कि- तुम्हें रसीद दे दूं तो बाहर निकलकर तुम शिकायत करोगे। आखिरी के तीन मिनट के वीडियो में डॉक्टर कहते हुए दिख रहे हैं कि तुम रोते हुए लोग हो, जिंदगी भर रोओगे। सरकारी इलाज में न ज्ञान है, न सुविधा। मेरे अस्पताल से निकल जाओ। मेरे सामने मत पड़ना। स्टाफ से बोले कि छुट्टी कर बाहर निकाल दो। पेमेंट न करें तो दरवाजा बंद रखना। भर्ती मरीज से कहा कि तुम बाहर नहीं जा सकती। सुविधा चाहिए तो अस्पताल का पेमेंट करो। 

वीडियो वायरल होने पर डॉक्टर के बदले सुर
वायरल वीडियो पर डॉ. सोमेश मेहरोत्रा का कहना है कि आयुष्मान योजना सरकार की कल्याणकारी योजना है। इसमें अलग-अलग रोगों के इलाज की दर तय है। एक बीमारी के इलाज पर पूरे पांच लाख रुपये अस्पताल को नहीं मिलते। मरीज पैरालिसिस का था, जिसका इंजेक्शन छह हजार रुपये का है। उसे 22 सौ में कैसे लगा दूं? मरीज के पहुंचने पर अप्रूवल लेने के बाद ही इलाज शुरू होता है। मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए इंजेक्शन लगा दिया। हालत में सुधार भी हुआ, लेकिन लड़का समझने को तैयार नहीं था। मैंने आवेश में आकर बातें कहीं। नेताओं से मेरी कोई शिकायत नहीं है। जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के तहत बेहतर इलाज होता है। मेरे अस्पताल का चार माह का आयुष्मान कार्ड से किए गए इलाज का भुगतान नहीं हो रहा, इससे परेशान हूं। मेरी परेशानी को भी मानवीय पक्ष से देखा जाना चाहिए।

जिन चिकित्सकों का यूपी एमसीआई में पंजीकरण नहीं है, उनके द्वारा आयुष्मान इलाज संबंधी बिल का भुगतान नहीं हो रहा। प्रदेश सरकार और यूपी एमसीआई को पत्र लिखा है। आयुष्मान योजना में पैकेज सिस्टम होता है। तीमारदार को समझाने के दौरान डॉक्टर के शब्दों का चुनाव गलत रहा। अगर भुगतान नहीं करना है तो मरीज के इलाज का अप्रूवल भी सरकार को नहीं देना चाहिए। - डॉ. आरके सिंह, अध्यक्ष आईएमए

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