फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Land Mafia Lekhpal Saavan is pawn of the influential people the financier is the real gang leader

Bareilly News: रसूखदारों का मोहरा है लेखपाल सावन... फाइनेंसर ही असली सरगना, रुपया लगाने वाले शहर छोड़कर भागे

Thu, 16 Jan 2025 02:00 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 16 Jan 2025 02:00 PM IST
सार

बरेली में जमीनों पर कब्जा करने के मामले में जेल भेजे गए निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गिरोह में कई रसूखदार भी शामिल हैं। गिरोह का असली सरगना विजय अग्रवाल बताया जा रहा है। जो भूमिगत हो गया है। 

विज्ञापन
Land Mafia Lekhpal Saavan is pawn of the influential people the financier is the real gang leader
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लेखपाल और उसका साथी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में निलंबित चकबंदी लेखपाल सावन कुमार जायसवाल के गिरोह में रसूखदारों की फौज शामिल है। इसमें बड़े ट्रांसपोर्टरों से लेकर प्रॉपर्टी डीलर तक शामिल हैं। नई रिपोर्ट दर्ज होने से भूमाफिया गिरोह की हकीकत लगातार सामने आ रही है। पता लग रहा है कि सावन भी रसूखदारों का सिर्फ एक मोहरा ही था। असली सरगना तो फाइनेंसर ही हैं। 

विज्ञापन


सावन कुमार को फाइनेंसरों का साथ मिला तो उसने जमीन पर कब्जे के लिए पैंतरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। सावन का दिमाग और फाइनेंसरों का रुपया लगा तो शहर में बेशकीमती जमीन पर कब्जे शुरू हो गए। सावन के गिरोह में फाइनेंसर के तौर पर अंकिश त्रिपाठी, अक्षित सिंह और विजय अग्रवाल जैसे लोग शामिल हैं। रजिस्ट्री दफ्तर से लेकर न्यायालय तक को गुमराह कर आदेश लेने का काम सावन करवाता था। ऐसे कामों में फाइनेंसर रुपये लगाते थे। 
विज्ञापन


UP Weather Update: बरेली समेत आसपास के जिलों में बारिश, तीन दिन कोहरे का ऑरेंज अलर्ट, इस तारीख तक स्कूल बंद
विज्ञापन
विज्ञापन


जैसे ही जमीन पर कब्जा हो जाता था, यह गिरोह अपने दूसरे साथियों के नाम उसका बैनामा कर देते थे। इसके बाद कानूनी पेंच फंस जाता और जमीन के असली मालिक को ये लोग फुटबॉल बना देते थे। इलयास की जमीन को कब्जाने के लिए पांच बैनामे कराए गए थे। 

कुछ दिनों में दूसरे साथियों के नाम बैनामा कराने की तैयारी थी। हालांकि, इसमें बड़ी रकम खर्च होनी थी। इसमें समय लगा और इससे पहले पुलिस ने सावन गैंग पर शिकंजा कस दिया। गिरोह के सदस्य शाहजहांपुर, पीलीभीत और मुरादाबाद जिले में भी हैं। वहां के धनी लोग भी सावन कुमार के कहने पर रुपये लगाते थे। एसआइटी उन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। 

Trending Videos

ट्रांसपोर्टर विजय के पंप का कर्मचारी अंकिश भी सरगना
ट्रांसपोर्टर व पेट्रोल पंप समेत कई प्रतिष्ठानों का मालिक बताया जा रहा विजय अग्रवाल भी लेखपाल गिरोह के मुकदमों में नामजद होने के बाद से लापता हो गया है। सूत्रों के मुताबिक विजय अग्रवाल ही गिरोह का सरगना है। लेखपाल के साथ अधिकतर मुकदमों में नामजद अंकिश त्रिपाठी विजय का मोहरा बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वह काफी समय तक विजय के पेट्रोल पंप पर कर्मचारी रहा था। इस नाते उसके जमीन विवाद संबंधी मामलों को विजय अग्रवाल फाइनेंस करता था। 

सावन पर रुपया लगाने वाले शहर छोड़कर भागे 
एसआईटी गठित होते ही सावन के इशारे पर लाखों-करोड़ों रुपये लगाने वाले फाइनेंसर शहर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस विजय अग्रवाल, अंकिश त्रिपाठी और अक्षित सिंह समेत उन 21 लोगों की लोकेशन तलाश रही है जो कैंट थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में नामजद हैं। सूत्रों के मुताबिक सावन के करीबियों में से कुछ लखनऊ के सफेदपोशों की शरण में पहुंच गए हैं। 

एसआईटी नामजद लोगों की संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। पुलिस की कार्रवाई देखकर ऐसे लोग भी गायब हो गए हैं, जिनका नाम अभी मुकदमों में नहीं जुड़ा है लेकिन वह सावन के करीबी हैं। इसमें से एक किला क्षेत्र का कारोबारी भी हैं, उसका नाम अक्सर जमीन संबंधी विवादों में आता रहता है। 

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि लेखपाल मामले में नए मुकदमे दर्ज होने के साथ आरोपियों की संख्या बढ़ रही है। कुछ लोग काफी रसूखदार भी बताए जा रहे हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उनकी संपत्ति की भी जांच की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed