भूमि अधिग्रहण घोटाला: अब कमिश्नर की रिपोर्ट पर कार्रवाई का इंतजार, बेनकाब होंगे बड़े चेहरे
बरेली के डीएम की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर पीडब्ल्यूडी की सहायक अभियंता, तीन जेई और एक अमीन को निलंबित कर दिया गया है। अब की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई का इंतजार है। माना जा रहा है कि इसमें बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।
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बरेली-सितारगंज हाईवे के भूमि अधिग्रहण से जुड़े 80 करोड़ रुपये के घोटाले में डीएम की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट पर बुधवार को शासन ने कार्रवाई कर दी। अब कमिश्नर सौम्या अग्रवाल की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई का इंतजार है। इसमें अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों नाम उजागर होने हैं।
मंडलीय जांच कमेटी ने घोटाला पकड़ने के साथ ही संबंधित विभागाध्यक्षों से उन अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम और पद की जानकारी मांगी है, जिनके कार्यकाल में भू उपयोग बदला गया और उस पर किए गए अस्थायी निर्माण का अधिक मूल्यांकन किया गया। इसमें कई बड़े चेहरों के बेनकाब होंगे।
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण और रिंग रोड के निर्माण के लिए भू अधिग्रहण के दौरान मूल्यांकन में फर्जीवाड़ा किया गया। मामला शासन तक पहुंचा तो डीएम और कमिश्नर ने अलग-अलग जांच समिति गठित की।
सहायक अभियंता समेत पांच निलंबित
डीएम की ओर से गठित कमेटी ने बरेली में जांच की। हाईवे के पहले पैकेज और रिंग रोड के अधिग्रहण संबंधी नौ प्रकरण संदिग्ध पाए गए। इसमें 21.52 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ। रिपोर्ट में दो भूमि अध्याप्ति अधिकारियों, पीडब्ल्यूडी के एक सहायक अभियंता, तीन अवर अभियंताओं, सेवानिवृत्त हो चुके एक अधिशासी अभियंता के साथ ही एक अमीन का नाम खोला गया। इनमें से पांच पर कार्रवाई कर दी गई है।
कमिश्नर की ओर गठित मंडलीय कमेटी की जांच में जो अधिकारी-कर्मचारी दोषी हैं, उनके नाम स्पष्ट होते ही उन पर भी कार्रवाई होगी। मंडलीय कमेटी की रिपोर्ट शासन को जा चुकी है। अब आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
- 01 अगस्त को एनएचएआई मुख्यालय की जांच टीम बरेली आई। चार दिनों तक छानबीन की।
- 23 अगस्त को एनएचएआई के तत्कालीन पीडी बीपी पाठक, क्षेत्रीय अधिकारी संजीव शर्मा निलंबित।
- 30 अगस्त को डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया।
- 10 सितंबर को सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी।
- 11 सितंबर को शासन को जांच रिपोर्ट पहुंची, मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान।
- 13 सितंबर को मंडलीय जांच कमेटी ने कमिश्नर को जांच रिपोर्ट सौंपी।
- 21.52 करोड़ रुपये का अधिक मूल्यांकन किए जाने की पुष्टि डीएम की ओर से गठित टीम ने की।
- 58.91 करोड़ रुपये का घोटाला मंडलीय जांच टीम ने पकड़ा, अब शासन से आदेश का इंतजार।
जिम्मेदारी तय होते ही सामने आएंगे कई बड़े खिलाड़ी
एनएचएआई कार्यालय, कंसल्टेंसी फर्म, मूल्यांकनकर्ता और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय को एलाइनमेंट की जानकारी रहती है। एलाइनमेंट लीक होने के बाद ही पूरा खेल रचा गया। जांच में ऐसे मामलों सामने आने के बाद अब कई अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी है। इस खेल से जुड़े कई बड़े खिलाड़ियों के नाम भी उजागर होने हैं।
सरनिया के गोदाम का मूल्यांकन पूरा नहीं
सरनिया में रिंग रोड पर खड़े 60 लाख के गोदाम का मूल्यांकन छह करोड़ किए जाने के मामले में लोक निर्माण विभाग के दो अभियंताओं की टीम ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया था, लेकिन बुधवार को मूल्यांकन की रिपोर्ट फाइनल नहीं हुई है। अभियंताओं की टीम अभी मूल्यांकन की दरों और मौके की स्थिति पर मंथन कर रही है। एक-दो दिन में मूल्यांकन रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद अगली कार्रवाई हो सकेगी।