Bareilly News: सरनिया वार्ड 59 में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, 'संवाद' में लोगों ने बताईं इलाके की समस्याएं
शहर के वार्ड 59 सरनिया में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बावजूद शुद्ध पेयजल, सड़क और अंडरपास जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने यह समस्या साझा की।
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बरेली शहर के वार्ड 59 सरनिया में तो वैसे करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए गए लेकिन आज भी यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसमें शुद्ध पेयजल, सड़क, अंडरपास प्रमुख रूप से है। शुद्ध पेयजल न मिलने से लोग बीमार हो रहे हैं और अंडरपास की सुविधा न होने से लोग रोजाना क्रासिंग पर फंस रहे हैं, इससे लोगों का काफी समय बर्बाद हो रहा है। यह समस्याएं रविवार को अमर उजाला की तरफ से आयोजित संवाद कार्यक्रम में वार्ड के लोगों ने साझा की।
स्थानीय निवासी सुरजीत ने बताया कि वार्ड के बीच में पुराने तालाब की साफ-सफाई नहीं हो रही है। यह गंदगी वार्ड के बीच में है। इससे लोगों को मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यहां पर हैंडपंप खराब है उसकी भी मरम्मत नहीं की जा रही है। नन्हेंलाल ने बताया कि यहां पर स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता है। महिलाओं को प्रसव के लिए दूर जाना पड़ता है। मिनी स्वास्थ्य केंद्र खुल जाए तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। आनंद लोधी ने बताया कि वार्ड के कई मोहल्लों व चौराहों पर लाइट खराब है। उसको बदला नहीं जा रहा है।
एक कमरे में पढ़ते हैं 150 छात्र
विजय लोधी ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक प्राथमिक पाठशाला एक कमरे में ही चल रहा है। 150 छात्रों को एक कमरे में पढ़ाया जा रहा है। कुछ अन्य कमरे बन जाए तो छात्रों को राहत मिलेगी। नत्थूलाल ने बताया कि पस्तोर से अटरिया तक रास्ता बन जाए तो लोगों को पांच किमी की लंबी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी सिर्फ आधा किमी में ही काम चल जाएगा। यह मार्ग महेशपुर, अहरिया, पस्तोर को जोड़ता है। संवाद कार्यक्रम में अजय कुमार, वीरेश पाल, पूरन प्रकाश, नरेश राणा, सचिन गुप्ता, नीलाधर, केदार आदि मौजूद रहे।
क्षेत्र में नहीं है पानी का टंकी
पार्षद रामसिंह पाल ने बताया कि पानी की टंकी न होने से लोग हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं। इससे जलजनित बीमारियां हो रही हैं। गांव के पास एल्कोहल की फैक्टरी होने से लोग श्वांस व दमा के मरीज हो रहे हैं। यहां पर श्मशान की भूमि की लंबे समय से मांग की जा रही है। तालाब की नाप, पैमाइश कराकर सुंदरीकरण कराना है। इसके लिए नगर निगम से प्रस्ताव कराना है। 21 सफाईकर्मियों के सापेक्ष महज 12 होने से सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है।
नामित पार्षद ज्ञान प्रकाश लोधी ने कहा कि सीबीगंज से सरनिया तक रोड का निर्माण पीडब्ल्यूडी को करना है। फाटक पर अंडरपास न होने से लोगों का काफी समय बर्बाद होता है। एक साथ चार से पांच ट्रेनें निकलने पर 45 मिनट तक फाटक बंद रहता है। दो साल के अंदर अब तक यहां पर दो मरीजों की मौत हो चुकी है।