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खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए मंडल मुख्यालयों पर खुलेगी लैब
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सूबे में 18 मंडलों में गोरखपुर सहित तीन में जगह मिल चुकी
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बरेली में जमीन के लिए मंडलायुक्त और डीएम से की बात
बरेली। विधान परिषद टीम के चेयरमैन साहब सिंह सैनी ने कहा कि सूबे में खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सभी18 मंडल मुख्यालयों पर जांच के लिए लैब खुलेगी। गोरखपुर,बस्ती और सहारनपुर मंडलों में लैब के लिए जमीन भी मिल गई है। बरेली में जमीन के लिए मंडलायुक्त और डीएम से भी जल्द जमीन उपलब्ध कराने को कहा। दावा किया कि एक साल में सभी लैब बन जाएगी। वह मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए।
चेयरमैन ने कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रदेश में छह लैब है इससे सैंपल की जांचों में समय लग रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में मिलावट के मामले जल्द न रोके गए तो वर्ष 2025 तक 85 फीसदी जनता कैंसर से पीड़ित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दूध से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले बढ़े हैं। मंडल के अफसर अपने जिले में दूध का उत्पादन और खपत का आंकड़ा तैयार करें, यदि दूध की उत्पादन से अधिक खपत हो तो पड़ताल करें कि किस स्तर पर खेल हो रहा है। कहा कि निजी पैथालॉजी पर मरीजों की जांच में खिलवाड़ हो रहा है। कोरोना काल में मरीजों की निजी पैथालॉजी से कराई गई जांच में प्लेटलेट्स कम दिखाकर उन्हेें गुमराह किया गया। नकली दवाईयां पकड़ेे जाने पर संबंधित मेडिकल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चेयरमैन ने कहा कि मंडलीय बैठक में स्थित संतोष जनक नहीं मिली। अधिकारियों को जनता के हित में गंभीरता से काम करना चाहिए।
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14 दिनों में लैब से मिलनी चाहिए जांच रिपोर्ट
बरेली खाद्य पदार्थों या दवाओं के सैंपल की जांच में लंबा समय लगाकर हो रहे खेल में समिति के चेयरमैन ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि कई मामले उनके सामने आए जिसमें एक लैब से सैंपल फेल होता है तो दूसरी लैब से जांच कराकर उसकी रिपोर्ट सही मिल जाती है। कहा कि किसी भी सैंपल की जांच रिपोर्ट 14 दिन में आ जानी चाहिए। उन्होंने डीएम नितीश कुमार को निर्देश दिए है कि वह इसके लिए एक प्रभारी अधिकारी को नियुक्त कर दे जिससे सैंपल की जांच रिपोर्ट को लेकर वह समीक्षा कर सके। उन्होंने कहा कि लखनऊ में माफिया बैठे हैं जो जांच रिपोर्ट में खेल कराते रहते, उन पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। ब्यूरो
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बरेली में जमीन के लिए मंडलायुक्त और डीएम से की बात बरेली। विधान परिषद टीम के चेयरमैन साहब सिंह सैनी ने कहा कि सूबे में खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सभी18 मंडल मुख्यालयों पर जांच के लिए लैब खुलेगी। गोरखपुर,बस्ती और सहारनपुर मंडलों में लैब के लिए जमीन भी मिल गई है। बरेली में जमीन के लिए मंडलायुक्त और डीएम से भी जल्द जमीन उपलब्ध कराने को कहा। दावा किया कि एक साल में सभी लैब बन जाएगी। वह मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए।
चेयरमैन ने कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रदेश में छह लैब है इससे सैंपल की जांचों में समय लग रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में मिलावट के मामले जल्द न रोके गए तो वर्ष 2025 तक 85 फीसदी जनता कैंसर से पीड़ित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दूध से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले बढ़े हैं। मंडल के अफसर अपने जिले में दूध का उत्पादन और खपत का आंकड़ा तैयार करें, यदि दूध की उत्पादन से अधिक खपत हो तो पड़ताल करें कि किस स्तर पर खेल हो रहा है। कहा कि निजी पैथालॉजी पर मरीजों की जांच में खिलवाड़ हो रहा है। कोरोना काल में मरीजों की निजी पैथालॉजी से कराई गई जांच में प्लेटलेट्स कम दिखाकर उन्हेें गुमराह किया गया। नकली दवाईयां पकड़ेे जाने पर संबंधित मेडिकल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चेयरमैन ने कहा कि मंडलीय बैठक में स्थित संतोष जनक नहीं मिली। अधिकारियों को जनता के हित में गंभीरता से काम करना चाहिए।
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