मौसम की बेरुखी से किसान सकते में
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शुक्रवार की सुबह तेज सर्द हवा भी चलीं। जिले भर में गेहूं कटाई पांच फीसदी भी नहीं हुई है। ऐसे में कटाई का मन बनाए बैठे किसानों को निराशा हाथ लगी है। पककर तैयार हुई उनकी फसल फिर भीग गई है। बादल लगातार घुमड़ रहे हैं। बिजली की कड़कड़ाहट किसानों का सीना चाक कर रही है। महीने भर पहले ओलावृष्टि ने उनके गेहूं की फसल चौपट की थी। गेहूं की बढ़वार मारी गई। किसी तरह गेहूं कटाई के लिए तैयार हुआ तो मौसम बार बार धोखा दे रहा है।
- कम से कम पांच दिन कड़ाके की धूप रहे तो गेहूं की कटाई की जा सके। पकी फसल पर मौसम की मार पड़ेगी तो किसान बरबाद हो जाएंगे। गेहूं के साथ ही चारे के लिए भूसे की भी समस्या होगी।- भगवान सिंह, कृषि विशेषज्ञ
- पूरे सीजन में किसानों पर मौसम की मार पड़ी है। गेहूं बेचकर वे अपने कई काम निपटाने के मूड में थे पर शायद ही फसल से लागत निकल पाए। सरकार को उन्हें जल्द ही मुआवजा देना चाहिए। लोन वसूली भी पूरी तरह रोक देनी चाहिए।- हरपाल सिंह, किसान नेता