बरेली: किला नदी का उफान बरकरार, किला छावनी-कर्मचारीनगर में 'दुश्वारियों की बाढ़', दो फुट तक भरा पानी
बरेली में किला नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके जलमग्न हो गए हैं। किला छावनी व कर्मचारीनगर के कुछ इलाकों में शुक्रवार को पानी भरा रहा। जलभराव के कारण कई लोग अपने घरों पर ताला लगाकर चले गए हैं।
विस्तार
बरेली में किला नदी का उफान शुक्रवार को भी बरकरार रहा।। इससे किला छावनी व कर्मचारीनगर के कुछ इलाकों में अब भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। लाजपतनगर के लोग तो घर छोड़कर रिश्तेदारों, किराये के घरों व होटलों में रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से जलस्तर कम होने का इंतजार किया जा रहा है।
किला नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन दिनों से कर्मचारीनगर के कुछ इलाकों में पानी भर गया है। लाजपतनगर कॉलोनी के अध्यक्ष अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि अब भी मोहल्ले में दो फुट पानी है। यहां कुल 98 घरों में से 90 पर ताला लग गया है। ऊपरी तल पर रहने वाले लोग ही रह रहे हैं। काफी संख्या में लोग बुखार व अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
किला छावनी क्षेत्र में भी दो से तीन फुट पानी है। इसके चलते कॉलीधाम मंदिर क्षेत्र, बारह बीघा, गोकुल मटिया, लाल मटिया, सैदपुर आदि क्षेत्रों में पानी भर गया है। इन क्षेत्रों में 250 से 300 घर होंगे। इन इलाकों में नदी के किनारे अतिक्रमण कर घर बनाने से ऐसी समस्या हो रही है।
रेजीडेंसी गार्डन से निकला पानी
नगर निगम की टीम ने रातभर में पंप मशीन से पानी खींचकर रेजीडेंसी गार्डन को जलभराव से निजात दिला है। अब लोग घरों में पहुंचकर साफ-सफाई कर रहे हैं। घरों में लगे पंप से गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में जलकल से होने वाली आपूर्ति के जरिये सफाई की जा रही है।
दोपहर में वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार व नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। सड़कों पर जमा कीचड़ को उठाया जाता रहा। चोक सीवर की सफाई कराई जा रही है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नगर निगम की तरफ से कर्मचारी लगाकर निचले क्षेत्रों से पानी को पंप से निकाला जा रहा है। जल स्तर कम होने के बाद ही लोगों को राहत मिल सकेगी।