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Bareilly News: गौला बैराज से पानी छोड़े जाने पर किच्छा का उफान पर
Mon, 28 Sep 2026 01:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:54 AM IST
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बहेड़ी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के बाद रविवार सुबह काठगोदाम स्थित गौला बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। सिंचाई विभाग ने बैराज में बढ़ते दबाव और सिल्ट भरने के कारण एक साथ कई क्यूसेक पानी छोड़ा है। इस कारण निचले इलाकों में किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का बहाव रविवार सुबह से ही तेज हो गया है। पटेरी, रिछोली, नौडांडी, रतनपुर, राजपुरा, नारायण नगला, नगरिया कला, पनबड़िया, बैरमनगर, लखीमपुर, धर्मपुरा, अंबरपुरा में नदी का पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। गन्ने के खेतों में भी पानी भर गया। एसडीएम गोपाल शर्मा ने बताया कि गौला बैराज से पानी छोड़ने जाने के कारण किच्छा का जलस्तर बढ़ा है लेकिन खतरे की बात नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। राजस्व टीम लगातार निगरानी कर रही है। लोगों से अपील है कि नदी किनारे न जाएं, न ही अफवाहों पर ध्यान दें। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से मुनादी भी कराई है।
रामगंगा का बढ़ा जलस्तर
अलीगंज। रामगंगा नदी का जलस्तर रविवार दोपहर 2:00 बजे नदी का जलस्तर 160.090 गेज मीटर और 4:00 बजे 160.150 गेज मीटर दर्ज किया गया है। यह शनिवार सुबह 8:00 बजे 159.130 गेज मीटर था। बाढ़ खंड विभाग एसडीओ राहुल कुमार के अनुमान के अनुसार, कल तक इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस साल यह तीसरी बार है जब रामगंगा का पानी खादर इलाकों में तबाही मचाने के लिए आगे बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण किसानों को पहले ही आर्थिक चोट लग चुकी है।
बहगुल से तेज हुई कटान
दुनका। बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से भूमि कटान तेज हो गई है। किसानों की तैयार खड़ी गन्ना, धान, उड़द, मूंग आदि की फसलें नदी में समा गई हैं। यह कटान गांव सुल्तानपुर, बैरमनगर, बिहारीपुर दुनका, भमोरा, आनंदपुर, बफरी अब्दुलनबीपुर मकडीखोय जुन्हाई आदि में जारी है। एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि कटान रोकने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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सिरौली। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय रिहायशी इलाकों में दहशत है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजन नाथ तिवारी ने बताया कि तटीय क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपातकाल में बचाव के लिए कस्बे में बने बरातघरों को रिजर्व कर दिया गया गया है।
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रामगंगा का बढ़ा जलस्तर
अलीगंज। रामगंगा नदी का जलस्तर रविवार दोपहर 2:00 बजे नदी का जलस्तर 160.090 गेज मीटर और 4:00 बजे 160.150 गेज मीटर दर्ज किया गया है। यह शनिवार सुबह 8:00 बजे 159.130 गेज मीटर था। बाढ़ खंड विभाग एसडीओ राहुल कुमार के अनुमान के अनुसार, कल तक इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस साल यह तीसरी बार है जब रामगंगा का पानी खादर इलाकों में तबाही मचाने के लिए आगे बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण किसानों को पहले ही आर्थिक चोट लग चुकी है।
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बहगुल से तेज हुई कटान
दुनका। बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से भूमि कटान तेज हो गई है। किसानों की तैयार खड़ी गन्ना, धान, उड़द, मूंग आदि की फसलें नदी में समा गई हैं। यह कटान गांव सुल्तानपुर, बैरमनगर, बिहारीपुर दुनका, भमोरा, आनंदपुर, बफरी अब्दुलनबीपुर मकडीखोय जुन्हाई आदि में जारी है। एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि कटान रोकने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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सिरौली। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय रिहायशी इलाकों में दहशत है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजन नाथ तिवारी ने बताया कि तटीय क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपातकाल में बचाव के लिए कस्बे में बने बरातघरों को रिजर्व कर दिया गया गया है।