{"_id":"5f2306958ebc3e9fde706236","slug":"kheri-three-rivers-including-sharda-are-in-spate-water-enters-palia-town-bareilly-news-bly414606694","type":"story","status":"publish","title_hn":"खीरी: शारदा समेत तीन नदियां उफान पर, पलिया नगर में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खीरी: शारदा समेत तीन नदियां उफान पर, पलिया नगर में घुसा पानी
विज्ञापन
तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के रामनगर गांव में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। बाढ़ प्रभावित जिले की तीन तहसील क्षेत्रों में शारदा, मोहाना और घाघरा नदियां उफान पर होने से करीब कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गुरुवार को पलिया में शारदा नदी का पानी चीनी मिल रोड पार करके शहर में घुस गया। वहीं, घाघरा नदी और भारत-नेपाल सीमा के मध्य बह रही मोहाना ने भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कई इलाकों में नदियों का पानी सड़कों के ऊपर आ जाने से आवागमन बाधित हो गया है। तिकुनियां क्षेत्र में बाढ़ से घिरे गांव गौढी रननगर स्थित घर से सामान निकालते समय रनजीत सिंह (18) पानी की तेज धार में बह गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई घरों में तीन से चार फुट पानी भरने से लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। मझगईं के कुंवरपुर कलां के रपटा पुल पर भी पानी चलने लगा है। नदियों के उफान और गांव, सड़कें जलमग्न होने के चलते प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
उत्तराखंड के बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी का असर शारदा नदी पर सबसे ज्यादा पड़ा है। नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर पहुंच गई है। निचले इलाकों के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पलिया नगर की चीनी मिल रोड पर रिलायंस पेट्रोल पंप के आगे से अतरिया क्रॉसिंग के पहले तक करीब दो फुट और नगला रोड पर तीन फुट तक पानी चल रहा है। 12 साल बाद मैलानी-बहराइच मार्ग स्थित दौलतापुर रेलवे लाइन के पास बाढ़ का पानी पहुंचा है। यह रेलवे लाइन का इलाका काफी ऊंचा है। धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी के बाढ़ का पानी कैरातीपुरवा, ओझापुरवा, बेलागड़ी, गनापुर, चकदहा, माझा, सुमाली समेत दर्जनों गांवों में घुस गया है। मार्गों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। मोहाना नदी ने भी दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाढ़ से हालात भयावह होते जा रहे हैं।
......
बाढ़ प्रभावित तहसील क्षेत्रों के एसडीएम स्थिति पर नजर रखे हैं जरूरत के अनुसार नाव और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
उत्तराखंड के बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी का असर शारदा नदी पर सबसे ज्यादा पड़ा है। नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर पहुंच गई है। निचले इलाकों के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पलिया नगर की चीनी मिल रोड पर रिलायंस पेट्रोल पंप के आगे से अतरिया क्रॉसिंग के पहले तक करीब दो फुट और नगला रोड पर तीन फुट तक पानी चल रहा है। 12 साल बाद मैलानी-बहराइच मार्ग स्थित दौलतापुर रेलवे लाइन के पास बाढ़ का पानी पहुंचा है। यह रेलवे लाइन का इलाका काफी ऊंचा है। धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी के बाढ़ का पानी कैरातीपुरवा, ओझापुरवा, बेलागड़ी, गनापुर, चकदहा, माझा, सुमाली समेत दर्जनों गांवों में घुस गया है। मार्गों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। मोहाना नदी ने भी दर्जनों गांवों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाढ़ से हालात भयावह होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
......
बाढ़ प्रभावित तहसील क्षेत्रों के एसडीएम स्थिति पर नजर रखे हैं जरूरत के अनुसार नाव और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी