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Bareilly News: चेक बाउंस मामले में अवध फूड्स को केसर शुगर मिल का लीगल नोटिस
Sat, 10 Oct 2026 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:15 AM IST
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बहेड़ी। केसर शुगर मिल प्रबंधन ने 11 और 55 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में अवध फूड्स को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (एनआई) एक्ट की धारा 138 के तहत लीगल नोटिस देकर 15 दिनों में धनराशि का भुगतान करने के लिए कहा है। अन्यथा न्यायालय में वाद दायर करने की चेतावनी दी है। वहीं, अवध फूड्स के मालिक संजीव कपूर ने मिल प्रबंधन के आरोपों को खारिज करते हुए शर्तें पूरी नहीं करने का आरोप लगाया है।
केसर शुगर मिल के सीईओ शरत मिश्रा ने बताया कि मिल खरीदने के लिए अवध फूड्स के साथ जो शर्तें तय हुई थीं, उन्हें मिल प्रबंधन ने पूरा किया। कंपनी के कहने पर ही संबंधित चेक बैंक खाते में लगाया गया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद मिल प्रबंधन को कानूनी नोटिस जारी करना पड़ा। फिलहाल, 66 करोड़ के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
अवध फूड्स के मालिक संजीव कपूर ने कहा कि एक अक्टूबर को ईमेल और फोन के जरिये मिल प्रबंधन को चेक बैंक में नहीं लगाने के लिए कहा था। इसके बावजूद चेक लगा दिया गया और वह बाउंस हो गया। अब उन पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। वह मिल प्रबंधन के खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे।
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मरम्मत के लिए रकम देने का भी दावा
कपूर ने दावा किया कि उन्होंने चीनी मिल की मरम्मत के लिए रकम दी है और उसी से मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी भी 10-10 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन ले रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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केसर शुगर मिल के सीईओ शरत मिश्रा ने बताया कि मिल खरीदने के लिए अवध फूड्स के साथ जो शर्तें तय हुई थीं, उन्हें मिल प्रबंधन ने पूरा किया। कंपनी के कहने पर ही संबंधित चेक बैंक खाते में लगाया गया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद मिल प्रबंधन को कानूनी नोटिस जारी करना पड़ा। फिलहाल, 66 करोड़ के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
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अवध फूड्स के मालिक संजीव कपूर ने कहा कि एक अक्टूबर को ईमेल और फोन के जरिये मिल प्रबंधन को चेक बैंक में नहीं लगाने के लिए कहा था। इसके बावजूद चेक लगा दिया गया और वह बाउंस हो गया। अब उन पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। वह मिल प्रबंधन के खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे।
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मरम्मत के लिए रकम देने का भी दावा
कपूर ने दावा किया कि उन्होंने चीनी मिल की मरम्मत के लिए रकम दी है और उसी से मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी भी 10-10 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन ले रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।