Pilibhit News: शख्स ने विधवा को पत्नी की तरह रखा, तीन साल तक लूटी आबरू, फिर पीटकर घर से निकाला
आरोपी व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर महिला को अपने साथ रखा। तीन साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में पिटाई कर उसे घर से निकाल दिया।
विस्तार
पीलीभीत में शादी का झांसा देकर व्यक्ति ने विधवा महिला से तीन वर्षों तक दुष्कर्म किया। आरोपी के परिजन भी उसका साथ देते रहे। इसके बाद सभी ने एक राय होकर महिला को पीटकर घर से निकाल दिया। पीड़ित महिला ने मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब एसपी के आदेश पर बरखेड़ा थाने की पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि उसके पति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उसकी जान पहचान छत्रपाल नाम के युवक से थी। उसका घर पर भी आना-जाना था। छत्रपाल ने महिला को बताया कि थाना बरखेड़ा क्षेत्र के गांव में उसकी पहचान का रमाशंकर मिश्रा अविवाहित है। वह शादी करना चाहता है।
ये भी पढ़ें- Budaun: रावण वध के बाद श्रीराम की भूमिका निभाने वाले कलाकार पर हमला, हमलावर ने बेल्ट से पीटा
इस पर महिला ने भी अपनी सहमति जता दी। रमाशंकर महिला को पत्नी की तरह रखने लगा। इसके बाद महिला ने रमाशंकर से शादी करने को कहा। टाल मटोल करते-करते तीन साल बीत गए। इस दौरान रमाशंकर के परिजन आमेप्रकाश, छोटू, पप्पू और माया देवी उसके साथ पारिवारिक संबंध निभाते रहे।
आरोप है कि 25 जून को सभी ने एक राय होकर महिला को गालियां देते हुए मारा पीटा और घर से निकाल दिया। महिला ने मामले की तहरीर उसी दिन थाना बरखेड़ा में दी, मगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी के आदेश के बाद पुलिस ने छत्रपाल, रमाशंकर मिश्रा, ओमप्रकाश, छोटू, पप्पू और मायादेवी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकी देने आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जहानाबाद की दुष्कर्म पीड़िता का हुआ मेडिकल परीक्षण
जहानाबाद क्षेत्र के एक गांव की एक विवाहिता से दो दिन पूर्व गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म किया था। मामले की नामजद रिपोर्ट जहानाबाद थाने में दर्ज है। जहानाबाद पुलिस शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़िता को लेकर यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आई। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि उनके स्वास्थ्य केंद्र में जहानाबाद का पहला केस आया है।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार वह किसी का मेडिकल परीक्षण करने अथवा किसी मरीज को दवाई देने से मना नहीं कर सकते हैं। इसी नियम के तहत जहानाबाद की महिला का मेडिकल परीक्षण किया गया है। साथ आईं महिला आरक्षियों ने बताया कि वह पीड़िता को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा लेकर गईं थीं, लेकिन वहां महिला डॉक्टर के न होने पर यहां आईं।