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करमपुर प्रकरण: प्रधान समेत 44 लोग भेजा जेल
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गांव में रूटमार्च करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बेहोशी का नाटक कर रहे कश्मीर खां के साथ उसकी मां को भी जेल भेजा, वैन में एक साथ ले जाने से लॉक डाउन भी टूटा
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बरेली। बैरियर वन चौकी पर हंगामा करने के मामले में मंगलवार को 44 लोगों को जेल भेज दिया गया। इनमें प्रधान व उसके पति समेत वह शख्स भी शामिल रहा जिसने सोमवार को बेहोशी का ड्रामा किया था। पुलिस ने आरोपियों को लॉकडाउन और बवाल के डर से अलग-अलग जगह रखा था पर आखिर में उन्हें पुलिस की गाड़ियों में ठूंसकर ले जाया गया। हालांकि इस दौरान लॉकडाउन भी टूटा।
इज्जत नगर थाना क्षेत्र के करमपुर गांव में सोमवार को लॉकडाउन तोड़ने पर एक युवक की पिटाई के बाद लोगों ने चौकी पर हमला बोल दिया था। घटना में फिसलने से एएसपी के घायल होने के बाद पुलिस ने हंगामा करने वालों को जमकर पीटा था। इस घटना में 43 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। प्रधान सुगरा बेगम, उसके पति तसव्वर खां समेत 42 लोग पुलिस ने पकड़ लिए थे। इनमें कथित घायल कश्मीर खां को पुलिस ने ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि पुलिस ने उसे एफआईआर में फरार दिखा दिया था। पुलिस ने उसे अस्पताल से पकड़ने के साथ ही गांव से उसकी मां नन्ही समेत 44 लोगों को जेल भेज दिया गया। कुछ नाबालिग लड़कों और लड़कियों को पुलिस ने सोमवार रात में ही छोड़ दिया। इनका रिपोर्ट में भी नाम नहीं है।
गांव में एएसपी ने पुलिस पीएसी संग किया रूट मार्च
बरेली। करमपुर चौधरी में सन्नाटे के बीच बस पुलिस के बूटों की धमक सुनाई दे रही है। मंगलवार को पुलिस और पीएसी ने गांव में रूट मार्च किया। ड्रोन से भी चेकिंग की गई। एसएसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी। वह गांव में रहें और परिवार व पशुओं की देखभाल करें।
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सोमवार को चोटिल हुए एएसपी अभिषेक वर्मा मंगलवार दोपहर फिर गांव पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस व पीएसी की तैनाती, उनके भोजन व सोशल डिस्टेंश की जांच की। इसके साथ ही फोर्स के साथ गांव में घूमकर खुराफातियों को थाने में हाजिर होने और बाकी ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस बीच एसएसपी शैलेश पांडेय भी बैरियर वन चौकी पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस से गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। भ्रमण करके लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी सही व्यक्ति को पुलिस परेशान नहीं करेगी। जिन लोगों के फोटो व वीडियो मौके के मिलेंगे, उन्हीं की गिरफ्तारी की जाएगी। बाकी लोग घरों में रहें।
इज्जत नगर थाना क्षेत्र के करमपुर गांव में सोमवार को लॉकडाउन तोड़ने पर एक युवक की पिटाई के बाद लोगों ने चौकी पर हमला बोल दिया था। घटना में फिसलने से एएसपी के घायल होने के बाद पुलिस ने हंगामा करने वालों को जमकर पीटा था। इस घटना में 43 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। प्रधान सुगरा बेगम, उसके पति तसव्वर खां समेत 42 लोग पुलिस ने पकड़ लिए थे। इनमें कथित घायल कश्मीर खां को पुलिस ने ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि पुलिस ने उसे एफआईआर में फरार दिखा दिया था। पुलिस ने उसे अस्पताल से पकड़ने के साथ ही गांव से उसकी मां नन्ही समेत 44 लोगों को जेल भेज दिया गया। कुछ नाबालिग लड़कों और लड़कियों को पुलिस ने सोमवार रात में ही छोड़ दिया। इनका रिपोर्ट में भी नाम नहीं है।
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गांव में एएसपी ने पुलिस पीएसी संग किया रूट मार्च
बरेली। करमपुर चौधरी में सन्नाटे के बीच बस पुलिस के बूटों की धमक सुनाई दे रही है। मंगलवार को पुलिस और पीएसी ने गांव में रूट मार्च किया। ड्रोन से भी चेकिंग की गई। एसएसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी। वह गांव में रहें और परिवार व पशुओं की देखभाल करें।
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सोमवार को चोटिल हुए एएसपी अभिषेक वर्मा मंगलवार दोपहर फिर गांव पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस व पीएसी की तैनाती, उनके भोजन व सोशल डिस्टेंश की जांच की। इसके साथ ही फोर्स के साथ गांव में घूमकर खुराफातियों को थाने में हाजिर होने और बाकी ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस बीच एसएसपी शैलेश पांडेय भी बैरियर वन चौकी पहुंच गए। यहां उन्होंने पुलिस से गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। भ्रमण करके लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी सही व्यक्ति को पुलिस परेशान नहीं करेगी। जिन लोगों के फोटो व वीडियो मौके के मिलेंगे, उन्हीं की गिरफ्तारी की जाएगी। बाकी लोग घरों में रहें।