बरेली: राज उगलवाने की कोशिश गई बेकार, गुर्गे बोले- 10 महीने से नहीं सुनी कन्हैया गुलाटी की आवाज
बरेली में चिटफंड कंपनी कैनविज के फरार मुख्य कार्यकारी अधिकारी कन्हैया गुलाटी के दो गुर्गों विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को मंगलवार को कॉर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। इससे पहले पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि उनका 10 महीने से गुलाटी से कोई संपर्क नहीं है।
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बरेली में चिटफंड कंपनी कैनविज के फरार मुख्य कार्यकारी अधिकारी कन्हैया गुलाटी के दोनों गुर्गों को मंगलवार को फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने इनके जरिये गुलाटी का पता लगाने की कोशिश की। इन दोनों का कहना है कि पहले उनकी ऑनलाइन मीट हो जाती थी, करीब 10 महीने से गुलाटी से उनका किसी तरह का संपर्क नहीं है।
करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी के दो गुर्गे विशाल शर्मा व विनय श्रीवास्तव को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दोनों का करीब साल भर पुराना बताया जा रहा एक वीडियो वायरल होने के बाद ये कार्रवाई की गई। वीडियो में दोनों ने बरेली के डीआईजी व एसपी सिटी का नाम लेकर कन्हैया लाल गुलाटी को प्रभाव में लेने की कोशिश की थी।
कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने विनय श्रीवास्तव का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इसमें विनय ने इस बात के लिए माफी मांगी कि उसने बरेली के अधिकारियों का नाम केवल गुलाटी से अपने रुपये निकालने के लिए इस्तेमाल किया था। वह न तो दोनों अधिकारियों को जानता है और ही कभी मुलाकात हुई है।
गुलाटी की तरक्की की सुनाई कहानी
एसएसपी अनुराग आर्य ने दोनों आरोपियों से कैंप कार्यालय पर लंबी पूछताछ की। दोनों ने उन्हें बताया कि गुलाटी ने किस तरह लुभावनी स्कीम बनाकर करोड़ों का साम्राज्य बनाया और फिर योजनाबद्ध तरीके से सब बेचकर चुपचाप निकल गया। दोनों ने बताया कि पहले गुलाटी से उनकी ऑनलाइन चैट और बात होती थी। करीब 10 महीने से गुलाटी ने उनके अलावा 42 अन्य लाइंस से भी संपर्क तोड़ दिया है जो उसकी कोर कमेटी में थे।
गुलाटी पर 98 केस, ईओडब्ल्यू कर रही 68 की विवेचना
कन्हैया गुलाटी, उसके परिवार और साथियों के खिलाफ बरेली में 93 मामले अब तक दर्ज किए गए हैं। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ को बरेली से 68 मुकदमों की पत्रावली ट्रांसफर हो चुकी है। छह में चार्जशीट लग चुकी है, जबकि 19 मामलों की विवेचना बरेली के ही थानों से की जा रही है। इसके लिए पहले एसपी यातायात के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई थी। गुलाटी पर बदायूं में तीन, अंबेडकर नगर और बस्ती में भी एक-एक रिपोर्ट दर्ज हैं। बिहार और झारखंड में भी मामले दर्ज हुए हैं।