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कद्दावर नेता भड़के! विरोधी धाकड़ को टिकट ..तो कैडर वाले दरी बिछाएं
बरेली।
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:50 AM IST
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भाजपा के मेयर टिकट को लेकर आगरा में चली बैठक में दावेदारों के समीकरण तेजी से बदल गए हैं। अब तक टिकट की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे शिक्षण संस्थान के धाकड़ नेता के खिलाफ एक कद्दावर नेता कैडर वाले को टिकट देने पर अड़ गए हैं। इससे उनका मामला डगमगा गया है। अब तक कैडर को दबाकर भाजपा में सेकेंड लाइन न बनने देने वाले (जिनको वट वृक्ष की संज्ञा दी जाती है) कद्दावर नेता ने अपना अस्तित्व बचाने के लिए अब कैडर की खुली तरफदारी करते हुए कहा कि पार्टी का खुला विरोध करने वाले अब भाजपा में आकर टिकट ले लेंगे तो कैडर का कार्यकर्ता क्या सिर्फ दरी बिछाने के लिए है। कद्दावर के इस कदम से धाकड़ नेता की पैरवी करने वाले वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैक फुट पर आ गए हैं। यही वजह रही कि बदली परिस्थितियों में टिकट की दौड़ में कैडर से जुड़े दावेदार आगे निकल गए।
सूत्रों के अनुसार मेयर का टिकट तय करने के लिए आगरा की गोपनीय मीटिंग में भाजपा ब्रज क्षेत्र के चार वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आपस में ही गुफ्तगू की। इस बैठक में बरेली से गए भाजपा नेताओं को बाहर रखा गया। बताया जाता है कि ब्रज क्षेत्र के दो पदाधिकारियों ने मेयर के टिकट के लिए कद्दावर नेता से फोन पर वार्ता की। इसमें कद्दावर नेता ने साफ कह दिया कि जब मेयर का टिकट उनके खुले विरोधी लेंगे तो कैडर का कार्यकर्ता हमेशा दरी नहीं बिछाएगा। कद्दावर नेता के इस तेवर को धाकड़ नेता के टिकट की पैरवी करने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री की परछाई समझे जाने वाले पदाधिकारी भी बैक फुट पर आ गए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से संघ के करीबी नेताओं को मेयर का टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पैनल लिस्ट पकड़े बाहर से लौटे
चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी से लेकर तमाम बैठकों में अब तक भाजपा से मेयर टिकट की दौड़ में धाकड़ नेता प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। उनकी दावेदारी पर कद्दावर नेता खामोश थे। मेयर का टिकट तय करने के लिए आगरा में बुधवार की रात हुई बैठक में महानगर कमेटी के तीन पदाधिकारी मेयर टिकट के जिन छह दावेदारों (धाकड़ नेता, संघ से जुड़े और मोटे खर्च का दावा करने वाले डॉक्टर, कद्दावर मंत्री के पुराने चहेेते, संघ से युवा डॉक्टर, पुराने संघी और बड़े व्यवसायी, कद्दावर मंत्री के करीबी होम्योपैथिक डॉक्टर) के नामों की सूची लेकर गए थे, उस सूची को आगरा में पूछा तक नहीं गया। बल्कि सूची ले जाने वालों को बैठक से बाहर बैठकर इंतजार करने को कह दिया गया।
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विधायक से पूछा- अब तक पार्टी की नीति नहीं सीखे
बरेली के एक विधायक भी आगरा की बैठक अपने लोगों को पार्षद का टिकट दिलाने की पैरवी करने गए थे। शहर में इस बात की चर्चा जोरों पर रही कि वहां भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी ने उनसे कह दिया कि आपको जब मीटिंग में बुलाया नहीं गया तो क्यों आए। सूत्रों के अनुसार इस पर विधायक ने जवाब दिया कि पार्षद के टिकट की पैरवी करने आया हूं। इस पर वरिष्ठ पदाधिकारी भड़क गए। बोले- दूसरी पार्टी से आए बहुत समय हो गया है। अब तक आपको संगठन की रीति नीति से वाकिफ हो जाना चाहिए। विधायक से नाराजगी के बाद ही वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा काटे गए पार्षदों के टिकट बहाल कर दिए। साफ कह दिया कि किसी भी पार्षद का टिकट नहीं काटा जाएगा।
संघ प्रचारक सुलझाएंगे विवाद
भाजपा में टिकट दावेदारों का विवाद सुलझता न देखकर आरएसएस ने दूसरे क्षेत्र के संघ के एक बड़े पदाधिकारी को लगाया है। यह आज आगरा पहुंचकर टिकट के गंभीर दावेदारों के अलावा कद्दावर मंत्रियों से भी विचार विमर्श कर रास्ता निकालेंगे। अगर संघ के हस्तक्षेप से टिकट तय किया गया तो निश्चित ही कैडर के दावेदार भारी पड़ेंगे।
एलआईयू रिपोर्ट : भाजपा से उमेश, गुलशन और डा. विकास
बरेली। एलआईयू रिपोर्ट में भाजपा से मेयर टिकट के तीन दावेदार बताए गए हैं। खुफिया एजेंसी ने शासन को भेजी अपनी गोपनीय रिपोर्ट में कहा कि भाजपा में मेयर टिकट के लिए इन्वर्टिस चांसलर उमेश गौतम, पूर्व महानगर अध्यक्ष गुलशन आनंद और डा. विकास वर्मा टिकट के प्रबल दावेदार हैं। इनमें से किसी एक को टिकट मिलने की संभावना है।
इसी के साथ एलआईयू रिपोर्ट में बताया गया कि उमेश गौतम को भाजपा नेतृत्व मेयर के चुनाव में उतारना चाहता है लेकिन वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पसंद नहीं हैं। अगर उमेश गौतम मेयर का चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा में स्थानीय स्तर पर गुटबाजी उभरेगी। एलआईयू रिपोर्ट के अनुसार सपा से डा. आईएस तोमर को टिकट मिल चुका है। कांग्रेस से पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, अमजद सलीम, नवीन अग्रवाल, अजय शुक्ला और सुरेंद्र लाला के नामों पर विचार चल रहा है। इसमें सुप्रिया ऐरन पहले नंबर पर हैं। एलआईयू रिपोर्ट में बसपा का जिक्र नहीं है। चुनाव की तस्वीर प्रत्याशी घोषित होने के बाद दी जाएगी। उधर मेयर चुनाव में बसपा दावेदार बने डा. अनीस बेग ने बुधवार शाम समर्थकों के साथ बैठक कर माहौल बनाया जबकि जरी कारोबारी यूसुफ खां आदि जोर लगाए हुए हैं।
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सूत्रों के अनुसार मेयर का टिकट तय करने के लिए आगरा की गोपनीय मीटिंग में भाजपा ब्रज क्षेत्र के चार वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आपस में ही गुफ्तगू की। इस बैठक में बरेली से गए भाजपा नेताओं को बाहर रखा गया। बताया जाता है कि ब्रज क्षेत्र के दो पदाधिकारियों ने मेयर के टिकट के लिए कद्दावर नेता से फोन पर वार्ता की। इसमें कद्दावर नेता ने साफ कह दिया कि जब मेयर का टिकट उनके खुले विरोधी लेंगे तो कैडर का कार्यकर्ता हमेशा दरी नहीं बिछाएगा। कद्दावर नेता के इस तेवर को धाकड़ नेता के टिकट की पैरवी करने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री की परछाई समझे जाने वाले पदाधिकारी भी बैक फुट पर आ गए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से संघ के करीबी नेताओं को मेयर का टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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पैनल लिस्ट पकड़े बाहर से लौटे
चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी से लेकर तमाम बैठकों में अब तक भाजपा से मेयर टिकट की दौड़ में धाकड़ नेता प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। उनकी दावेदारी पर कद्दावर नेता खामोश थे। मेयर का टिकट तय करने के लिए आगरा में बुधवार की रात हुई बैठक में महानगर कमेटी के तीन पदाधिकारी मेयर टिकट के जिन छह दावेदारों (धाकड़ नेता, संघ से जुड़े और मोटे खर्च का दावा करने वाले डॉक्टर, कद्दावर मंत्री के पुराने चहेेते, संघ से युवा डॉक्टर, पुराने संघी और बड़े व्यवसायी, कद्दावर मंत्री के करीबी होम्योपैथिक डॉक्टर) के नामों की सूची लेकर गए थे, उस सूची को आगरा में पूछा तक नहीं गया। बल्कि सूची ले जाने वालों को बैठक से बाहर बैठकर इंतजार करने को कह दिया गया।
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विधायक से पूछा- अब तक पार्टी की नीति नहीं सीखे
बरेली के एक विधायक भी आगरा की बैठक अपने लोगों को पार्षद का टिकट दिलाने की पैरवी करने गए थे। शहर में इस बात की चर्चा जोरों पर रही कि वहां भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी ने उनसे कह दिया कि आपको जब मीटिंग में बुलाया नहीं गया तो क्यों आए। सूत्रों के अनुसार इस पर विधायक ने जवाब दिया कि पार्षद के टिकट की पैरवी करने आया हूं। इस पर वरिष्ठ पदाधिकारी भड़क गए। बोले- दूसरी पार्टी से आए बहुत समय हो गया है। अब तक आपको संगठन की रीति नीति से वाकिफ हो जाना चाहिए। विधायक से नाराजगी के बाद ही वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा काटे गए पार्षदों के टिकट बहाल कर दिए। साफ कह दिया कि किसी भी पार्षद का टिकट नहीं काटा जाएगा।
संघ प्रचारक सुलझाएंगे विवाद
भाजपा में टिकट दावेदारों का विवाद सुलझता न देखकर आरएसएस ने दूसरे क्षेत्र के संघ के एक बड़े पदाधिकारी को लगाया है। यह आज आगरा पहुंचकर टिकट के गंभीर दावेदारों के अलावा कद्दावर मंत्रियों से भी विचार विमर्श कर रास्ता निकालेंगे। अगर संघ के हस्तक्षेप से टिकट तय किया गया तो निश्चित ही कैडर के दावेदार भारी पड़ेंगे।
एलआईयू रिपोर्ट : भाजपा से उमेश, गुलशन और डा. विकास
बरेली। एलआईयू रिपोर्ट में भाजपा से मेयर टिकट के तीन दावेदार बताए गए हैं। खुफिया एजेंसी ने शासन को भेजी अपनी गोपनीय रिपोर्ट में कहा कि भाजपा में मेयर टिकट के लिए इन्वर्टिस चांसलर उमेश गौतम, पूर्व महानगर अध्यक्ष गुलशन आनंद और डा. विकास वर्मा टिकट के प्रबल दावेदार हैं। इनमें से किसी एक को टिकट मिलने की संभावना है।
इसी के साथ एलआईयू रिपोर्ट में बताया गया कि उमेश गौतम को भाजपा नेतृत्व मेयर के चुनाव में उतारना चाहता है लेकिन वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पसंद नहीं हैं। अगर उमेश गौतम मेयर का चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा में स्थानीय स्तर पर गुटबाजी उभरेगी। एलआईयू रिपोर्ट के अनुसार सपा से डा. आईएस तोमर को टिकट मिल चुका है। कांग्रेस से पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, अमजद सलीम, नवीन अग्रवाल, अजय शुक्ला और सुरेंद्र लाला के नामों पर विचार चल रहा है। इसमें सुप्रिया ऐरन पहले नंबर पर हैं। एलआईयू रिपोर्ट में बसपा का जिक्र नहीं है। चुनाव की तस्वीर प्रत्याशी घोषित होने के बाद दी जाएगी। उधर मेयर चुनाव में बसपा दावेदार बने डा. अनीस बेग ने बुधवार शाम समर्थकों के साथ बैठक कर माहौल बनाया जबकि जरी कारोबारी यूसुफ खां आदि जोर लगाए हुए हैं।