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Bareilly News: पहली बारिश में बहा जुगाड़ का पुल, तैरकर नदी पार कर रहे लोग

Thu, 26 Jun 2025 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 02:08 AM IST
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Jugaad bridge washed away in the first rain, people crossing the river by swimming
बरेली। औरंगाबाद और हल्दी कला के बीच भाखड़ा नदी पर बनाए गए जुगाड़ के पुल का एक हिस्सा पहली बारिश में ही बह गया। अब लोग तैरकर नदी पार करने के लिए मजबूर हैं। इसमें जान का जोखिम भी है। तैरकर नदी पार करने से बचने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से वे लोग पुल की मांग कर रहे हैं। इस बार की कार्ययोजना में ये काम शामिल भी किया गया, मगर मंजूरी अब तक नहीं मिल पाई है। यहां लोगों ने आवागमन के लिए लकड़ी का पुल तैयार किया था। बारिश में यह भी बह गया। पुल बहने से हल्दी कला और शाही क्षेत्र के 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं।
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तय करनी पड़ रही ज्यादा दूरी सिहोड़ा, दौंद आलमपुर, म्योढ़ी बुजुर्ग, परचाई, पलथा, संग्रामपुर के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय शेरगढ़ जाने के लिए अब 12-13 किमी. की जगह 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। वहीं, शाही से हल्दी कला जाने के लिए 13 के स्थान पर 19 किलोमीटर का फेरा लेना पड़ रहा है। औरंगाबाद क्षेत्र के लोग तहसील मुख्यालय मीरगंज जाने के लिए 13 के स्थान पर 19 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए मजबूर हैं। ब्यूरो
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लोगों की बात
गांव से डेढ़ किलोमीटर पश्चिम में भाखड़ा नदी बहती है। जुगाड़ का पुल बनाकर लोग हल्दी कला होते हुए 13 किलोमीटर चलने पर मीरगंज तहसील पहुंच जाते थे। पुल बहने के बाद अब तहसील मुख्यालय जाने के लिए सहोड़ा होकर 19 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। - नरेश सिंह, औरंगाबाद
औरंगाबाद और हल्दी कला के बीच पुल नहीं बनने से दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। हल्दी कला की ओर से ब्लाॅक मुख्यालय शेरगढ़ 12 किलोमीटर पड़ता है। अब यहां जाने के लिए 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। - बाबू सिंह, औरंगाबाद
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तीन महीने में मंजूर नहीं हो पाई कार्य योजना

अब बारिश के चलते नहीं हो सकेगा कोई निर्माण, और बढ़ेगा इंतजार

अमर उजाला ब्यूरो

बरेली। छोटे-बड़े पुलों के निर्माण के लिए कार्ययोजना अभी तक धरातल पर उतर नहीं पाई है। अब अगर मंजूरी मिल भी जाती है तो बारिश के चलते निर्माण शुरू नहीं हो पाएगा। ऐसे में पुलों के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम ने छोटे-बड़े पुलों के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इस पर अमल के लिए 740 करोड़ रुपये चाहिए। कार्ययोजना पर शासन स्तर से वर्चुअल बैठक हो चुकी है। अब इसे 30 जून तक अंतिम रूप दिया जाना है। प्राथमिक तौर पर कार्ययोजना को मंजूरी होगी तब प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग वित्तीय स्वीकृतियां जारी होंगी फिर टेंडर के बाद काम शुरू हो पाएंगे।

वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन माह बीत चुके हैं। ऐसे में अब अगर मंजूरी मिलती है तो काम शुरू नहीं हो पाएगा। ऐसे में इस साल भी पुल न बनने पर पांच लाख आबादी प्रभावित रहेगी।

वर्जन-

कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों की उन संस्तुतियों को इसमें और शामिल कर रहे हैं, जो किसी वजह से रह गईं थीं। अब कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी काम शुरू हो जाएंगे। -भगत सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
फैक्ट फाइल

76 छोटे-बड़े पुल प्रस्तावित

740 करोड़ रुपये निर्माण के लिए चाहिए
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