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स्कीम में शामिल हुए भूगोल, इतिहास के पेपर
बरेली
Updated Wed, 13 Jan 2016 02:14 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने अपनी मुख्य परीक्षा स्कीम से गायब बीए द्वितीय वर्ष के भूगोल और इतिहास के दूसरे पेपरों को शामिल कर लिया है। मंगलवार को स्कीम अपडेट कर दी गई।
यूनिवर्सिटी ने एक मार्च से स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षाएं शुरू कराने का कार्यक्रम जारी किया है। इसकी स्कीम में बीए द्वितीय वर्ष के भूगोल विषय के दोनों पेपरों को शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं बीए द्वितीय वर्ष के इतिहास विषय के द्वितीय पेपर को भी स्कीम में न देखकर परीक्षा परेशान हुए। बीए प्रथम वर्ष के इतिहास विषय के दो पेपर यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग तिथियों में दर्शा दिए हैं। इससे संशय की स्थिति बन गई थी। कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य ने बताया कि इन गड़बड़ियों को सुधारते हुए स्कीम अपडेट कर दी गई है। उन्होंने माना कि लिपिकीय त्रुटि से ऐसा हो गया। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों की ओर से इस तरह की और भी कमियों की ओर ध्यान दिलाने पर सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के स्तर से परीक्षा होने तक सुधार की गुंजाइश रखी गई है। हालांकि कुलसचिव ने मंगलवार को स्कीम में पेपरों का समय बढ़ाने की मांग लेकर पहुंचे कई परीक्षार्थियों की बात मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत में ही रिजल्ट घोषित करने की शुरुआत की जानी है ताकि निर्धारित समय में परीक्षा कैलेंडर पूरा हो सके इसलिए पेपरों का अंतराल नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
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यूनिवर्सिटी ने एक मार्च से स्नातक और स्नातकोत्तर की परीक्षाएं शुरू कराने का कार्यक्रम जारी किया है। इसकी स्कीम में बीए द्वितीय वर्ष के भूगोल विषय के दोनों पेपरों को शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं बीए द्वितीय वर्ष के इतिहास विषय के द्वितीय पेपर को भी स्कीम में न देखकर परीक्षा परेशान हुए। बीए प्रथम वर्ष के इतिहास विषय के दो पेपर यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग तिथियों में दर्शा दिए हैं। इससे संशय की स्थिति बन गई थी। कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य ने बताया कि इन गड़बड़ियों को सुधारते हुए स्कीम अपडेट कर दी गई है। उन्होंने माना कि लिपिकीय त्रुटि से ऐसा हो गया। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों की ओर से इस तरह की और भी कमियों की ओर ध्यान दिलाने पर सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के स्तर से परीक्षा होने तक सुधार की गुंजाइश रखी गई है। हालांकि कुलसचिव ने मंगलवार को स्कीम में पेपरों का समय बढ़ाने की मांग लेकर पहुंचे कई परीक्षार्थियों की बात मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत में ही रिजल्ट घोषित करने की शुरुआत की जानी है ताकि निर्धारित समय में परीक्षा कैलेंडर पूरा हो सके इसलिए पेपरों का अंतराल नहीं बढ़ाया जा सकेगा।
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