{"_id":"6158a8c98ebc3e6291040511","slug":"jilani-mian-and-hamid-mian-s-total-bareilly-news-bly4616192143","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिलानी मियां और हामिद मियां का हुआ कुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिलानी मियां और हामिद मियां का हुआ कुल
विज्ञापन
इस्लामिया ग्राउंड उर्स स्थल पर परचम कुशाई की रस्म अदा करते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरगाह ताजुश्शरिया पर भी मनाया गया उर्स-ए-रजवी
विज्ञापन
बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का 103वां उर्स-ए-रजवी काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में मनाया जा रहा है। पहले रोज शनिवार को हजरत जिलानी मियां और हजरत हामिद मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
उर्स का आगाज जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत और जमात के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की देखरेख में हुआ। तकरीब की शुरूआत सुबह कुरान ख्वानी से हुई। इसके बाद नातो मनकबत की महफिल सजाई गई। इस बीच सुबह 7:10 बजे हजरत इब्राहिम रजा खां (जिलानी मियां) के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद दरगाह पर चादर और गुलपोशी का सिलसिला रहा। शाम को मीलाद शरीफ की महफिल सजी।
मुख्य कार्यक्रम की शुरूआत मौलाना शम्स रजा ने तिलावते कलाम से की। नातख्वा सैयद कैफी अली ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। उलमा इकराम ने जिलानी मियां और हामिद मियां की जिंदगी और उनकी दीनी खिदमात पर रोशनी डाली। रात 10:35 बजे हुज्जतुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातेहा कारी काजिम रजा और शिजरा मुफ्ती अफजाल रजवी ने पढ़ा। आखिर में मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की। कार्यक्रम का ऑडियो प्रसारण आईटी सेल के प्रभारी अतीक अहमद हश्मती ने किया। इस दौरान हुस्साम मियां, हुम्मान मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, बुरहान मियां, मंसूर मियां, मौलाना सैयद अजीमुद्दीन अजहरी, कोर कमेटी के डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, समरान खान, मोईन खान, हाफिज इकराम रजा, अब्दुल्ला रजा खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उर्स का आगाज जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत और जमात के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की देखरेख में हुआ। तकरीब की शुरूआत सुबह कुरान ख्वानी से हुई। इसके बाद नातो मनकबत की महफिल सजाई गई। इस बीच सुबह 7:10 बजे हजरत इब्राहिम रजा खां (जिलानी मियां) के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद दरगाह पर चादर और गुलपोशी का सिलसिला रहा। शाम को मीलाद शरीफ की महफिल सजी।
विज्ञापन
मुख्य कार्यक्रम की शुरूआत मौलाना शम्स रजा ने तिलावते कलाम से की। नातख्वा सैयद कैफी अली ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। उलमा इकराम ने जिलानी मियां और हामिद मियां की जिंदगी और उनकी दीनी खिदमात पर रोशनी डाली। रात 10:35 बजे हुज्जतुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातेहा कारी काजिम रजा और शिजरा मुफ्ती अफजाल रजवी ने पढ़ा। आखिर में मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की। कार्यक्रम का ऑडियो प्रसारण आईटी सेल के प्रभारी अतीक अहमद हश्मती ने किया। इस दौरान हुस्साम मियां, हुम्मान मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, बुरहान मियां, मंसूर मियां, मौलाना सैयद अजीमुद्दीन अजहरी, कोर कमेटी के डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, समरान खान, मोईन खान, हाफिज इकराम रजा, अब्दुल्ला रजा खान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन