{"_id":"60fb16148ebc3e57f55be580","slug":"jholachap-miscarried-by-saying-that-the-child-was-dead-in-the-stomach-bareilly-news-bly454031179","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोलाछाप ने पेट में मरा बच्चा बताकर कर दिया गर्भपात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोलाछाप ने पेट में मरा बच्चा बताकर कर दिया गर्भपात
विज्ञापन
झोलाछाप के अस्पताल को सील करते स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला के पति की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर झोलाछाप की दुकान पर जड़े ताले
विज्ञापन
सीएचसी अधीक्षक ने आरोपी और उसकी सहायिका के खिलाफ फरीदपुर थाने में दी तहरीर
फरीदपुर। झोलाछाप की दुकान पर दवाई लेने गई गर्भवती महिला को पेट में मरा हुआ बच्चा होने की बात कहकर झोलाछाप ने उसका गर्भपात कर दिया। इस पर महिला की हालत बिगड़ गई। उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला के पति की शिकायत पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा। उससे डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा सका। इस पर टीम ने उसका अवैध अस्पताल सील कर दिया। सीएचसी अधीक्षक ने झोलाछाप सहित दो के खिलाफ फरीदपुर थाने में तहरीर दी है।
कस्बा के मोहल्ला परा निवासी टिंकू कश्यप के मुताबिक 31 मई को उनकी गर्भवती पत्नी वीरता झोलाछाप लालू के यहां दवा लेने गई थी। झोलाछाप ने बगैर जांच कराए ही कह दिया कि उसके पेट में बच्चा मर चुका है इसलिए शीघ्र गर्भपात करना होगा। फिर उसका खुद ही गर्भपात कर दिया, लेकिन रक्तस्त्राव बंद न होने से उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर पति ने उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज में उसका काफी रुपया खर्च हो गया। इस वजह से वह कर्ज तले दब गया। टिंकू ने झोलाछाप से बात की उसने इलाज में हुआ सारा खर्च देने की बात कही, लेकिन उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया। टिंकू ने मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की तो अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. बासित अली ने टीम के साथ मोहल्ला परा में पुराना बीसलपुर रोड स्थित झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा। दुकान पर झोलाछाप लालू और एक युवती आराधिका मरीजों को इलाज करते मिले। पूछताछ में झोलाछाप ने खुद को ओटी टेक्नीशियन और आराधिका को एएनएम बताया। सीएचसी अधीक्षक ने झोलाछाप से डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात मांगे तो वह नहीं दिखा सका। टीम को मौके पर कई तरह की दवाएं और इंजेक्शन भी मिले। इस पर सीएचसी अधीक्षक ने क्लीनिक सील कर दिया और झोलाछाप व उसकी सहायिका पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए फरीदपुर थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा गया था। वहां झोलाछाप और एक युवती इलाज करते मिले। उनसे डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात मांगे तो वह नहीं दिखा सके। मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए फरीदपुर थाने में तहरीर दी गई है। . बासित अली, सीएचसी अधीक्षक फरीदपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएचसी अधीक्षक ने आरोपी और उसकी सहायिका के खिलाफ फरीदपुर थाने में दी तहरीर फरीदपुर। झोलाछाप की दुकान पर दवाई लेने गई गर्भवती महिला को पेट में मरा हुआ बच्चा होने की बात कहकर झोलाछाप ने उसका गर्भपात कर दिया। इस पर महिला की हालत बिगड़ गई। उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला के पति की शिकायत पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा। उससे डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा सका। इस पर टीम ने उसका अवैध अस्पताल सील कर दिया। सीएचसी अधीक्षक ने झोलाछाप सहित दो के खिलाफ फरीदपुर थाने में तहरीर दी है।
कस्बा के मोहल्ला परा निवासी टिंकू कश्यप के मुताबिक 31 मई को उनकी गर्भवती पत्नी वीरता झोलाछाप लालू के यहां दवा लेने गई थी। झोलाछाप ने बगैर जांच कराए ही कह दिया कि उसके पेट में बच्चा मर चुका है इसलिए शीघ्र गर्भपात करना होगा। फिर उसका खुद ही गर्भपात कर दिया, लेकिन रक्तस्त्राव बंद न होने से उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर पति ने उसे बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज में उसका काफी रुपया खर्च हो गया। इस वजह से वह कर्ज तले दब गया। टिंकू ने झोलाछाप से बात की उसने इलाज में हुआ सारा खर्च देने की बात कही, लेकिन उन्हें एक भी रुपया नहीं दिया। टिंकू ने मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की तो अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. बासित अली ने टीम के साथ मोहल्ला परा में पुराना बीसलपुर रोड स्थित झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा। दुकान पर झोलाछाप लालू और एक युवती आराधिका मरीजों को इलाज करते मिले। पूछताछ में झोलाछाप ने खुद को ओटी टेक्नीशियन और आराधिका को एएनएम बताया। सीएचसी अधीक्षक ने झोलाछाप से डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात मांगे तो वह नहीं दिखा सका। टीम को मौके पर कई तरह की दवाएं और इंजेक्शन भी मिले। इस पर सीएचसी अधीक्षक ने क्लीनिक सील कर दिया और झोलाछाप व उसकी सहायिका पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए फरीदपुर थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर झोलाछाप की दुकान पर छापा मारा गया था। वहां झोलाछाप और एक युवती इलाज करते मिले। उनसे डिग्री और अस्पताल के पंजीकरण के कागजात मांगे तो वह नहीं दिखा सके। मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए फरीदपुर थाने में तहरीर दी गई है। . बासित अली, सीएचसी अधीक्षक फरीदपुर
विज्ञापन विज्ञापन