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एक तेंदुआ पकड़ा नहीं गया, दूसरा भी दहाड़ने लगा
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पीलीभीत। पिछले आठ दिनों से सूरजपुर के रिहायशी इलाके में घूम रहा तेंदुआ पकड़ा नहीं गया कि बृहस्पतिवार की रात रसूला गांव के समीप दूसरे तेंदुए ने भी दस्तक दे दी। शुक्रवार सुबह पहुंची वनकर्मियों की टीम ने पैरों के निशान देखकर दूसरा तेंदुआ होने की पुष्टि की। इससे लोगों में दहशत और बढ़ गई है।
अमरिया क्षेत्र में तेंदुओं की चहलकदमी बढ़ती जा रही है। करीब डेढ़ माह पूर्व एक तेंदुए ने सूरजपुर इलाके में दस्तक दी थी। शुरुआत में तो तेंदुआ रिहायशी इलाके में आता जाता रहा, मगर बाद में तेंदुआ ने वहीं डेरा जमा लिया। तेंदुआ के घरों में घुसने से भयभीत होकर लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। अनुमति मिलने के बाद सूरजपुर इलाके में दो पिंजड़े लगाए गए हैं। चार सदस्यीय टीम निगरानी कर रही है। मगर तेंदुआ पिंजड़े में नहीं फंसा। पिछले तीन दिनों से तेेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली है।
इधर, सूरजपुर से करीब पांच किमी दूर गांव रसूला में कब्रिस्तान के समीप शुक्रवार सुबह दलवीर सिंह के खेत में तेंदुआ के पैरों के निशान देखे गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। शुक्रवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग की वन दरोगा सोनी सिंह टीम के साथ रसूला गांव पहुंचीं। टीम ने खेत में देखा तो पगमार्क दूसरे तेंदुआ के निकले। वन दरोगा ने भी दूसरा तेंदुआ होने की पुष्टि की। ग्रामीणों ने बताया कि यह तेंदुआ डेढ़ माह से देखा जा रहा है। अभी तक कब्रिस्तान के आसपास कभी कभार देखा गया था।
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तेंदुए की लगातार निगरानी की जा रही है। पिंजड़े लगे हुए हैं। सूर्यास्त के बाद पिंजड़ों को रोज खोला जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा। टीम को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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अमरिया क्षेत्र में तेंदुओं की चहलकदमी बढ़ती जा रही है। करीब डेढ़ माह पूर्व एक तेंदुए ने सूरजपुर इलाके में दस्तक दी थी। शुरुआत में तो तेंदुआ रिहायशी इलाके में आता जाता रहा, मगर बाद में तेंदुआ ने वहीं डेरा जमा लिया। तेंदुआ के घरों में घुसने से भयभीत होकर लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। अनुमति मिलने के बाद सूरजपुर इलाके में दो पिंजड़े लगाए गए हैं। चार सदस्यीय टीम निगरानी कर रही है। मगर तेंदुआ पिंजड़े में नहीं फंसा। पिछले तीन दिनों से तेेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली है।
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इधर, सूरजपुर से करीब पांच किमी दूर गांव रसूला में कब्रिस्तान के समीप शुक्रवार सुबह दलवीर सिंह के खेत में तेंदुआ के पैरों के निशान देखे गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। शुक्रवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग की वन दरोगा सोनी सिंह टीम के साथ रसूला गांव पहुंचीं। टीम ने खेत में देखा तो पगमार्क दूसरे तेंदुआ के निकले। वन दरोगा ने भी दूसरा तेंदुआ होने की पुष्टि की। ग्रामीणों ने बताया कि यह तेंदुआ डेढ़ माह से देखा जा रहा है। अभी तक कब्रिस्तान के आसपास कभी कभार देखा गया था।
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तेंदुए की लगातार निगरानी की जा रही है। पिंजड़े लगे हुए हैं। सूर्यास्त के बाद पिंजड़ों को रोज खोला जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा। टीम को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग