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Bareilly News: 50 कर्मचारियों का सात साल का फंड हजम कर गया जाफरी
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क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय ने भेजा नोटिस, रकम जमा नहीं किया तो कॉलेज पर होगी कार्रवाई
सीबीगंज। खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी फर्जी डिग्री बांटने के साथ ही अब कर्मचारियों की भविष्य निधि हड़पने के मामले में भी फंस गया है। बताया जा रहा है कि 50 कर्मचारियों भी भविष्य निधि की रकम सात साल से जमा नहीं की गई। अब क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय की ओर से कॉलेज को नोटिस भेजा गया है। रकम जमा नहीं करने पर कार्रवाई का शिकंजा और कसेगा।
डी फार्मा की फर्जी मार्कशीट बांटने के मामले में जेल में बंद शेर अली जाफरी ने 50 कर्मचारियों का पंजीकरण क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में करा रखा है। सात वर्षों से इन कर्मचारियों के भविष्य निधि की रकम जमा नहीं की गई है। इसके चलते कर्मचारियों को फंड निकालने में दिक्कतें हो रही हैं। खुसरो डिग्री कॉलेज पर कर्मचारियों की भविष्य निधि का लाखों रुपये बकाया बताया जा रहा है। अब क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय की ओर से कॉलेज प्रबंधन को नोटिस भेजकर बकाया राशि जमा कराने और अन्यथा की स्थिति में कॉलेज पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आठ साल में बदले तीन प्राचार्य
खुसरो कॉलेज में आठ साल में तीन प्राचार्य बदले गए। फर्जी प्रमाणपत्रों के खेल को इसकी वजह माना जा रहा है। बताते हैं कि वर्ष 2017 तक अतुल नामदेव कॉलेज के प्राचार्य रहे थे। इसके बाद गीता रानी शर्मा वर्ष 2021 तक प्राचार्य रहीं। उनके समय में भी डीफार्मा पाठ्यक्रम संचालित होता रहा। गीता रानी ने जुलाई 2021 में इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शेर अली जाफरी ने वर्ष 2021 में कॉलेज के डिप्टी चेयरमैन कामिल हसन जैदी को प्राचार्य बनाया। उनके समय में भी डी फार्मा का फर्जीवाड़ा चलता रहा। संवाद
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सीबीगंज। खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी फर्जी डिग्री बांटने के साथ ही अब कर्मचारियों की भविष्य निधि हड़पने के मामले में भी फंस गया है। बताया जा रहा है कि 50 कर्मचारियों भी भविष्य निधि की रकम सात साल से जमा नहीं की गई। अब क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय की ओर से कॉलेज को नोटिस भेजा गया है। रकम जमा नहीं करने पर कार्रवाई का शिकंजा और कसेगा।
डी फार्मा की फर्जी मार्कशीट बांटने के मामले में जेल में बंद शेर अली जाफरी ने 50 कर्मचारियों का पंजीकरण क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय में करा रखा है। सात वर्षों से इन कर्मचारियों के भविष्य निधि की रकम जमा नहीं की गई है। इसके चलते कर्मचारियों को फंड निकालने में दिक्कतें हो रही हैं। खुसरो डिग्री कॉलेज पर कर्मचारियों की भविष्य निधि का लाखों रुपये बकाया बताया जा रहा है। अब क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय की ओर से कॉलेज प्रबंधन को नोटिस भेजकर बकाया राशि जमा कराने और अन्यथा की स्थिति में कॉलेज पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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आठ साल में बदले तीन प्राचार्य
खुसरो कॉलेज में आठ साल में तीन प्राचार्य बदले गए। फर्जी प्रमाणपत्रों के खेल को इसकी वजह माना जा रहा है। बताते हैं कि वर्ष 2017 तक अतुल नामदेव कॉलेज के प्राचार्य रहे थे। इसके बाद गीता रानी शर्मा वर्ष 2021 तक प्राचार्य रहीं। उनके समय में भी डीफार्मा पाठ्यक्रम संचालित होता रहा। गीता रानी ने जुलाई 2021 में इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शेर अली जाफरी ने वर्ष 2021 में कॉलेज के डिप्टी चेयरमैन कामिल हसन जैदी को प्राचार्य बनाया। उनके समय में भी डी फार्मा का फर्जीवाड़ा चलता रहा। संवाद
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