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Bareilly News: आईवीआरआई ने किया इन्कार, टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ दो संस्थाओं ने लिया भाग, अब दोबारा होंगे
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बरेली। एनिमल बर्थ कंट्रोल एंड डॉग केयर सेंटर (एबीसी सेंटर) के संचालन के लिए नगर निगम के टेंडर नोटिस पर पहली बार में सिर्फ दो संस्थाएं आगे आईं। आईवीआरआई ने इसके संचालन से इन्कार कर दिया है, जिसके चलते अब दोबारा टेंडर होंगे। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 11 अगस्त तय की गई है। अगर तीन या उससे अधिक संस्थाएं इसमें भाग लेंगी तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
परसाखेड़ा में एक वर्ष पहले एबीसी सेंटर बनना शुरू हुआ था। संचालन शुरू होने पर आवारा कुत्तों से शहरवासियों को निजात मिलने की उम्मीद थी। इसके अलावा बधियाकरण होने से आवारा कुत्तों की आबादी भी घटती। सेंटर के संचालन का प्रारूप और शर्तें तय होने में जिम्मेदारों ने देरी की। यही वजह रही कि एबीसी सेंटर के लोकार्पण के चार माह बीत चुके हैं लेकिन अबी तक इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है।
सेंटर का संचालन न होने की एक वजह यह भी है कि आग्रह के बाद भी आईवीआरआई ने संचालन की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। इसी वजह से दूसरे नगर निगमों की तरह एनजीओ और अनुभवी संस्थाओं के जरिये इसके संचालन की तैयारी है। इसका संचालन शुरू होने के बाद नगर निगम के पास 200 कुत्ते रखने की क्षमता हो जाएगी, जबकि अभी 50 कुत्ते रखने की क्षमता है। ब्यूरो
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- एक माह पहले जारी हुए टेंडर, प्रचार-प्रसार की रही कमी
एक महीने पहले एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर निकाले गए थे। इन टेंडरों का प्रचार-प्रसार ठीक तरह से नहीं हुआ, जिस कारण सिर्फ दो ही संस्थाएं आगे आईं। अब 11 अगस्त तक दो से अधिक फर्में आती हैं तो ही आगे की प्रक्रिया को पूरा कर किसी एक का चयन किया जाएगा।
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यह होता है एबीसी सेंटर
आवारा कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर में उनकी नसबंदी की जाती है। इसके बाद चार से पांच दिन तक निगरानी में रखने के बाद कुत्तों को उसी क्षेत्र में छोड़ा जाता है, जहां से वे पकड़कर लाए गए थे। प्रजनन घटा कर आबादी कम की जाती है। कुत्तों के लिए पेट शॉप और सैलून की सुविधा, अलग-अलग प्रजाति के कुत्ते बिक्री के लिए भी उपलब्ध कराए जाते हैं। कुत्तों के खान-पान की सामग्री और उनके इलाज के लिए पशु चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहता है।
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फैक्ट फाइल
1.85 करोड़ की लागत से परसाखेड़ा में बना है एबीसी सेंटर
01 अप्रैल 2055 को मुख्यमंत्री कर चुके हैं एबीसी सेंटर के भवन का लोकार्पण
04 महीने से भी अधिक समय से संचालन के लिए किसी एनजीओ और संस्था का इंतजार
150 कुत्तों को रखने की है क्षमता, दो वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया गया सेंटर
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एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर निकाले गए हैं। उपयुक्त संस्था मिलते ही संचालन शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. नैन सिंह, उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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परसाखेड़ा में एक वर्ष पहले एबीसी सेंटर बनना शुरू हुआ था। संचालन शुरू होने पर आवारा कुत्तों से शहरवासियों को निजात मिलने की उम्मीद थी। इसके अलावा बधियाकरण होने से आवारा कुत्तों की आबादी भी घटती। सेंटर के संचालन का प्रारूप और शर्तें तय होने में जिम्मेदारों ने देरी की। यही वजह रही कि एबीसी सेंटर के लोकार्पण के चार माह बीत चुके हैं लेकिन अबी तक इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है।
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सेंटर का संचालन न होने की एक वजह यह भी है कि आग्रह के बाद भी आईवीआरआई ने संचालन की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। इसी वजह से दूसरे नगर निगमों की तरह एनजीओ और अनुभवी संस्थाओं के जरिये इसके संचालन की तैयारी है। इसका संचालन शुरू होने के बाद नगर निगम के पास 200 कुत्ते रखने की क्षमता हो जाएगी, जबकि अभी 50 कुत्ते रखने की क्षमता है। ब्यूरो
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- एक माह पहले जारी हुए टेंडर, प्रचार-प्रसार की रही कमी
एक महीने पहले एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर निकाले गए थे। इन टेंडरों का प्रचार-प्रसार ठीक तरह से नहीं हुआ, जिस कारण सिर्फ दो ही संस्थाएं आगे आईं। अब 11 अगस्त तक दो से अधिक फर्में आती हैं तो ही आगे की प्रक्रिया को पूरा कर किसी एक का चयन किया जाएगा।
यह होता है एबीसी सेंटर
आवारा कुत्तों को पकड़कर एबीसी सेंटर में उनकी नसबंदी की जाती है। इसके बाद चार से पांच दिन तक निगरानी में रखने के बाद कुत्तों को उसी क्षेत्र में छोड़ा जाता है, जहां से वे पकड़कर लाए गए थे। प्रजनन घटा कर आबादी कम की जाती है। कुत्तों के लिए पेट शॉप और सैलून की सुविधा, अलग-अलग प्रजाति के कुत्ते बिक्री के लिए भी उपलब्ध कराए जाते हैं। कुत्तों के खान-पान की सामग्री और उनके इलाज के लिए पशु चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहता है।
फैक्ट फाइल
1.85 करोड़ की लागत से परसाखेड़ा में बना है एबीसी सेंटर
01 अप्रैल 2055 को मुख्यमंत्री कर चुके हैं एबीसी सेंटर के भवन का लोकार्पण
04 महीने से भी अधिक समय से संचालन के लिए किसी एनजीओ और संस्था का इंतजार
150 कुत्तों को रखने की है क्षमता, दो वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाया गया सेंटर
एबीसी सेंटर के संचालन के लिए टेंडर निकाले गए हैं। उपयुक्त संस्था मिलते ही संचालन शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. नैन सिंह, उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी