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आईवीआरआई में ज्वाइनिंग के लिए फिर जारी हुआ फर्जी नियुक्ति पत्र
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में टी-1 पद पर ज्वाइनिंग के लिए फिर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। आवेदक ने जब संस्थान में संपर्क किया तो नियुक्ति पत्र फर्जी होने की बात कही गई। इससे पहले भी कई लोगों को टी-1 पद पर ज्वाइनिंग के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी हो चुके हैं।
हल्द्वानी निवासी दिनेश सिंह को हाल ही में आईवीआरआई के नाम से नियुक्ति पत्र मिला। उन्हाेंने संस्थान में संपर्क किया तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। ऐसे ही अयोध्या, नोएडा, फर्रुखाबाद, लखनऊ के अलावा अन्य कई शहरों के लोग भी आईवीआरआई में ऐसे पत्रों को लेकर संपर्क साध चुके हैं। पत्र में एक नंबर लिखा रहता है, उस पर संपर्क करने पर आवेदक से पैसों की डिमांड की जाती है। पत्र में लिखा है कि आवेदक ने वर्ष 2016 में आईवीआरआई में टी-1 के पद पर आवेदन किया था। इसका परिणाम किन्हीं कारणों से रुका हुआ था। अब परिणाम जारी कर दिया गया है। नियुक्ति पत्र में लिखा है कि विभाग द्वारा आवेदक का चयन कर लिया गया है। इसके लिए किसी तरह का इंटरव्यू नहीं होगा, सिर्फ 15 दिन की प्री ट्रेनिंग दी जाएगी। नियुक्ति पत्र के मुताबिक 32,500 रुपये वेतन दिया जाएगा। प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाएगी। आईवीआरआई के असिस्टेंट ऑडिट ऑफीसर करुणेश शुक्ला ने कहा कि यह पत्र फर्जी है। इस तरह के पत्र पहले भी कई लोगों को भेजे जा चुके हैं। कई लोग तो जालसाजों के झांसे में आकर मोटी रकम भी गवां चुके हैं। फर्जी पत्र मिलने की लोगाें को पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।
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हल्द्वानी निवासी दिनेश सिंह को हाल ही में आईवीआरआई के नाम से नियुक्ति पत्र मिला। उन्हाेंने संस्थान में संपर्क किया तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। ऐसे ही अयोध्या, नोएडा, फर्रुखाबाद, लखनऊ के अलावा अन्य कई शहरों के लोग भी आईवीआरआई में ऐसे पत्रों को लेकर संपर्क साध चुके हैं। पत्र में एक नंबर लिखा रहता है, उस पर संपर्क करने पर आवेदक से पैसों की डिमांड की जाती है। पत्र में लिखा है कि आवेदक ने वर्ष 2016 में आईवीआरआई में टी-1 के पद पर आवेदन किया था। इसका परिणाम किन्हीं कारणों से रुका हुआ था। अब परिणाम जारी कर दिया गया है। नियुक्ति पत्र में लिखा है कि विभाग द्वारा आवेदक का चयन कर लिया गया है। इसके लिए किसी तरह का इंटरव्यू नहीं होगा, सिर्फ 15 दिन की प्री ट्रेनिंग दी जाएगी। नियुक्ति पत्र के मुताबिक 32,500 रुपये वेतन दिया जाएगा। प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाएगी। आईवीआरआई के असिस्टेंट ऑडिट ऑफीसर करुणेश शुक्ला ने कहा कि यह पत्र फर्जी है। इस तरह के पत्र पहले भी कई लोगों को भेजे जा चुके हैं। कई लोग तो जालसाजों के झांसे में आकर मोटी रकम भी गवां चुके हैं। फर्जी पत्र मिलने की लोगाें को पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।
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