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Bareilly News: जीनोमिक जांच से शिशु की गंभीर बीमारियों की पहचान संभव

Sat, 01 Feb 2025 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 02:37 AM IST
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It is possible to identify serious diseases of the child through genomic testing.
बरेली। जीनोमिक जांच से शिशु अवस्था में थैलेसीमिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसे गंभीर रोगों की जानकारी संभव है। इलाज समय से शुरू होने पर रोग से निजात, नियंत्रित किया जा सकता है। ये जानकारी शुक्रवार को आईएमए भवन में आयोजित गोष्ठी में चिकित्सकों ने दी।
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हेमेटो-ऑन्कोलॉजी डॉ. राहुल भार्गव ने बताया कि जीनोमिक्स तकनीकी से भविष्य में संभावित बीमारियों का भी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे बच्चे की सेहत को जन्म कुंडली कह सकते हैं। चाइल्ड कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. महेंद्र सचदेवा ने बच्चों के दिल में छेद के संबंध में जानकारी दी। कहा कि शिशु की दूध पीते समय सांस फूले, खांसी समेत सीने में संक्रमण हो तो जांच जरूर कराएं। ये जन्मजात हृदय संबंधी रोग जैसे वाॅल्व खराब होना, दिल में छेद हो सकता है। डॉ. अरुण दनेवा ने बच्चों के ब्रेन ट्यूमर के बारे में जानकारियां साझा की।
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साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि बच्चों के दूध न पीने के कई वजह हो सकती है। कुछ मामलों में बेहद गंभीर वजह हाे सकती है। क्योंकि सौ में से एक बच्चे में हृदय संबंधी रोग की आशंका रहती है। जो गर्भावस्था के दौरान हुई जटिलताओं के चलते पनपती है।
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बच्चे को कई बार पेशाब आए, फोड़े
फुंसी हो, ब्लड शुगर जांच करा लें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुहैल दुरानी ने बताया कि बच्चे को कई बार पेशाब आए या फोड़े-फुंसी निकल रहे हों तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं और शुगर की जांच कराएं। डॉ. सुदीप ने कहा कि अगर डायबिटीज का समय से पता चले और इलाज शुरू हो तो गुर्दे फेल होने की समस्या से बचाव मुमकिन है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने नियमित व्यायाम से दवा की मात्रा में 30 फीसदी कमी की बात कही।


थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के बोनमेरो
ट्रांसप्लांट में आर्थिक अड़चन खत्म
चिकित्सकों के मुताबिक बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिए अब आर्थिक अड़चन नहीं है। सरकार और स्वयंसेवी संगठन थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के इलाज का खर्च अस्पताल को दे रहे हैं, लेकिन बोनमेरो ट्रांसप्लांट भी समय रहते मुमकिन है। इसके लिए समय से जीनोमिक जांच कराना जरूरी है। इस दौरान सचिव डॉ. रतन पाल, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल, डॉ. अनूप आर्य, डॉ. शिवम कामठान व अन्य मौजूद रहे। अमर उजाला ब्यूरो
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