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आईएस भारत के मुसलमानों से न दिखाए हमदर्दी
बरेली
Updated Tue, 08 Dec 2015 02:04 AM IST
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बरेली। आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड (जदीद) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा है कि आईएस भारत के मुसलमानों से हमदर्दी न दिखाए। यहां का मुसलमान अपनी लड़ाई लड़ने में सक्षम है,हमें किराए के लड़ाकू और आतंकवादी नहीं चाहिए। किसी गैर मुल्की ताकत को इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। यदि उसने कोई ऐसी हरकत की तो भारत का मुसलमान अपने देश पर आंच नहीं आने देगा।
उन्होंने कहा कि आतंकवादी दो तरह के हैं इसमें एक जो आम लोगों की जाने लेकर दहशत फैला रहे हैं दूसरे वे जो जुबानी तौर पर मुल्क में बदअमनी फैला रहे हैं। ये सिर्फ अपनी पब्लिसिटी के लिए माहौल को बिगाड़ देते हैं। इसके लिए भी हुकूमत को सख्त कानून बनाना चाहिए।
इससे पहले सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में उक्त मुद्दों के अलावा अदालत व हुकूमत की ओर से अक्सर पर्सनल लॉ में दखल होने, गैर शरई कामों में इजाफा और दहशतगर्दी की ओर युवाओं में बढ़ते रुझान पर भी चिंता जताई गई। इन तमाम बातों पर निगरानी रखने के लिए मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी किया गया।
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इस मौके पर मौलान जाहिद रजा खां व पूर्व दर्जा राज्य मंत्री मौलाना इरफान-उल हक (उतराखंड), मुफ्ती सय्यद अहमद रजा (बिहार), मौलाना समीरुल कादरी (बंगाल), मुफ्ती सय्यद बिशारत अली, मुफ्ती शमीम अख्तर (राजस्थान), मौलाना सुहैल कादरी (दिल्ली) मौलाना फिरोज राहत (मध्य प्रदेश) सहित कई प्रांतों के उलमा शामिल हुए। संचालन डा. नफीस खां ने किया।
2017 की उम्मीदों को लेकर चढ़ी सियासी चादरें
सोनिया, अखिलेश, केजरीवाल, गडकरी, नसीम उद्दीन की ओर से आई चादर
बरेली। मिशन 2017 उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर सभी राजनैतिक दलों के छोटे से लेकर बड़े नेताओं का आला हजरत दरगाह में जमावड़ा रहा। अपनी-अपनी सत्ता जमाने को खास तौर से मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए राजनैतिक संगठन उनके बीच पहुंचे । यहां उर्स-ए-रजवी के मौके पर कई पार्टियों के मुखिया की ओर से चादर का पेश किया जाना भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है। पिछली बार उर्स के मौके पर राजनीतिक दलों की मौजूदगी ना के बराबर थी ।
इस बार तो एक ही दिन में सियासी चादरों की झड़ी लग गई। इसमें खास तौर से कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, मुख्य मंत्री अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल और बसपा के प्रमुख नेता नसीम उद्दीन सिद्दीकी की ओर से आला हजरत की मजार पर चादर पेश करने के लिए भेजी गई। यहां तक कि भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी की ओर से भी चादर पेश की गई। इसमें सोनिया गांधी की ओर से चादर लेकर तो कांग्रेस के कई बड़े नेता यहां लेकर आए।
इतना ही नहीं शहर पर नजर डाले तो तमाम पार्टी नेताओं के बैनर, पोस्टर व स्वागत द्वार भी हर सड़क पर चमक रहे हैं। जो जायरीन के स्वागत में लगाए गए हैं। इस बार गौर करने वाली बात यह है कि शहर में लगे सपा से होर्डिंग बैनर में नगर विकास मंत्री आजम खां को ज्यादा तरजीह दी गई। इसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्य मंत्री अखिलेश सिंह यादव के फोटो भले ऊपर लगाए गए हों मगर आजम खां फोटो काफी बड़ा लगाया गया है। यह सारी बातें खास तौर से मुस्लिमों का ध्यान आकर्षित करने का साफ संके त देती हैं।
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उन्होंने कहा कि आतंकवादी दो तरह के हैं इसमें एक जो आम लोगों की जाने लेकर दहशत फैला रहे हैं दूसरे वे जो जुबानी तौर पर मुल्क में बदअमनी फैला रहे हैं। ये सिर्फ अपनी पब्लिसिटी के लिए माहौल को बिगाड़ देते हैं। इसके लिए भी हुकूमत को सख्त कानून बनाना चाहिए।
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इससे पहले सभागार में हुई बोर्ड की बैठक में उक्त मुद्दों के अलावा अदालत व हुकूमत की ओर से अक्सर पर्सनल लॉ में दखल होने, गैर शरई कामों में इजाफा और दहशतगर्दी की ओर युवाओं में बढ़ते रुझान पर भी चिंता जताई गई। इन तमाम बातों पर निगरानी रखने के लिए मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी किया गया।
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इस मौके पर मौलान जाहिद रजा खां व पूर्व दर्जा राज्य मंत्री मौलाना इरफान-उल हक (उतराखंड), मुफ्ती सय्यद अहमद रजा (बिहार), मौलाना समीरुल कादरी (बंगाल), मुफ्ती सय्यद बिशारत अली, मुफ्ती शमीम अख्तर (राजस्थान), मौलाना सुहैल कादरी (दिल्ली) मौलाना फिरोज राहत (मध्य प्रदेश) सहित कई प्रांतों के उलमा शामिल हुए। संचालन डा. नफीस खां ने किया।
2017 की उम्मीदों को लेकर चढ़ी सियासी चादरें
सोनिया, अखिलेश, केजरीवाल, गडकरी, नसीम उद्दीन की ओर से आई चादर
बरेली। मिशन 2017 उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर सभी राजनैतिक दलों के छोटे से लेकर बड़े नेताओं का आला हजरत दरगाह में जमावड़ा रहा। अपनी-अपनी सत्ता जमाने को खास तौर से मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए राजनैतिक संगठन उनके बीच पहुंचे । यहां उर्स-ए-रजवी के मौके पर कई पार्टियों के मुखिया की ओर से चादर का पेश किया जाना भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है। पिछली बार उर्स के मौके पर राजनीतिक दलों की मौजूदगी ना के बराबर थी ।
इस बार तो एक ही दिन में सियासी चादरों की झड़ी लग गई। इसमें खास तौर से कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, मुख्य मंत्री अखिलेश यादव, दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल और बसपा के प्रमुख नेता नसीम उद्दीन सिद्दीकी की ओर से आला हजरत की मजार पर चादर पेश करने के लिए भेजी गई। यहां तक कि भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी की ओर से भी चादर पेश की गई। इसमें सोनिया गांधी की ओर से चादर लेकर तो कांग्रेस के कई बड़े नेता यहां लेकर आए।
इतना ही नहीं शहर पर नजर डाले तो तमाम पार्टी नेताओं के बैनर, पोस्टर व स्वागत द्वार भी हर सड़क पर चमक रहे हैं। जो जायरीन के स्वागत में लगाए गए हैं। इस बार गौर करने वाली बात यह है कि शहर में लगे सपा से होर्डिंग बैनर में नगर विकास मंत्री आजम खां को ज्यादा तरजीह दी गई। इसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्य मंत्री अखिलेश सिंह यादव के फोटो भले ऊपर लगाए गए हों मगर आजम खां फोटो काफी बड़ा लगाया गया है। यह सारी बातें खास तौर से मुस्लिमों का ध्यान आकर्षित करने का साफ संके त देती हैं।