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शेयर मार्केट में प्रवेश का द्वार है 'म्यूचुअल फंड' 

Sun, 11 Feb 2018 01:42 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Sun, 11 Feb 2018 01:42 AM IST
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Investors meet MF specialist in Nivesh Kumbh
investor summit

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पारंपरिक निवेश साधन महंगाई की दर को पार करके निवेशक के लिए बचत का सौदा बनने में विफल रहे हैं। इस मामले में इक्यूटी ही बेहतर साधन है। पर इसके सही तरीके से इस्तेमाल के लिए जरूरी है सही जानकारी। निवेश साक्षरता बढ़ाने के लिए आदित्य बिरला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड और अमर उजाला की ओर से निवेश कुंभ समिट का आयोजन किया गया। शनिवार को एग्जीक्यूटिव क्लब में हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने अनुभव के आधार पर शेयर बाजार में निवेश के संबंध में राय दी। इस मौके पर मुख्य अतिथि एसएसपी जोगेंद्र कुमार मौजूद रहे। आदित्य बिरला म्यूचुअल फंड सन लाइफ के क्लस्टर हेड बृजेश गिरि ने कार्यक्रम का संचालन किया। जबकि ब्रांच हेड बरेली सत्या उपाध्याय और ब्रांच हेड मुरादाबाद राजीव सिंह व कंपनी की पूरी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में कई चैनल पार्टनर्स ने भी शिरकत की। निवेश कुंभ में मौजूद वीके अग्रवाल, अंजू गोयल, संजय अग्रवाल आदि ने सवाल करके शंकाओं को हल किया। समाधान युवा शक्ति सोसाइटी की ओर से निवेश साक्षरता के संबंध में नाट्य मंचन किया गया।

यह है विशेषज्ञ की राय

सेविंग के लिए लक्ष्य बनाए, पूंजी का बंटवारा करें
आदित्य बिरला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के जोनल हेड विकास माथुर ने कहा कि सेविंग के लिए लक्ष्य तय करें। म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए अपनी पूंजी का बंटवारा कर लें। अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर फानेंशियल एडवाइजर से प्लान बनवाएं। फंड एडवाइजर की भूमिका फंड को मार्केट के हिसाब से मैनेज करना है। एफडी की जगह स्टॉक मार्केट में रुपया लगाए। इक्विटी में भी निवेशक को पासबुक की तरह स्टेटमेंट मिलता है। जिससे वह अपने अकाउंट के बारे में पता कर सकता है। बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं तो डेब्ट और हाईब्रिड फंड में निवेश करें।
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इंपल्सिव स्पेडिंग से बचे, नहीं बिगड़ेगी फ्यूचर सेविंग

 म्यूचुअल फंड पर सन 1990 से काम कर रहे विशेषज्ञ धीरेंद्र कुमार पुराने और वर्तमान समय में अंतर करते हुए बोले कि हम साधनों की प्रचूरता के दौर में जी रहे हैं। इंपल्सिव स्पेडिंग से बचें, यह हमारे भविष्य की बचत को खत्म करती है। कोई भी भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करते समय महंगाई दर को जरूर जोड़ें। उसी हिसाब से निवेश साधन भी हो जो महंगाई दर को क्रॉस करके बचत दे सके। एफडी या पीपीएफ ऐसा करने में असफल हैं। इक्यूटी ही इसका बेहतर विकल्प है। मार्केट के उठने या गिरने का असर लांग टर्म में तय होता है, धैर्य रखें। रिटायर्ड लोग सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं, उन्हें इस रिस्क को समझकर म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करना चाहिए। रुपये को अलग-अलग लगाए ताकि कुछ रुपया डूबने पर नुकसान ज्यादा न हो।
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 बजट के बाद फायदेमंद है ये करेक्शन
आदित्य बिरला सन लाइफ लिमिटेड में सीनियर फंड मैनेजर की जिम्मेदारी निभा रहे मूल रूप से बरेली के अजय गर्ग विश्व के पचास सर्वश्रेष्ठ फंड मैनेजर में 42वें नंबर पर आते हैं। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि बजट में लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगने के बाद मार्केट गिरा था, जो अब संभलने लगा है। मार्केट का यह करेक्शन सही है। इससे भविष्य के खतरे अभी सुलझ रहे हैं। फंड मैनेजर के काम को जांचने की प्रक्रिया अब ज्यादा व्यवस्थित है। रिस्क मैनेजमेंट बढ़ गया है। पोर्ट फोलियो की क्वालिटी के आधार पर रिस्क और रिटर्न निर्भर करता है। आवश्यकता पड़ने पर इस रुपये को निकाला भी जा सकता है। कोशिश करें कि ऐसी पूंजी ही इक्युटी में लगाए जिसे तुरंत निकालना न पड़े। 
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