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Bareilly News: जांच में खुलासा, ज्योरा मकरंदपुर में कागजों में बनाया नाला
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कागजों पर नाला बनाकर करीब चार लाख रुपये निकालने की थी तैयारी
बरेली। मनरेगा के जिला लोकपाल शिशुपाल मौर्य की जांच में खुलासा हुआ है कि नवाबगंज की ग्राम पंचायत ज्योरा मकरंदपुर में कागजों में नाला बनाया जा रहा था। इससे करीब चार लाख रुपये निकालने की भी तैयारी कर ली गई थी। अब जो कर्मचारी फंस रहे हैं, वे कह रहे हैं कि उनकी आईडी का दुरुपयोग हुआ है।
जांच अधिकारी के मुताबिक आठ व नौ सितंबर को 444-444 श्रमिकों को काम पर दिखाया गया। 10 सितंबर को 436 व 11 सितंबर को 434 श्रमिकों की हाजिरी भरकर नाला खोदाई का काम पोर्टल पर फीड किया गया। जब मौके पर स्थिति देखी तो वहां कोई नाला नहीं खोदा गया था। चार दिनों में कुल 1758 श्रमिकों की हाजिरी भरकर लगभग चार लाख रुपये हड़पने की तैयारी थी।
वहीं, ग्राम ज्योरा मकरंदपुर में केवल 460 घर हैं। फिर सवाल ये भी उठता है कि इतने मनरेगा श्रमिक कहां से आए। इस संबंध में भी एक फिर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मौके पर प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक के लिखित बयान ले लिए गए हैं। सभी अनजान बन रहे हैं। अब मनरेगा अधिनियम 2005 के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होगी। ब्यूरो
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बरेली। मनरेगा के जिला लोकपाल शिशुपाल मौर्य की जांच में खुलासा हुआ है कि नवाबगंज की ग्राम पंचायत ज्योरा मकरंदपुर में कागजों में नाला बनाया जा रहा था। इससे करीब चार लाख रुपये निकालने की भी तैयारी कर ली गई थी। अब जो कर्मचारी फंस रहे हैं, वे कह रहे हैं कि उनकी आईडी का दुरुपयोग हुआ है।
जांच अधिकारी के मुताबिक आठ व नौ सितंबर को 444-444 श्रमिकों को काम पर दिखाया गया। 10 सितंबर को 436 व 11 सितंबर को 434 श्रमिकों की हाजिरी भरकर नाला खोदाई का काम पोर्टल पर फीड किया गया। जब मौके पर स्थिति देखी तो वहां कोई नाला नहीं खोदा गया था। चार दिनों में कुल 1758 श्रमिकों की हाजिरी भरकर लगभग चार लाख रुपये हड़पने की तैयारी थी।
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वहीं, ग्राम ज्योरा मकरंदपुर में केवल 460 घर हैं। फिर सवाल ये भी उठता है कि इतने मनरेगा श्रमिक कहां से आए। इस संबंध में भी एक फिर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मौके पर प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक के लिखित बयान ले लिए गए हैं। सभी अनजान बन रहे हैं। अब मनरेगा अधिनियम 2005 के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होगी। ब्यूरो
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