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कुत्ते ने नोच डाला मासूम का मुंह 

Sun, 26 Feb 2017 01:01 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Sun, 26 Feb 2017 01:01 AM IST
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Innocent torn by the dog's mouth
Innocent torn by the dog's mouth - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बहेड़ी में हमलावर कुत्तों का आतंक जारी है। मोहल्ला शेखूपुरा में अपने ताऊ के घर के सामने खेल रहे चार साल के बच्चे पर गली का कुत्ता झपट पड़ा। कुत्ते ने सीधे बच्चे के मुंह पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद मोहल्ले वालों ने किसी तरह कुत्ते की पकड़ से बच्चे को छुड़ाया। उसके होंठ, नाक के पास और गाल पर बायीं ओर कुत्ते के नुकीले दांत के निशान लगे जिससे खून बहने लगा। बेहद सहम गए बच्चे को परिवार वाले तुरंत सीएचसी ले गए। गाल में कटी हुई जगह पर टांके लगाकर बच्चे का प्राथमिक उपचार किया गया पर सीएचसी पर रैबीज का वैक्सीन न होने से बिना टीका लगाए उसे वापस भेज दिया। मौजूद लोगों ने सीएचसी प्रभारी से वैक्सीन न होने पर नाराजगी भी जताई। 
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 मोहल्ला केशवपुरम के सीताराम दुबे अपने चार वर्ष के बेटे राघव को लेकर बड़े भाई वशिष्ठ मिश्रा के घर मोहल्ला शेखूपुरा गए। दोपहर करीब 1.30 बजे राघव खेलता हुआ घर के बाहर निकल आया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि गली से गुजर रहे कुत्ते ने अचानक बच्चे पर हमला कर दिया। वह मासूम का खींचकर ले जाने लगा। शोर मचाते हुए, डंडा फेंककर मोहल्ले वालों ने बच्चे को छुड़ाया। 
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लगातार हमलों के बाद भी नहीं जागा स्वास्थ्य अमला 
बहेड़ी। इस इलाके में कुत्तों के हमले से मौत की कई घटनाएं हो चुकी हैं पर स्वास्थ्य अमला पीड़ितों के उपचार के लिए अब तक तैयार नहीं हुआ है। शनिवार को चार साल के बच्चे को लेकर परिवार वाले पहुंचे तो सीएचसी में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं था। सीएचसी प्रभारी डॉ. केसी जोशी कह रहे हैं कि वैक्सीन रविवार शाम तक आ जाएगी, घायल बच्चे का प्राथमिक उपचार कर दिया है। उसे सोमवार को बुलाया है, रैबीज का टीका लगा देंगे। यह टीका कुत्ते के काटने के दस दिन के अंदर लग जाना चाहिए। 
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हमलावर बंदरों को पकड़वाने की डीएम से मांग 
राजपुर कलां। इलाके के लोग बंदरों के काटने की घटनाओं से खौफ में हैं। शनिवार को गांव के लोगों ने जिला अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर हमलावर हो रहे बंदरों को पकड़वाने की मांग की। मांग करने वालों में राजपुर कलां के अलावा गांव किदौना बार, सिरसा, अनुरुद्दपुर के चोखे लाल मौर्य, हाकिम सिंह यादव, जय पाल सिंह, गजेंद्र यादव, प्रवीन सक्सेना, रिंकू यादव, ओम सिंह, रजनेश वर्मा आदि दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। उनका कहना है कि  बंदर कई बच्चों पर हमला करके काट चुके हैं। साथ ही बंदर गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। ने जिला अधिकारी से बंदरो को पकड़ बा कर कही बाहर छुड बाने की मांग की है


फसल बर्बाद कर रहे पशुओं ने याद दिलाए काजी हाउस 
नवाबगंज। किसी जमाने में फसलों को जानवरों से बचाने के लिए काजी हाउस बनाए जाते थे। देहात में लगातार हो रही जानवरों के आतंक की घटनाओं से इसकी जरूरत ग्रामीणों को महसूस होने लगी है। वहीं शहर में बने काजी हाउस के परिसर पर शहरियों की सुविधा के लिए कम्यूनिटी हॉल बना दिया  है। नगर से सटे गांव याकूबपुर, ईंध जागीर और बहोरनगला में आवारा घूमने वाले जानवरों के कारण कई बीघा गेहूं की फसल नष्ट हुई है। कांटेदार तार से खेत में बाड़ बनाकर भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। कई साल पहले तक व्यवस्था थी कि आवारा घूम रहे जानवरों को ग्रामीण शहर में बने काजी हाउस पहुंचा आते थे। जहां से जानवर को उसके स्वामी को जुर्माना जमा करने के बाद ही सौंपा जाता था। साथ ही जानवर को खिलाए चारे की रकम भी उससे ही ली जाती थी।  
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