Cow Urine: भूलकर भी न पिएं ताजा गोमूत्र, हो सकते हैं बीमार, शोध में मिले कई घातक बैक्टीरिया
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने गोमूत्र पर शोध किया था, जिसमें सामने आया है कि ताजे गोमूत्र का उपयोग इंसान के लिए नुकसानदायक हैं।
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गोमूत्र सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है, पूजापाठ में भी इसका प्रयोग होता है, मगर बगैर शोधन इसका किसी भी तरह उपयोग बीमार बना सकता है। इसकी पुष्टि भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली के महामारी विज्ञान विभाग के शोध में हुई है। दावा है कि चरक संहिता को आधार मानकर गोमूत्र लेकर उसकी जांच की गई तो उसमें कई घातक बैक्टीरिया मिले। लिहाजा, शोधित गोमूत्र के उपयोग का सुझाव दिया है।
महामारी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रधान वैज्ञानिक डॉ. भोजराज सिंह के मुताबिक पिछले साल जून में उनकी टीम ने गोमूत्र पर शोध शुरू किया था। इसमें कौन से बैक्टीरिया हैं और कौन सी नस्ल की गायों के मूत्र में कम बैक्टीरिया हैं, इसका पता लगाने के लिए यह शोध शुरू किया गया था।
इंफेक्शन करने वाले बैक्टीरिया भी मिले
दूसरा उद्देश्य यह पता करना था कि यूरिन में बैक्टीरिया को मारने की क्षमता है या नहीं। जांच में ज्यादातर यूरिन में बैक्टीरिया मिले। इसमें साल्मोनेला, इकोलाई, क्लैपसेला निमोनी और घाव में इंफेक्शन करने वाले बैक्टीरिया भी मिले।
उन्होंने बताया कि स्थानीय डेयरी फार्म से तीन प्रकार की गाय साहीवाल, थरपारकर, वृंदावनी की बछिया, बछड़े, भैंस के पड्डा, पड़िया और मनुष्यों में लड़के और लड़कियों के मूत्र के 78 सैंपल की जांच की थी। मनुष्य के मूत्र का किसी भी प्रकार से उपभोग न करने की सलाह दी है।