{"_id":"578fdbfc4f1c1b2d33c4b6dc","slug":"india-us-army-maneuvers-in-september","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत अमेरिकी सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास सितंबर में ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत अमेरिकी सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास सितंबर में
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-अमेरिकी सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास अब सितंबर 2016 में होगा। इसमें दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे को युद्ध का संयुक्त प्रशिक्षण देंगी और लड़ाई की तकनीकी का आदान प्रदान करेंगी। दोनों देशों की सेना के उच्चाधिकारियों ने आपसी विचार विमर्श के बाद संयुक्त युद्धाभ्यास सितंबर में कराने का निर्णय लिया है।
भारत अमेरिकी सेनाएं इससे पहले उत्तराखंड के चौबटिया मिलिट्री स्टेशन पर संयुक्त युद्धाभ्यास दो सल पहले सितंबर 2014 में कर चुकी हैं। इसमें दोनों देशों की सेना ने एक दूसरे से युद्ध के तरीके, तकनीकी, उपकरण और आपरेशन के अनुभव साझा किए थे। इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों को इसी स्थान पर 18 जुलाई से संयुक्त युद्धाभ्यास करना था। आपसी विचार विमर्श के बाद सैनिकों ने संयुक्त युद्धाभ्यास सितंबर 2016 में करने का निर्णय लिया है। इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सैनिक विभिन्न आपरेशन के अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ लड़ाई में अपनाई जाने वाली तकनीक का संयुक्त रूप से प्रशिक्षण हासिल करेंगे। दोनों के साझा युद्धाभ्यास को सैन्य प्रशिक्षण के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन
भारत अमेरिकी सेनाएं इससे पहले उत्तराखंड के चौबटिया मिलिट्री स्टेशन पर संयुक्त युद्धाभ्यास दो सल पहले सितंबर 2014 में कर चुकी हैं। इसमें दोनों देशों की सेना ने एक दूसरे से युद्ध के तरीके, तकनीकी, उपकरण और आपरेशन के अनुभव साझा किए थे। इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों को इसी स्थान पर 18 जुलाई से संयुक्त युद्धाभ्यास करना था। आपसी विचार विमर्श के बाद सैनिकों ने संयुक्त युद्धाभ्यास सितंबर 2016 में करने का निर्णय लिया है। इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के सैनिक विभिन्न आपरेशन के अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ लड़ाई में अपनाई जाने वाली तकनीक का संयुक्त रूप से प्रशिक्षण हासिल करेंगे। दोनों के साझा युद्धाभ्यास को सैन्य प्रशिक्षण के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन